
जनपद पंचायत चुनाव में भाजपा से बगावत का मामला नें पकड़ा तूल, पहले समीक्षा बैठक मे हंगामा फिर बडे नेताओ से शिकायत! आधा दर्जन भाजपा नेता हो सकते है निष्कासित?
कांग्रेस को थाली मे परोसकर दिया अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद,
पूर्णत: राजनैतिक षड़यंत्र के तहत किया गया बगावत,
सारंगढ़ भाजपा मे मचा है घमासान,
जिलाध्यक्ष ज्योति पटेल पर उठ़ रहे है गंभीर सवाल?
3 दिन पहले से ही प्लान हो गया था फायनल
बगावत करने वाले के पैसे वापस कर उसे कांग्रेस को सौपा था एक भाजपा नेता नें,
पढ़िये जनपद पंचायत चुनाव की इनसाईड स्टोरी
सारंगढ़ टाईम्स,
सारंगढ़ जनपद पंचायत में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव के दिन ऐन मौके पर भाजपा से बगावत करके अध्यक्ष पद पर कांग्रेस के सर्मथन से जनपद अध्यक्ष बने श्रीमती ममता राजीव सिंह ठाकुर का खुलाघात- भीतरघात का आग अभी तक बुझा नही है। गत दिनो भाजपा जिला कार्यालय में हुआ एक बैठक के दौरान जमकर बवाल मचा और मामला हाथापाई और गाली-गलौच तक जा पहुंचा था। वही भाजपा में हुई कथित बगावत में संरक्षक की भूमिका निभाने वाले भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओ के साथ भाजपा से बगावत करने वालो को निष्कासित करने की मांग को लेकर दर्जन भी बीडीसी वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी और सांसद राधेश्याम राठिया से मुलाकात कर इस षड़यंत्र की पूरी कहानी बड़े नेताओ के सामने रखे जहा पर वित्त मंत्री ने आश्वास्त किया कि भाजपा में बागवत करने और कराने वाले दोषियो को छोड़ा नही जायेगा।
दरअसल सारंगढ़ जनपद पंचायत के सदस्यो के चुनाव 23 फरवरी को संपन्न हुए थे तथा जनपद पंचायत के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष पद का चुनाव 8 मार्च हुआ। 25 सदस्यीय जनपद पंचायत में 14 जनपद सदस्य अपने साथ रखे भाजपा इस बार पूर्ण रूप से आश्वस्त थी कि जनपद पंचायत में अध्यक्ष- उपाध्यक्ष उनका होगा किन्तु ऐन मौके पर अध्यक्ष पद के दावेदार ममता सिंह ठाकुर ने करवट बदला और महज चंद मिनट पहले भाजपा से बगावत करके कांग्रेस मे शामिल होकर जनपद पंचायत के अध्यक्ष निर्वाचित हुए। इससे भाजपा खेमे में सन्नाटा पसर गया। वही पूरे मामले को लेकर गत दिनो भाजपा के जिला कार्यालय मे एक बैठक का आयोजन किया गया जहा पर जमकर बवाल मचा। ममता सिंह के द्वारा किया गया बगावत को पूर्ण रूप से षड़यंत्र बताते हुए कुछ जनपद सदस्यो ने भाजपा के लिये खुलाघात और भीतरघात करने वालो नेताओ को नाम जगजाहिर करते हुए इसके लिये दोषी नेताओ को
पार्टी से बाहर करने और ममता सिंह के साथ-साथ बगावत करने वाले जनपद सदस्यो को भी पार्टी से निष्कासित करने की मांग किया। इस संबंध मे सूत्र बताते है कि जनपद पंचायत चुनाव को लेकर भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओ का ही नाम इस षड़यंत्र मे सामने आ रहा है जिसमे कुछ नेताओ ने 72 घंटे पहले से कांग्रेस के नेताओ के साथ गुप्त वार्तालाप करके पूरे षड़यंत्र को तैयार किया तथा तय प्लान के अनुसार ममता सिंह को चुनाव के 10 मिनट पहले कांग्रेस खेमे मे चार बीडीसी के साथ सौपकर भाजपा को हराने मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जिसमें प्रमुख रूप से भाजपा के पूरे आयोजन की जानकारी पल- पल का देने की बाते एक बड़े नेता के ऊपर आ रही है। जिसके द्वारा कांग्रेस नेताओ के साथ मिलीभगत करके कांग्रेस के जनपद सदस्यो को मैनेज करने के लिये फंड़ देने तथा अध्यक्ष बागी भाजपाई तथा उपाध्यक्ष कांग्रेसी नेता का होने का पूरा प्लान भी तैयार किया था और अध्यक्ष-उपाध्यक्ष का चुनाव पूर्ण नियोजित षड़यंत्र के साथ ही संपन्न हुआ था।
भाजपा को धोखा दिया भाजपा के ही जिला कोषाध्यक्ष नें?
सुत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार जनपद सदस्यों में से जिन लोगों को अध्यक्ष बनना होता है वो सभी लगभग 8
अंकों की भारी भरकम राशि को सिक्युरिटी स्वरूप पार्टी में जमा किये थे, अध्यक्ष बनने के जिन जिन लोगों ने उक्त
भारी भरकम राशि को पार्टी में जमा किया उनमें रजनी चोखलाल पटेल, रूकमणी रामचरण पटेल और श्रीमती ममता
राजीव सिंह मुख्य रूप से रहे। पार्टी द्वारा जिस नाम पर मुहर लगती है तो उनके अन्य दावेदार पार्टी से बगावत ना
करें इन बातों को लेकर ही सिक्युरिटी डिपोजिट कराया गया था। सिस्टम यह है कि सिक्युरिटी डिपोजिट के बाद भी
यदि कोई दावेदार बागी हो जाता है तो ऐसी स्थिति में बागी के सिक्युरिटी डीपोजिट राशि को पार्टी में रख लिया जाता
है और उसे वापस नही दिया जाता है। सारंगढ़ जनपद चुनाव में रजनी चोखलाल पटेल और रूकमणी रामचरण पटेल
की राशि जहां पार्टी में जमा हुई तो वहीं सुत्र बताते हैं कि ममता राजीव सिंह की सिक्युरिटी डिपोजिट भाजपा जिला
कोषाध्यक्ष अमित अग्रवाल के पास जमा था। चुनाव वाले दिन रजनी चोखलाल पटेल का नाम घाषित होते ही भाजपा
के ही कुछ नेताओं ने ममता राजीव सिंह का मनोबन बढाया और वह सराईपाली से सारंगढ़ के लिए निकल गया।
आर्श्चय जनक रूप से उसके सारंगढ़ आते आते ममता राजीव सिंह का सिक्युरिटी डिपोजिट भी रीलीज कर दिया गया
जो पुरी तरह से अमित अग्रवाल के जिम्मे में था। चार दिन पहले भी जनपद सदस्यों ने चंदाई स्थित पार्टी कार्यालय में
अमित अग्रवाल पर करोड़ों रूपयों के हेराफेरी का आरोप लगाया। मिली जानकारी के अनुसार अमित अग्रवाल ने बैठक
में सार्वजनिक तौर पर सिक्युरीटी डीपोजिट को रीलीज करने की घटना को स्वीकारा और गलती का नाम दिया
जिसके बाद से जनपद सदस्यों में बहुत ज्यादा आक्रोश देखने को मिल रहा है। बताया जा रहा है कि ममता सिंह
ठाकुर के बगावत करने मे जिला कोषाध्यक्ष अमित अग्रवाल को पूर्ण रूप से सहयोग माना जा रहा है।
उनके मोबाईल डिटेल से भी कांग्रेस नेताओ के साथ उनका वार्तालाप का सबूत मिल जायेगा। ऐसे कई
बिन्दु पर अमित अग्रवाल के कार्यप्रणाली की वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी और सांसद राधेश्याम राठिया के
पास भाजपाई जनपद सदस्यो के द्वारा शिकायत किया गया है।
जिलाध्यक्ष ज्योति पटेल पर कार्यवाही को लेकर जनपद सदस्य अड़े!
15 मार्च को वित्त मंत्री और रायगढ़ विधायक ओ.पी.चौधरी से मिलने के दौरान जनपद सदस्यों ने सारंगढ़ जनपद में
सरकार ना बनने का कारण सीधे-सीधे तौर पर ज्योति पटेल और अमित अग्रवाल को माना है और दोनो पर कडी
कार्यवाही की मांग की है। इसके साथ भाजपा समर्थित जनपद सदस्यों ने आरोप भी लगाया कि जनपद सदस्य ममता
राजीव सिंह को पार्टी में लाने के लिए ज्योति पटेल और उनके साथी लगातार प्रयास कर रहे हैं जिससे स्पष्ट हो चुका है
कि पार्टी द्वारा घोषित अध्यक्ष प्रत्याशी को हरवाने के लिए अमित अग्रवाल और ज्योति पटेल समेत कुछ और लोगों
ने बडे स्तर पर राजनिति की है और पार्टी की प्रतिष्ठा को धुमिल किया है। उल्लेखनीय है कि जिलाध्यक्ष ज्योति
पटेल की कार्यप्रणाली से भाजपा कार्यकर्ताओ मे भी खासा आक्रोश है। जिला पंचायत के चुनाव मे
जिलाध्यक्ष ज्योति पटेल का भाई मोती पटेल खुलेआम कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार अरूण मालाकार के
साथ जुड़कर उनका प्रचार कर रहे थे। ऐसे मे जनपद पंचायत मे भाजपा में बगावत का बड़ा कारण जिला
भाजपा अध्यक्ष ज्योति पटेल और मोती पटेल के संदिग्ध कार्यप्रणाली तथा जिला कोषाध्यक्ष अमित
अग्रवाल का दोगलापन को माना जा रहा है। भाजपा कार्यकर्ताओ ने जिलाध्यक्ष ज्योति पटेल सहित दागी
भाजपा नेताओ को पार्टी से निष्कासित करने की मांग किया है।
विधानसभा हार के बाद भी पार्टी ने नही लिया सबक !
पूरे सारंगढ़ को इस बात की जानकारी है कि विगत विधानसभा चुनाव में भीतरघातियों के कारण भाजपा प्रत्याशी
श्रीमती शिवकुमारी चौहान को करारी हार का सामना करना पड़ा है, उस समय यदि खुलाघात करने वालों पर पार्टी ने
कार्यवाही की होती तो आज जनपद में पार्टी का कब्जा होता लेकिन जिस प्रकार से पार्टी में भीतरघातियों को संरक्षण
प्रदान किया जाता है उसके कारण ही आज बहुमत होने के बाद भी भाजपा जनपद में काबिज नही हो पाई। कांग्रेसियों
से लगातार संबंध रखने वाले चेहरों ने आज जनपद में पार्टी द्वारा घोषित प्रत्याशी को हराने में कोई कसर नही छोड़ी
है जिसके कारण अब पार्टी नेतृत्व के प्रति कार्यकर्ताओं में बगावत देखने को मिल रही है।
प्रदेश कार्यालय में जाकर दे सकते हैं धरना
सूत्र बताते हैं कि ओपी चौधरी को जनपद सदस्यों ने अपनी पीड़ा बयां की है। जिला अध्यक्ष के द्वारा जल्द से जल्द
भीतरघातियों पर कार्यवाही नही होती है तो प्रदेश स्तर में जाकर जनपद सदस्य ना सिर्फ अपनी बात रखने वाले हैं
बल्कि जिलाध्यक्ष के कार्यप्रणाली को लेकर वहां पर धरना प्रदर्शन भी कर सकते हैं। जिस प्रकार से यहां पर पार्टी को
कमजोर करने वालों को ही मुखिया बना दिया गया है उनके कारण कार्यकर्ताओं में बहुत ज्यादा हताशा देखने को मिल
रहा है। पैसों की राजनिति करने वालों के कारण सारंगढ़ में पार्टी के प्रति विश्वास समाप्त होता जा रहा है।
सारंगढ़ भाजपा में चल रहा है मनमानी का दौर?
चार दिन पहले जनपद सदस्यों के बुलावे पर आहुत की गई बैठक में भारी भरकम राशि को लेकर बहुत बवाल हुआ
लेकिन जिलाध्यक्ष और कोषाध्यक्ष की बीच की सांठगांठ सभी को स्पष्ट तौर पर दिख रही थी। नव निर्मित भाजपा
कार्यालय में बहुत प्रकार से अवांछित कार्य संपादित हो रहे हैं जिसको लेकर भी प्रदेश संगठन में शिकायत की गई है
जिसके कारण आने वाले दिनों में कडी कार्यवाही देखने को मिल सकती है। ज्योति पटेल ने ममता राजीव को लेकर
कार्यवाही की बात कही है लेकिन अभी तक इस मामले में कोई कार्यवाही प्रदेश स्तर से देखने को नही मिली है तो वहीं
अमित अग्रवाल पर कार्यवाही के नाम पर ज्योति पटेल ने लगभग चुप्पी साध ली है। पार्टी में जमा की गई सिक्युरिटी
डिपोजिट को जिस प्रकार से निडर होकर अमित अग्रवाल ने रिलीज कर दिया वह सीधे तौर पार्टी के साथ धोखा है
जिस पर ज्योति पटेल के साथ उनके कुछ साथी परदा डालने का प्रयास कर रहे हैं और उन्हे बचाने का प्रयास कर रहे
हैं। आने वाले दिनों में ज्योति पटेल क्या कार्यवाही करेंगे वह तो वक्त ही बताएगा लेकिन जिस प्रकार से पार्टी के
भीतर कांग्रेस से सांठगांठ करने वालों ने अति मचा रखा है उसके कारण भाजपा कार्यकर्ताओं में बहुत ज्यादा नाराजगी
देखने को मिल रही है।
जिलाध्यक्ष ज्योति, जिला कोषाध्यक्ष अमित, भुवन मिश्रा, जगन्नाथ, निखिल के शिकायत की खबरें?
इस संबंध मे सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार सारंगढ़ जनपद पंचायत के चुनाव में जिस प्रकार से
भाजपा के बहुमत होने के बाद भी बगावत करके कांग्रेस का खुशी मनाने का अवसर देने के इस कांड़ के
पीछे जिलाध्यक्ष ज्योति पटेल और जिला कोषाध्यक्ष अमित अग्रवाल का नाम लेकर उनके खिलाफ
शिकायत किया गया है। सूत्र बताते है कि जनपद पंचायत अध्यक्ष पद के लिये ममता राजीव सिंह के
नाम पर निर्णय नही देने पर उसको बगावत करके कांग्रेस के साथ हाथ मिलाकर जनपद अध्यक्ष बनने
के लिये उकसाने में बड़े भाजपा नेताओ का नाम है जिसमें जिलाध्यक्ष ज्योति पटेल, जिला कोषाध्यक्ष
अमित अग्रवाल तथा वरिष्ठ नेता भुवन मिश्रा, जगन्नाथ केशरवानी और जिला मंत्री निखिल बानी का
नाम प्रमुख तौर पर सामने आ रहा है। सूत्र बताते है कि भाजपाई जनपद सदस्यो ने सांसद राधेश्याम
राठिया के सामने उक्त नेताओ का नाम रखकर इनको पार्टी से निष्कासित करने की मांग किया है।