
महानदी बाढ़ से फ्लाईएश डंप हो रहा स्थान 20
फीट पानी में डूबा रहा?
घोटला छोटे में बिना मौके स्थल जांच दे दिया गया
फ्लाईएश भराव करने का आदेश?
क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण मंडल का अनोखा
कारनामा?
बाढ़ प्रभावित भूमि पर धड़ल्ले से फ्लाईएश डपिंग?
27 सितंबर को बाढ़ में यह स्थान 20 फीट पानी में
डूबा रहा?
हजारो टन फ्लाईएश पानी में बह गया?
ग्राम पंचायत को नही दिया गया फ्लाईएश डंप का
आदेश?
सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला के साराड़ीह बैराज के पास 4 एकड़ से अधिक भूमि पर फ्लाईएश भराव का आदेश विवादो के घेरे में आ गया है। जिस स्थान पर फ्लाईएश डाला जा रहा है वहा पर 10 दिन पहले महानदी में आया बाढ़ ने जमकर तबाही मचाया है और यह स्थान 20 फीट पानी में डूबा हुआ था। बिना स्थल जांच किये फ्लाईएश भराव की
अनुमति देने से क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण मंडल रायगढ़ के अधिकारियो के कार्यप्रणाली से जिले में पर्यावरण प्रेमियो में आक्रोश भरा हुआ है। वही पूरे मामले में ग्राम पंचायत के सचिव ने फ्लाईएश भराव का आदेश नही देने की जानकारी दिया है। जिससे साफ प्रतीत हो रहा है कि फ्लाईएश डपिंग का यह खेल प्रशासन को गुमराह करके खेला जा रहा है। दरअसल सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला के सारंगढ़ विकासखंड़ के ग्राम घोटला छोटे महानदी केतट पर स्थित है। साराड़ीह बैराज के पास स्थित इस घोटला छोटे गांव को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में गिना जाता
है, किन्तु यहा पर बड़े पैमाने पर फ्लाईएश डंपिग करने का कार्य अड़ानी पावर छोटे भंड़ार रायगढ़ के द्वाराकिया जा रहा है। महानदी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र खसरा नंबर 184/1, 184/ 9क/1, 184/ 9क/2, 184/
9ख/1, 184/11, 186/4/क, 186/5, 187/2 कुल रकबा 1.534 हेक्टेयरभूमि पर फ्लाईएश डंपिंग करने के लिये आनलाईन आवेदन क्रमांक 40763602222092 दिया गया जिसके तारतम्य में आदेश क्रमांक1656/RO/TS/CECB/2026 प्रदान किया गया है। बताया जा रहा है कि मेसर्स अड़ानी पावर कंपनीछोटे भंड़ार रायगढ़ के द्वारा महानदी के तट से महज 300 मीटर की दूरी पर फ्लाईएश को डंप किया जारहा है। ग्रामवासियो के अनुसार इस मामले मे संबंधित हल्का क्षेत्र का पटवारी ने गलत जानकारी दिया हैतथा डंपिंग क्षेत्र को महानदी से 1000 मीटर की दूरी बताया गया है। इस मामले में सूक्ष्म जांच की
आवश्यकता महसूस किया जा रहा है। वही जिस स्थान पर फ्लाईएश डंप किया जा रहा है वह खसरा नंबर184/1, 184/ 9क/1, 184/ 9क/2, 184/ 9ख/1, 184/11, 186/4/क, 186/5, 187/2 कुल रकबा 1.534हेक्टेयर भूमि है। यह महानदी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र है। सप्ताहभर पहले आया बाढ़ में यह क्षेत्र पानी में डूबा हुआ था। यहा पर फ्लाईएश डंपिंग करने से महानदी प्रदूषित होगा तथा जलीय वातावरण प्रभावित होगातथा पर्यावरण प्रदूषण होगा।

फ्लाईएश डंप हो रहा स्थान 20 फीट पानी में डूबा रहा?
ग्रामवासियो ने बताया कि 27 सितंबर 2026 को महानदी में आई बाढ़ में उक्त फ्लाईएश डपिंग क्षेत्र खसरा नंबर 184/1, 184/ 9क/1, 184/ 9क/2, 184/ 9ख/1, 184/11, 186/4/क, 186/5, 187/2 कुल रकबा
1.534 हेक्टेयर भूमि पूर्ण रूप से बाढ़ में 20 फीट से अधिक डूबा रहा है। मौके पर साफ तौर पर दिख रहा है कि उक्त स्थल पर बाढ़ का पानी भरा था और फ्लाईएश महानदी के बाढ़ में प्रवाहित हो गया। महानदी में
तटीय क्षेत्र में जिस प्रकार से मेसर्स अड़ानी पावर कंपनी छोटे भंड़ार रायगढ़ के द्वारा नियमो को ताक में रखकर फ्लाईएश डंपिंग का कार्य किया जा रहा है उससे महानदी में फ़्लाईएश फैल गया है। फ्लाईएश के
कारण से महानदी का पानी प्रदूषित हो गया तथा महानदी का जलीय वातावरण दूषित हो गया है। आसपास के खेतो मे भी फ्लाईएश का परत जम गया है जिसका सीधा असर खेती पर पड़ रहा है।
पीएम सड़क पर हो रहा है 40 से 55 टन वजनी वाहनो का रेलमपेल
बताया जा रहा है कि यहा पर आवागमन के लिये एक मात्र सड़क सारंगढ़-रायगढ़ मुख्य मार्ग से मौहापाली- भेड़़वन-घोटला छोटे प्रधानमंत्री सड़क मार्ग है। यह पीएम सड़क मात्र 12 टन वजनी भारवाले वाहनो के आवागमन के लिये बनाया गया है। किन्तु जिस प्रकार से इसमें 40 टन से लेकर 55 टन के भारी वाहन फ्लाईएश लेकर आवागमन कर रहे है और सड़क को जर्जर कर रहे है वह साफ तौर पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क के नियमो के विरूद्ध है। तत्काल प्रभाव से इस पीएम सड़क पर निर्धारित क्षमता से अधिक भारी वाहनो के रेलमपेल पर रोक लगाये जाने की मांग क्षेत्रवासी कर रहे है।

हजारो टन फ्लाईएश महानदी के पानी में बह गया?
बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर फ्लाईएश का भराव किया जा रहा है वह पूर्णरूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र है। यहा पर हर वर्ष बड़े स्तर पर बाढ़ आता है। महानदी का पानी यहा पर 20 फीट तक भरा रहता है।
अगर उक्त स्थल पर फ्लाईएश का डंप किया जाता है तो बाढ़ आने पर महानदी में फ्लाईएश बह जायेगा। जिसके कारण से हजारो टन फ्लाईएश यहा पर से महानदी मे समा जायेगा और जलीय वातावरण दूषित हो जायेगा। इस वर्ष 27 सितंबर को आया बाढ़ से हजारो टन फ्लाईएश महानदी मे बह गया तथा पर्यावरण को प्रदूषित कर गया।
क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण मंडल की भूमिका संदिग्ध?
सारंगढ़ के जिस स्थान को फ्लाईएश डंपिंग के लिये दिया गया है वह स्थान महानदी से महज 300 मीटर की दूरी पर है तथा हर वर्ष यहा पर बाढ़ आता है। किन्तु क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण मंडल रायगढ़ के द्वारा
इस स्थल का जांच किये बिना ही इसकी अनुमति प्रदान कर दिया है। पर्यावरण संरक्षण मंडल ने इस मामले में स्थल जांच करना तथा हाल ही मे आया बाढ़ से महानदी के प्रदूषित होने के मामले में जांच तक करना
उचित नही समझा है। ऐसे में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला को प्रदूषित करने मे पर्यावरण़े संरक्षण मंडल के अधिकारियो की भूमिका को लेकर जिले मे सवाल खड़े हो रहे है।
ग्राम पंचायत को नही दिया गया फ्लाईएश डंप का आदेश?
ग्राम पंचायत घोटला छोटे के सचिव त्रिलोचन जायसवाल ने बताया कि ग्राम पंचायत को उक्त स्थल पर फ्लाईएश डपिंग करने संबंधी कोई भी आदेश क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण मंडल रायगढ़ के द्वारा नही दिया गया है। उन्होने बताया कि इस संबंध मे ग्राम पंचायत के पास किसी भी प्रकार का आदेश नही है। ऐसे मे यह जानकारी दिया जाना संभव
नही है कि कितनी मात्रा मे उक्त स्थल पर फ्लाईएश डंप किया जायेगा।




