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1800 एकड़ के प्रस्तावित चूना पत्थर खदान पर कलेक्टर की “असहमति”!

1800 एकड़ के प्रस्तावित चूना पत्थर खदान पर कलेक्टर की “असहमति”!

1800 एकड़ के प्रस्तावित चूना पत्थर खदान पर कलेक्टर की “असहमति”!

खैराहा, कुटेला दुर्गापाली तथा खम्हारडीह क्षेत्र में प्रस्तावित चूनापत्थर खदान के संबंध में शासन को भेजा
अभिमत,
जिला मुख्यालय के विभिन्न शासकीय कार्यालयो के नजदीक स्थापना होने सहित कई कारण बताये,
1800 एकड़ का प्रस्तावित 3 चूना पत्थर खदान पर चल रही है सियासत,

सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
सारंगढ़ जिला मुख्यालय में शहर के तीन वार्डो और कुछ ग्राम पंचायतो मे 1800 एकड़ की भूमि पर प्रस्तावित चूना पत्थर खदान पर कलेक्टर ने राज्य शासन को असहमति प्रेषित कर क्षेत्रवासियो को भावनाओ का सम्मान किया है। कलेक्टर ने जिला मुख्यालय के शासकीय कार्यालयो के समीप ही खदान प्रारंभ होने सहित पर्यावरण और जनमानस
पर पड़ने वाले प्रभावो को लेकर विस्तृत प्रतिवेदन राज्य शासन को प्रेषित किया है। मामले की विधायक श्रीमती उत्तरी जांगड़े के द्वारा विधानसभा में भी उठाया गया था। जिस पर अपना प्रतिवेदन कलेक्टर ने राज्य शासन को प्रेषित किया है। दरअसल जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ अंतर्गत खैराहा, कुटेला दुर्गापाली तथा खम्हारडीह क्षेत्र में प्रस्तावित
चूनापत्थर खदान के संबंध में आपत्ति एवं रोक लगाने हेतु श्रीमती उत्तरी गणपत जांगड़े, माननीय विधायक सारंगढ़  विधानसभा के पत्र में उल्लेखित तथ्यों / बिन्दुओं की जॉच करते हुए वस्तुस्थिति संबंधी तथ्यात्मक प्रतिवेदन, अभिमत सहित प्रेषित् करने के संबंध में प्रतिवेदन मांगा गया था। जिसके संबंध में 17 सितंबर 2026 को राज्य
शासन को अभिमत और प्रतिवेदन प्रेषित किया गया है। जिसमे बताया गया कि कार्यालयीन आदेश क्रमांक 254/ख.लि.-02/लैंड शेड्यूलिंग/2025 सारंगढ़, दिनांक 26.02.2026 तहत् कलेक्टर की अध्यक्षता में "जिला स्तरीय लैंड शेड्यूलिंग (खनिज) समिति" द्वारा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले अंतर्गत चिन्हित खनिज ब्लॉक खैरहा,  तहसील सारंगढ़, कुल रकया-205.806 हे.. कुटेला-दुर्गापाली, तहसील सारंगढ़ कुल रकबा 82.252 है. एवं
खम्हारडीह, तहसील-सारंगढ़ कुल रकबा-423.914 हे. का ई-ऑक्शन हेतु क्षेत्र उपलब्ध कराने जिला स्तरीय लैंड शैड्यूलिंग (खनिज) समिति की बैठक दिनॉक 03 मार्च 2026, स्थान-कलेक्ट्रेट सभा, में आयोजित किया गया। जिसके संबंध में कार्यालयीन पत्र क्रमांक 325/ख.लि.-02/ ई-निलामी/2026 सारंगढ़, दिनांक 13.03.2026 को संचालक भौमिकी तथा खनिकर्म इन्द्रावती भवन, द्वितीय तल, चतुर्थ ब्लॉक नवा रायपुर, अटल नगर (छ.ग.) को "जिला स्तरीय लैंड शेड्यूलिंग (खनिज) समिति की बैठक का कार्यवाही विवरण प्रेषित किया गया। उल्लेखित बिंदुओं  के परीक्षण एवं स्थल संबंधी उपलब्ध अभिलेखों के अवलोकन उपरांत अभिमत प्रस्तुत किया गया। जिसमें बताया गया है कि प्रस्तावित चूना पत्थर खदान क्षेत्र खैरहा, कुटेला दुर्गापाली एवं खम्हारडीह ग्रामों में स्थित है। प्रस्तावित खदान क्षेत्र के आसपास स्थित रिहायसी इलाकों, स्कुल, महाविद्यालय एवं कई सार्वजिनक स्थान से लगा हुआ है।
जिसकी विस्तारपूर्वक जानकारी प्रतिवेदन में दिया गया है।
वही खनन कार्य प्रारंभ होने की स्थिति में धूल, ध्वनि एवं परिवहन जनित प्रदूषण की संभावना से इंकार  नहीं किया जा सकता है। तथापि पर्यावरणीय स्वीकृति की शर्तों के अनुसार जल छिड़काव, हरित पट्टी विकास,  नियंत्रित विस्फोटन एवं प्रदूषण नियंत्रण उपायों का पालन कराया जाना अनिवार्य होगा। जबकि जल स्रोत एवं भूजल पर प्रभाव खनन परियोजना के पर्यावरणीय प्रभाव आंकलन तथा सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्धारित शर्तों के अनुरूप भूजल एवं जल स्रोतों के संरक्षण हेतु उपाय अपेक्षित हैं। खनन स्वीकृति प्रदान किए जाने के पूर्व संबंधित
विभागों द्वारा परीक्षण एवं पर्यावरणीय अनुज्ञा प्राप्त किया जाना आवश्यक है। साथ ही खनन गतिविधियों से  आसपास की कृषि भूमि प्रभावित होने की संभावना पाई जाती है तो पर्यावरणीय एवं राजस्व प्रावधानों के अंतर्गत  आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किया जाना होगा।

इसके अलावा जनजीवन एवं यातायात पर प्रभाव खनिज परिवहन हेतु भारी वाहनों की  आवाजाही बढ़ने से यातायात दबाव एवं दुर्घटना की संभावना बढ़ सकती है। अतः परिवहन मार्ग, समय निर्धारण,
सड़क सुरक्षा उपाय एवं आवश्यक अधोसंरचना विकास सुनिश्चित किया जाना आवश्यक होगा। जैव विविधता एवं पर्यावरणीय संतुलन यदि परियोजना क्षेत्र के आसपास कोई संरक्षित वन, संवेदनशील पारिस्थितिकी क्षेत्र अथवा

महत्वपूर्ण जैव विविधता क्षेत्र प्रभावित होता है तो संबंधित विभागों से परीक्षण एवं अनापत्ति प्राप्त किया जाना  आवश्यक होगा। माननीय विधायक द्वारा क्षेत्रीय नागरिकों की ओर से व्यक्त आपत्तियों एवं जनभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए विषय संवेदनशील प्रकृति का प्रतीत होता है। प्रस्तावित खदानें निर्माणाधीन कलेक्टर भवन से लगभग
600 मीटर, 800 मीटर एवं 1000 मीटर की दूरी पर स्थित है। खनन गतिविधियों से उत्पन्न धूल एवं भारी वाहनों की निरंतर आवाजाही से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, जिससे भविष्य में कलेक्टर कार्यालय के नियमित संचालन, जनसुनवाई, प्रशासनिक बैठकों, शासकीय अभिलेखों के सुरक्षित संचालन तथा प्रतिदिन
शासकीय कर्मचारियों एवं बड़ी संख्या में आने वाले नागरिकों की सुविधा एवं सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रतिकुल प्रभाव पड़ने की आशंका है। साथ ही भविष्य में कानून-व्यवस्था, पर्यावरणीय प्रभाव, जनस्वास्थ्य तथा सार्वजनिक सुविधा से संबंधित शिकायतों की संभावना भी बनी रह सकती है।  प्रस्तावित खैरहा लाईमस्टोन ब्लॉक का राजस्व अभिलेख अनुसार कुल रकबा 227.607 हे., कुटेला- दुर्गापाली लाईमस्टोन ब्लॉक का राजस्व अभिलेख अनुसार कुल रकबा 74.971 हे. एवं खम्हारडीह लाईमस्टोन ब्लॉक का राजस्व अभिलेख अनुसार कुल रकबा 468.469 हे. में से प्रतिबंधित स्थलों से खनिज (परमाणु, हाइड्रोकार्बन एवं ऊर्जा खनिजों से भिन्न) रियायत नियम, 2016 के नियमों में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार प्रतिबंधित दूरी तथा चिन्हाकिंत खैराहा ब्लॉक से वार्ड क्रमांक 10, कुटेला दुर्गापाली ब्लॉक से वार्ड क्र. 01 तथा
खम्हारडीह ब्लॉक से वार्ड क्रमांक 01 एवं 02 संलग्न है।

उपरोक्त तथ्यों एवं वस्तुस्थिति के आधार पर उक्त प्रस्तावित खनिज ब्लॉक का ई-नीलामी के माध्यम से खनिपट्टा आबंटन किया जाना उचित नही है। कलेक्टर के इस प्रतिवेदन के बाद से संभावना जताई जा रही
है कि सारंगढ़ जिला मुख्यालय में 1800 एकड़ में प्रस्तावित चूना पत्थर खदान को राज्य सरकार रोक लगा सकती है। लेकिन अंतिम निर्णय राज्य शासन को करना है इस कारण से अभी से इसे अंतिम निर्णय नही माना जा सकता है।

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