
कलेक्टर के निर्देश पर अवैध रेत खनन पर कार्रवाई, दहिदा क्षेत्र से हाइवा जब्त
सारंगढ़-बिलाईगढ़ में खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई

सारंगढ़-बिलाईगढ़, 23 मई 2026। जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासन अब सख्त रुख अपनाता नजर आ रहा है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी पद्मिनी भोई साहू के निर्देश पर खनिज विभाग की टीम ने तहसील सारंगढ़ अंतर्गत ग्राम दहिदा तथा सरिया क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए एक हाइवा वाहन जब्त किया है। जब्त वाहन को सरिया थाना की सुपुर्दगी में रखा गया है। खनिज विभाग द्वारा यह कार्रवाई खनि अधिकारी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 एवं खान एवं खनिज विकास अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत की गई। प्रशासनिक हलकों में इस कार्रवाई को अवैध खनन के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
लगातार उठ रहा था अवैध रेत खनन का मुद्दा
जिले में अवैध रेत उत्खनन और भारी वाहनों के माध्यम से हो रहे परिवहन का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में बना हुआ है। स्थानीय स्तर पर कई सामाजिक संगठनों और नागरिकों के साथ-साथ दैनिक समाचार पत्र “सारंगढ़ टाइम्स” द्वारा भी लगातार इस विषय को प्रमुखता से उठाया जा रहा था। क्षेत्रवासियों का कहना है कि कई स्थानों पर बिना पर्यावरणीय स्वीकृति के रेत का उत्खनन किया जा रहा है, जिससे नदी-नालों का प्राकृतिक संतुलन प्रभावित होने के साथ-साथ शासन को राजस्व हानि भी हो रही है। वहीं भारी वाहनों के कारण ग्रामीण सड़कों की स्थिति भी खराब होती जा रही है।
“बड़ी मछलियां अब भी दायरे से बाहर”
हालांकि प्रशासनिक कार्रवाई की सराहना की जा रही है, लेकिन लोगों का मानना है कि अभी भी अवैध रेत कारोबार से जुड़े बड़े चेहरे कार्रवाई की जद से बाहर हैं। क्षेत्र में यह चर्चा आम है कि अवैध रेत उत्खनन के पीछे प्रभावशाली लोगों का संरक्षण होने के कारण यह कारोबार वर्षों से फल-फूल रहा है। राजनीतिक गलियारों में यह आरोप भी सुनाई दे रहा है कि अवैध रेत उत्खनन और परिवहन में सत्ताधारी दल से जुड़े कुछ नेताओं के “बंधे लिफाफे” होने के कारण कार्रवाई अक्सर छोटे स्तर तक ही सीमित रह जाती है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
खनिज विभाग पर सख्त निगरानी की जरूरत
जिले के कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों का मानना है कि खनिज विभाग पर कलेक्टर का विशेष नियंत्रण और नियमित मॉनिटरिंग बेहद जरूरी है। उनका कहना है कि जब तक अवैध उत्खनन के पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसी गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाना कठिन रहेगा। प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि हाल के दिनों में कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू द्वारा लगातार विभागीय समीक्षा और फील्ड स्तर पर कार्रवाई के निर्देश दिए जाने से अधिकारियों में सक्रियता बढ़ी है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में अवैध खनन के खिलाफ और बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
प्रदेश स्तर पर भी सरकार गंभीर
प्रदेश सरकार द्वारा भी अवैध रेत उत्खनन और परिवहन को गंभीरता से लिया जा रहा है। जानकारी के अनुसार अवैध खनन की शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर भी जारी किया गया है, ताकि आम नागरिक सीधे शिकायत दर्ज करा सकें। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार में रेत माफियाओं के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर लगातार सख्ती के संकेत मिलने से अवैध कारोबार में लगे लोगों में भी हलचल बढ़ी हुई है।
जिलेवासियों को प्रशासन से बड़ी उम्मीद
फिलहाल दहिदा और सरिया क्षेत्र में हुई कार्रवाई को लेकर जिलेवासियों ने संतोष जताया है। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह लगातार कार्रवाई होती रही तो अवैध रेत उत्खनन पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन आगे बड़े स्तर पर कार्रवाई करता है या नहीं, और क्या अवैध खनन के पीछे सक्रिय प्रभावशाली लोगों तक भी कानून का शिकंजा पहुंच पाएगा।





