जिला- सारंगढ़ बिलाईगढ़

दानसरा में अटल विहार योजना के तहत बनेगा 559 मकान, 25 एकड़ में होगा कालोनी 20 दुकानो का भी होगा निमार्ण,

दानसरा में अटल विहार योजना के तहत बनेगा 559 मकान, 25 एकड़ में होगा कालोनी 20 दुकानो का भी होगा निमार्ण,

दानसरा में अटल विहार योजना के तहत बनेगा 559 मकान, 25 एकड़ में होगा कालोनी
20 दुकानो का भी होगा निमार्ण,

 

एमआईजी के 25 मकान, एलआईजी के 300 मकान,
ईडब्लूएस के लिये 234 मकान बनेगें,
दानसरा में पठार पर जगह किया गया चिन्हित,

सारंगढ़,
सारंगढ़ के समीपस्थ ग्राम दानसरा में अटल विहार योजना के तहत 25 एकड़ के क्षेत्रफल में 559 मकानो का निमार्ण किया जायेगा। छत्तीसगढ़ गृह निमार्ण मंडल के द्वारा इस निमार्ण के लिये प्रक्रिया प्रारंभ कर दिया गया है। इस योजना के तहत 20 दुकान और 559 मकान का विशाल कालोनी तैयार किया जायेगा। इस आवासीय प्रोजेक्ट के पूरे होने पर नया जिला बना सारंगढ़ में आवास की दिक्कते काफी हद तक दूर हो जायेगी। अभी यह प्रोजेक्ट प्रारंभिक चरण में है तथा इसके लिये 49 करोड़ की लागत वाली निविदा जारी कर दिया गया है। दानसरा में इस आवसीय प्रोजेक्ट के बन जाने से सारंगढ़ जिला मुख्यालय में नये सिरे से विस्तार होगा। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार सारंगढ़ में छत्तीसगढ़ गृह निमार्ण मंडल रायपुर के द्वारा आवास की कमी को दूर करने के लिये बड़े स्तर पर आवासीय प्रोजेक्ट को स्वीकृति प्रदान किया गया है। नये जिला बना सारंगढ़ मे इस आवासीय प्रोजेक्ट के लिये सारंगढ़ से 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित दानसरा गांव को चिन्हित किया गया है। यहा पर 25 एकड़ से अधिक भूमि पर कालोनी का निमार्ण किया जायेगा जिसमें 20 दुकानो का निमार्ण तथा 559 मकानो का निमार्ण किया जायेगा। इस आवासीय परिसर के बनने से सारंगढ़ जिला में आवास
संबंधी समस्याओ का एक हद तक निराकरण हो जायेगा।

छत्तीसगढ़ गृह निमार्ण मंडल रायपुर के द्वारा 16 मार्च 2024 को सारंगढ़ के दानसरा में 25 एकड़ में अटल विहार योजना के तहत 559 मकानो तथा 20 दुकानो के लिये वास्तुविदीय एवं इंजिनियरिंग कार्यो के लिये बिड़ हेतु निविदा जारी किया गया था। इस बिड़ में भाग लेने वाली कंपनी को 23 अप्रैल 2024 तक अपना दर मुख्यालय में निर्धारित प्रारूप में जमा करना था। इसके लिये आगे की प्रक्रिया अभी जारी है। इस तकनिकी बिड़ के लिये 49 करोड़ रूपये प्रस्तावित किया गया था। बताया जा रहा है कि लगभग 25 एकड़ से अधिक भूमि पर आवासीय कालोनी का निमार्ण किया जायेगा। एमआईजी के 25 एलआईजी के 300 और ईडब्लूएस के 234 मकान बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ गृह निमार्ण मंडल रायपुर के द्वारा दानसरा में 25 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित आवासीय प्रोजेक्ट मे कुल 559 मकानो की निमार्ण की योजना है। इसके साथ 20 दुकानो का भी निमार्ण इसमें प्रोजेक्ट में प्रस्तावित किया गया है। तकनिकी बिड़ के निविदा में दिया गया जानकारी के अनुसार यहा पर एमआईजी का 25 मकान का निमार्ण प्रस्तावित है। एमआईजी का मकान 60 वर्गमीटर यानि 645 वर्गफीट के क्षेत्रफल में होगा। यह दो बेड़ का मकान स्वतंत्र मकान होगा तथा पोर्च भी इसके साथ होगा। वही एलआईजी 55 वर्गमीटर यानि 592 वर्गफीट का होगा। जबकि ईडब्लूएस का मकान 30 वर्गमीटर यानि 322 वर्गफीट का होगा। इसके साथ यहा पर बनने वाला 20 दुकानो की साईज 12 वर्गमीटर यानि 130 वर्गफीट का होगा। बताया जा रहा है कि एमआईजी का यहा पर 25 मकान बनाये जायेगे। वही एलआईजी का 300 मकान तथा ईडब्लूएस का 234 मकान का निमार्ण किया जायेगा। साथ ही 20 दुकानो का निमार्ण भी किया जायेगा। इस योजना के लिये 49 करोड़ रूपये की स्वीकृति अभी प्रदान किया गया है।

एमआईजी, एलआईजी और ईडब्लूएस?

आसावीस प्रोजेक्ट में एमआईजी का मतलब है, मिडिल-इनकम ग्रुप का घर. ये घर मध्यम आय वर्ग के लोगों के लिए बनाए जाते हैं. एमआईजी घर, एलआईजी घरों से थोड़े बड़े आकार के होते हैं और इनमें ज़्यादा सुविधाएं होती हैं. हालांकि, ये एलआईजी घरों से थोड़े महंगे भी होते हैं. एमआईजी को दो श्रेणियों में बांटा गया है: एमआईजी-I, एमआईजी-II. वार्षिक आय के आधार पर इन श्रेणियों में बांटा जाता है. सालाना 6 लाख रुपये से 12 लाख रुपये आय वाले लोग एमआईजी-I श्रेणी में आते हैं. प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) में आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस), निम्न आय वर्ग (एलआईजी), और मध्यम आय वर्ग (एमआईजी) के लोगों को शामिल किया गया है. इन वर्गों के लिए अलग-अलग आय सीमा तय की गई है:
 ईडब्ल्यूएस के लिए वार्षिक आय सीमा 3 लाख रुपये है.
 एलआईजी के लिए वार्षिक आय सीमा 3-6 लाख रुपये है.
 एमआईजी के लिए वार्षिक आय सीमा 6 -18 लाख रुपये है.

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