
तालाब गहरीकरण को लेकर जिला प्रशासन क्यों है संवेदनहीन ? वार्डवासियों में देखा जा रहा है खासा रोष
सारंगढ़ टाईम्स/सारंगढ़
सारंगढ़ वार्ड क्रमांक 04 स्थित साहनी मोहल्ला तालाब गहरीकरण को लेकर वार्ड वासी और उक्त वार्ड के पार्षद मयूरेश केशरवानी पिछले तीन सालों में आधे दर्जन से अधिक आवेदन दे चुके हैं लेकिन शासन प्रशासन उक्त तालाब में गहरीकरण नही करने को लेकर सौगंध खाकर बैठे हुए हैं जिसके कारण से लगातार आधे दर्जन से अधिक आवेदनों के बाद भी कोई रिस्पोंस देखने को नही मिला है। सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिला मुख्यालय के मुख्य मार्ग से लगा हुआ यह तालाब अपनी बदहाली पर आंसु बहा रहा है, लेकिन शासन प्रशासन के कानों पर जुं नही रेंग रही है। नहाने के पानी से लेकर पिनेके पानी तक के लिए बहुत परेशानी हैं यहाँ पर।
वार्ड को लेकर क्या है स्थिति
सारंगढ़ का वार्ड क्रमांक 04 रायपुर रोड़ ब्लॉक कालोनी इंडोर स्टेडियम से लेकर रायगढ़ रोड़ में साहनी मोहल्ले होते हुए चिंगरीपाली तक जाता है। उक्त वार्ड का विशेष तौर पर साहनी मोहल्ला और चिंगरीपाली पुरे क्षेत्र के सबसे पिछडे बस्ती के रूप में जाना जाता है। वार्ड के अन्य 14 गलियों में तो फिर भी बुनियादी सुविधाएं हैं लेकिन साहनी मोहल्ला और चिंगरीपाली आज भी विकास से कोसों दुर है। इन दोनो क्षेत्रों को लेकर वार्ड वासी समय समय पर आवेदन और आंदोलन करते ही रहे हैं। कभी ग्राम पंचायत रानीसागर में आने वाले ये दोनो क्षेत्र नगर पालिका उन्नयन के बाद वर्ष वर्ष 2016 में पालिका क्षेत्र में सम्मिलित हुए। यहां पर यह जानना भी महतवपुर्ण है कि नगर पंचायत से पालिका उन्नयन के दौरान चंद विकास विरोधी तत्वों के कारण पुरे पांच वर्षों तक लगभग 21 गांव जो कि पालिका उन्नयन के पश्चा्त पालिका में शामिल होने वाले थे उन सभी में ग्राम पंचायत चुनाव नही हुए जिसके कारण वो क्षेत्र पुरे पांच सालों तक विकास से अवरूद्व रहे। इन 21 गांवों में साहनी मोहल्ला और चिंगरीपाली भी शामिल रहा जिसके कारण वहां पर भी कोई विकास कार्य नही हुए। 2016 के बाद यहां पर विकास कार्य के नाम पर सिर्फ लीपापोती होती रही।
अंतिम बार तालाब गहरीकरण 30 साल पहले
इस वार्ड के साहनी मोहल्ले से लेकर चिंगरीपाली तक में कुल 4 तालाब हैं लेकिन नगर पालिका के द्वारा उक्त किसी भी तालाब को लेकर संवेदनशीलता नही दिखाई गई। वार्ड वासियों और जन प्रतिनिधि के सक्रियता की वजह से बीते तीन वर्षों में तीन बार तालाब की सफाई जरूर हुई है लेकिन गहराई नही होने के कारण जलकुम्भी से पुरा तालाब पट जाता है। सारंगढ़ के दो मुख्य मार्ग को प्रभावित करने वाले इस वार्ड को लेकर नगर पालिका के बाद जिला प्रशासन द्वारा जिस प्रकार से संवेदनहीनता का परिचय दिया जा रहा है वह बेहद निराशाजनक है। विशेषकर साहनी मोहल्ला तालाब के बारे में जानने योग्य बात है कि इस तालाब में अंतिम बाद गहरीकरण 30 वर्ष पहले किया गया था। उसके बाद से आज तक गहरीकरण नही हुआ है।
महामारी फैली हो जवाबदार कौन ?
साहनी मोहल्ला में प्रतिदिन 300 से अधिक लोग निस्तारी कार्य संपादित करते रहे हैं, तालाब गहरीकरण नही होने और जलकुम्भी के कारण पुरी तरह पट जाने के बाद भी मोहल्ले के लोग उक्त तालाब में निस्तारी कार्य आदि करने को मजबुर हैं। नाली से भी बदबुदार पानी में लोग स्नान करने को मजबुर हैं। ऐसे में यदि किसी दिन बडी संक्रमक बिमारी ने पैर पसार लिया तो उनसका जिम्मेदार कौन होगा। अधिकारियों के द्वारा उक्त मोहल्ले की समस्याओं को लगातार अनदेखा किया जा रहा है। वह बस्ती रोज कमाने रोज खाने वाली बस्ती है। जिस प्रकार से अभी वहां पर हालात हैं उनको देखते हुए जल्द से जल्द गहरीकरण नही किया गया तो आने वाले दिनों में स्थिति बिगड़ते देर नही है।
कलेक्टर डी राहुल वेंकट से लेकर कलेक्टर धर्मेश साहु तक आवेदन ही आवेदन
वार्ड की दशा और दिशा को लेकर वार्डवासियों के अगुवाई में पार्षद मयूरेश केशरवानी ने कई बाद आवेदनों पर आवेदन दिये हैं। जिले के प्रथम कलेक्टर डी राहुल वेंकट ने तो बकायदा वार्ड वासियों को कांफ्रेंस हॉल में बैठाकर वार्डवासियों की समस्या सुनी थी और तात्कालीन दिनांक के 5 बिंदुओं वाले आवेदन में से एक महत्तवपुर्ण मांग साहनी मोहल्ला के जर्जर स्कुल भवन में अतिरिक्त कक्ष निर्माण की मांग को उच्च स्तर तक जानकरी दी और राज्य सरकार को पत्र अनुमोदित किया। जिसके बाद उक्त मोहल्ले में 20 वर्ष से जर्जर स्कुल भवन के स्थान पर नवीन स्कुल भवन बन चुका है। कलेक्टर डी राहुल वेंकट के कारण उक्त मोहल्ले के आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को पढ़ने के लिए एक छत मिल गई। वहीं कलेक्टर फरीहा आलम को भी आवेदन सौंपा गया था जिसके बाद उक्त तालाब में एक बार सफाई हुई थी। भाजपा सरकार आने के बाद कलेक्टर के एल चौहान को जब वार्ड वासियों ने आवेदन सौेंपा तो उन्होने उक्त मोहल्ले के भीतर जाकर पुरे मोहल्ले का दौरा किया। कलेक्टर के एल चौहान ने वार्ड वासियों के समस्या को देखते हुए तत्काल एक बोर खनन करने और तालाब गहरीकरण व सौंदर्यीकरण को लेकर नगर पालिका को स्टीमेट बनाकर देने को कहा और वार्डवासियों से वादा किया की डीएमएफ फंड के माध्यम से तालाब गहरीकरण व सौंदर्यीकरण का कार्य किया जावेगा। दुर्भाग्य से लोकसभा चुनाव के कारण कलेक्टर केएल चौहान का सारंगढ़ से अन्यत्र स्थानांतरण हो गया और तालाब गहरीकरण फिर से अधर से अटक गया। वर्तमान कलेक्टर धर्मेश साहु को भी वार्डवासियों से अपनी पीड़ा बताई लेकिन विडंबना है कि महज कागजी कार्यवाही के अलावा अभी तक वार्ड वासियों को कोई राहत नही मिली है। सारंगढ़ जिला मुख्यालय के मुख्य मार्ग में स्थित इस तालाब में आखिर कब गहरीकरण और सौंदर्यीकरण होगा यह कोई नही बता सकता।
ओपी चौधरी का किया गया था जोरदार स्वागत
वार्डवासियों ने बीते महिनों में पीएम आवास की मांगों के साथ प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी का भी वार्ड में जोरदार स्वागत किया था। पीएम आवास योजना से मरहुम वार्ड वासियों ने ओपी चौधरी को फलों से तौलकर उनका स्वागत सत्कार किया था। वार्ड वासियों को पुरी उम्मीद है कि आज नही तो कल वार्ड का कायाकल्प होगा लेकिन अधिकारियों के द्वारा जिस प्रकार से आर्थिक रूप से कमजोर इस मोहल्ले को नजर अंदाज किया जा रहा है उसके कारण वार्ड वााियों में बहुत ज्यादा आक्रोश देखने को मिल रहा है। तालाब गहरीकरण को लेकर वार्ड के लोग जितना ज्यादा गंभीर हैं सारंगढ़ के अधिकारी उतना ही संवेदनहनता का परिचय दे रहे हैं।
आंदोलन ही एकमात्र उपाय दिख रहा है- मयूरेश केशरवानी
वार्ड के पार्षद मयूरेश केशरवानी ने कहा कि विकास कार्यो को लेकर जिला निर्माण के बाद सबसे ज्यादा आवेदन वार्ड क्रमांक 04 के तरफ से ही गए हैं। जिला के कलेक्टर महोदय अगर चाहते तो डीएमएफ फंड से भी यहां पर कार्य करवा सकते थे लेकिन शायद आर्थिक रूप से कमजोर इस मोहल्ले की यह विकराल समस्या जिला के अधिकारियों को समस्या के रूप में नजर नही आती है। मेरे कुछ अतिशुभचिंतकों ने पार्षदमद से कार्य करवाने का सुझाव दिया लेकिन उक्त वार्ड बहुत ज्यादा पिछड़ा हुआ है वहां पर ना मंच है, ना बच्चों के लिए झुला और ना ही पानी का पाईप लाईन। जिसके कारण से बहुत से कार्य हैं जिसके कारण पार्षद मद की राशि पर्याप्त नही है। विगत के वर्षों में भी वार्ड के जिन कार्यो को प्रयासों के साथ नगर पालिका में स्वीकृत कराया था वो सभी काम ठेकेदारों के लापरवाही के वजह से प्रारंभ ही नही हुए, सरकार बदलने के साथ ही सभी अप्रारंभ कार्य रद्द हो गए। वार्ड में करने को बहुत से कार्य हैं और जिला प्रशासन सक्षम भी है। चाहें तो डीएमएफ फंड से भी आसानी से वार्ड के इस पिछडे क्षेत्र में कार्य करवाए जा सकते हैं। जिस प्रकार से दर्जनों आवेदनों के बाद भी तालाब गहरीकरण और सौंदर्यीकरण नही हो रहा है उसके कारण वार्ड वासियों में बहुत ज्यादा रोष व्याप्त है। ऐसे मे हम लोगों के पास आंदोलन के अलावा कोई अन्य मार्ग शेष नही बचता है। मोहल्लेवासियों से चर्चा उपरांन्त इस विषय में आगे पहल की जाएगी।