
सम्मी केसरवानी पर हमले के मामले में व्यापारी संगठनों में आक्रोश, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग
एसपी कार्यालय पहुंचा व्यापारी संघ, सौंपा ज्ञापन

सारंगढ़। नगर के चर्चित सम्मी केसरवानी हमला मामले में अब व्यापारी संगठनों का आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। केसरवानी समाज द्वारा विरोध दर्ज कराने के बाद अब व्यापारी संघ और चैंबर ऑफ कॉमर्स ने भी मामले को गंभीर बताते हुए पुलिस प्रशासन से कठोर कार्रवाई की मांग की है। इसी कड़ी में व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और आरोपियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग उठाई। बताया जा रहा है कि दो दिन पूर्व सारंगढ़ स्थित रानी लक्ष्मी बाई कॉम्प्लेक्स में स्थित कपड़ा दुकान में दिनदहाड़े घुसकर कपड़ा व्यवसायी सम्मी केसरवानी पर घातक हथियार से हमला किया गया था। घटना के दौरान दुकान में अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया था और आसपास के व्यापारियों में भी दहशत फैल गई थी। सम्मी केसरवानी बहुत मुश्किल से अपनी जान बचाकर दुकान से भागा पाये, आरोपी कील लगा हुआ मोटा लकड़ी नुमा हथियार से कपड़ा व्यापारी के सिर पर प्रहार कर रहे थे, जिससे उनकी मंशा खतरनाक प्रतीत हो रही थी.
थाने में मामला दर्ज, लेकिन जमानत मिलने से बढ़ा आक्रोश
घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में आरोपियों को न्यायालय से जमानत मिल गई। इस घटनाक्रम के बाद व्यापारी वर्ग और समाज के लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। व्यापारियों का आरोप है कि मामले में कुछ राजनीतिक चेहरों द्वारा हस्तक्षेप किए जाने की चर्चाएं भी नगर में चल रही हैं, जिससे निष्पक्ष कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं।व्यापारी संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि दिनदहाड़े दुकान में घुसकर इस प्रकार की हिंसक घटनाएं होंगी तो व्यापारियों के बीच भय का वातावरण बनेगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों पर ऐसी धाराएं लगाई जाएं जिससे भविष्य में कोई भी व्यक्ति कानून हाथ में लेने का साहस न कर सके।
सारंगढ़ में बढ़ती मारपीट की घटनाओं पर चिंता
नगर में लगातार बढ़ रही मारपीट और आपराधिक घटनाओं को लेकर भी व्यापारियों ने चिंता जताई। ज्ञापन में कहा गया कि हाल के समय में शहर में कानून व्यवस्था कमजोर होती दिखाई दे रही है और असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि बाजार क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। साथ ही ऐसे लोगों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए जो अपराधियों को संरक्षण देने का काम करते हैं।
“आम व्यापारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा”
व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में आम व्यापारी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि व्यापारिक प्रतिष्ठानों के भीतर भी व्यापारी सुरक्षित नहीं हैं तो कानून व्यवस्था की स्थिति पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। ज्ञापन में पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच, आरोपियों पर कठोर कार्रवाई तथा शहर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की गई है।
चैंबर ऑफ कॉमर्स के आवेदन पर टिकी निगाहें
अब नगर में चर्चा इस बात को लेकर भी है कि व्यापारी संघ और चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा दिए गए ज्ञापन का प्रशासन पर कितना प्रभाव पड़ता है। वहीं केसरवानी समाज द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के बाद मामले की गहन जांच होती है या नहीं, इस पर भी लोगों की नजरें टिकी हुई हैं। फिलहाल इस पूरे मामले ने सारंगढ़ की कानून व्यवस्था और व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। नगरवासियों का मानना है कि बढ़ते अपराधों पर समय रहते अंकुश नहीं लगाया गया तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।




