
कलेक्टर के आदेश को धत्ता बताते हुए सेजेस प्राचार्य एल.पी.पटेल ने नही छोड़ी “कुर्सी”!-

कलेक्टर ने जारी किया शो-कॉज नोटिस,
दानसरा हाई स्कूल में ज्वाइन न करने और जांच को प्रभावित करने का आरोप,-
अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी-
सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू के आदेश का पालन नही करने से खफा
कलेक्टर ने पूर्व डीईओ वर्तमान सेजेस प्राचार्य एल.पी.पटेल को कारण बताओ नोटिस जारी कर 3 दिन में
जवाब मांगा है। पूर्व डीईओ ने कलेक्टर के भी आदेश का पालन नही कर अजीबो गरीब उदाहरण पेश किया
है जिससे तय माना जा रहा है कि आने वाले दिनो में सेजेस प्राचार्य एल.पी.पटेल पर कड़ी कार्यवाही हो
सकती है।
दरअसल पूर्व डीईओ रहे और वर्तमान में सेजेस सारंगढ़ के प्राचार्य एल.पी.पटेल को
कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने 19 जून 2026 को आदेश जारी कर शास.हाईस्कूल दानसरा में संलग्न करने
का आदेश प्रसारित किया था। जिसके परिपालन में डीईओ जे.आर.डहरिया ने उनको कार्यमुक्त भी कर दिया
था किन्तु आज पखवाड़ा भर बाद भी एल.पी.पटेल सेजेस प्राचार्य के कुर्सी का मोह नही छोड़ पा रहे है और
कलेक्टर के आदेश तक का अवहेलना करने का जुर्रत कर रहे है। शास.हाईस्कूल दानसरा में संलग्न संबंधी
आदेश का परिपालन नही होने से खफा कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने प्राचार्य एल.पी.पटेल को शो-
काज नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है।
कलेक्टर के तेवर देखकर ऐसा लग रहा है कि शासन
सेजेस प्राचार्य पर बड़ी कार्यवाही कर सकता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्राचार्य लक्ष्मी प्रसाद पटेल के
विरुद्ध एक विभागीय जांच चल रही है। जांच पूर्ण होने तक शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए उनके
संलग्नीकरण को यथावत रखते हुए, उन्हें शासकीय हाई स्कूल, दानसरा विकासखण्ड सारंगढ़ में संलग्न होने
का आदेश 19 जून 2026 को जारी किया गया था। लेकिन, कलेक्टर कार्यालय के संज्ञान में आया है कि प्राचार्य
ने आज दिनांक तक इस आदेश का पालन नहीं किया है और न ही उन्होंने दानसरा स्कूल में अपना कार्यभार
ग्रहण किया है। कलेक्टर द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि प्राचार्य द्वारा आदेश की
अवहेलना किए जाने के कारण दोहरी समस्याएं खड़ी हो रही हैं। एक तरफ जहां उनके खिलाफ चल रही
प्रचलित जांच का कार्य प्रभावित हो रहा है। वहीं दूसरी ओर संबंधित विद्यालय (दानसरा हाई स्कूल) की
शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियां भी पूरी तरह बाधित हो रही हैं।
एल.पी.पटेल पर कार्रवाई की लटकी तलवार?
प्रशासन ने इस मामले में कड़े तेवर दिखाए हैं। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समयावधि (3
दिन) के भीतर संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होता है या आदेश का पालन नहीं किया जाता, तो यह माना
जाएगा कि प्राचार्य को इस संबंध में कुछ नहीं कहना है। ऐसी स्थिति में सक्षम प्राधिकारी के समक्ष शासकीय
आदेशों की अवहेलना और घोर अनुशासनहीनता के आधार पर प्रचलित नियमों के अंतर्गत कड़ी
अनुशासनात्मक कार्रवाई हेतु प्रतिवेदन भेज दिया जाएगा, जिसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे।6`



