
डोंगरीपाली में कालेज खोलने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मिले क्षेत्रवासी,
सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला तहसील अंतर्गत डोंगरीपाली क्षेत्र में कॉलेज की स्थापना की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। यह मुद्दा पिछले चुनावों के दौरान भी क्षेत्र में चर्चाओं में था, लेकिन अब स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के प्रयासों से इसे फिर से प्रमुखता मिल रही है। शुक्रवार को होली मिलन समारोह के दौरान, जिला पंचायत सदस्य सहोद्रा सिदार के नेतृत्व में कोठीखोल क्षेत्र के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सामने इस अहम मांग को उठाया।
उन्होंने बताया कि डोंगरीपाली क्षेत्र में कॉलेज न होने के कारण स्थानीय छात्र- छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि जल्द ही इस क्षेत्र में डिग्री कॉलेज स्थापित किया जाएगा, जिससे स्थानीय विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक सुविधाएं मिल सकेंगी। 50 गांवों को मिलेगा लाभ
डोंगरीपाली क्षेत्र में उच्च शिक्षा संस्थान नहीं होने के कारण छात्र-छात्राओं को 30 किलोमीटर दूर स्थित
निकटतम महाविद्यालय जाना पड़ता है। इस दूरी के बीच घने जंगल पड़ते हैं, जिससे छात्रों को सफर करने
में असुविधा होती है। आदिवासी बाहुल्य इस क्षेत्र में अधिकतर परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं, जिससे
कई मेधावी छात्र उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं।स्थानीय लोगों ने आवेदन में उल्लेख किया कि डिग्री कॉलेज खुलने से लगभग 50 गांवों केविद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र जो रायगढ़ या सारंगढ़ जाकरपढ़ाई नहीं कर सकते, वे अपने ही क्षेत्र में उच्च शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। इसके अलावा, महिलाओं के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा, क्योंकि अब उन्हें घर के पास ही शिक्षा प्राप्त करने का अवसर
मिलेगा।
ग्रामीणों की बढ़ती उम्मीदें
क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की ओर से लंबे समय से कॉलेज की मांग उठाई जा रही है। इस बार
मुख्यमंत्री से मिले आश्वासन के बाद लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का
मानना है कि यदि कॉलेज की स्थापना शीघ्र होती है तो यह पूरे क्षेत्र के शैक्षिक विकास में मील का पत्थर
साबित होगा। डोंगरीपाली के युवा वर्ग ने भी इस पहल का समर्थन किया है और कॉलेज खुलवाने के लिए
निरंतर आवाज उठाने की बात कही है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस मांग को कितनी जल्दी
अमलीजामा पहनाती है और क्षेत्र के विद्यार्थियों के भविष्य को उज्जवल बनाने की दिशा में क्या ठोस
कदम उठाए जाते हैं।
लंबे समय से हो रही महाविद्यालय की मांग
सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिला बनने के बाद यह क्षेत्र आदिवासी बाहुल्य होने के कारण आदिवासियों के लिये एक
सुरक्षित सीट है। क्षेत्र के आदिवासी छात्रों को उच्च शिक्षा और कौशल प्रदान करने के लिए महाविद्यालय
की मांग वर्षों से उठ रही है। अगर क्षेत्र में कॉलेज स्थापित हो जाता है तो कला, विज्ञान, वाणिज्य, आदि
प्रबंधन का अध्ययन कर सकेंगे। जिला बनने के बाद 2021 में पिछली राज्य सरकार ने कॉलेज स्थापना की
घोषणा की थी। लेकिन यह अब तक पूरी न हो सकी।