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महिला और बाल विकास विभाग नें “डाक” से भेजा आवेदन लेने से किया इंकार?

महिला और बाल विकास विभाग नें “डाक” से भेजा आवेदन लेने से किया इंकार?

महिला और बाल विकास विभाग नें “डाक” से भेजा
आवेदन लेने से किया इंकार?
अपने अनोखे कारनामा से जिला प्रशासन का फजीहत
करा रहा है विभाग?
सरकारी विभाग नें डाक लेने से किया इंकार?
अधिकारियो की मनमानी चल रही है सारंगढ़ में?

सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में सरकारी विभागो मे पदस्थ अधिकारियो की मनमानी अभी सरचढ़ कर बोल रहा है।  ऐसा ही एक मामला आज सामने आया जिसमे परियोजना कार्यालय महिला और बाल विकास विभाग सारंगढ़ के  नाम से डाक द्वारा भेजा गया एक राजिस्ट्री पत्र को कार्यालय के कर्मचारियो के द्वारा लेने से इंकार कर दिया। जिला महिला और बाल विकास तथा परियोजना कार्यालय सारंगढ़ दोनो एक ही भवन मे संचालित है तथा दोनो के अधिकारी अभी एक ही है। ऐसे मे डाक के द्वारा भेजा गया आवेदन को क्यों वापस किया गया? यह समझ से परे है। इस संबंध मे मिली जानकारी के अनुसार स्थानीय निवासी मो.असीफ रजा के द्वारा कार्यालय परियोजना अधिकारी एकीकृत महिला एवं बाल विकास विभाग सारंगढ़ के नाम पर एक राजिस्ट्री पत्र डाक के द्वारा भेजा गया।  सारंगढ़ के जिला पंचायत भवन के बगल के भवन में जिला महिला और बाल विकास विभाग तथा एकीकृत  परियोजना कार्यालय संचालित है। तथा वर्तमान मे जिला एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी ही स्वयं  परियोजना कार्यालय के भी प्रभार को सम्हाले हुए है। ऐसे मे दोनो कार्यालय एक ही पते पर स्थित है लेकिन डाक से
भेजा गया आवेदन को महिला और बाल विकास विभाग के कर्मचारियो ने लेने से इंकार कर दिया। डाक विभाग के कर्मचारी को उक्त विभाग के सरकारी कर्मचारियो ने बताया कि उक्त पत्र मे परियोजना अधिकारी सारंगढ़ महिला एवं बाल विकास विभाग लिखा हुआ है इस कारण से डाक लेने से इंकार कर दिया गया है। जिसके कारण से डाक विभाग के द्वारा पत्र को आवेदन मो.आसीफ रजा को वापस कर दिया गया। लेकिन सवाल यह खड़ा हो रहा है कि  डाक विभाग के माध्यम से भेजा गया पत्र में जो पता लिखा गया है वह इसी भवन मे संचालित है। एकीकृत  परियोजना कार्यालय महिला एव बाल विकास विभाग तथा जिला महिला एवं बाल विकास विभाग इसी एक भवन  में संचालित है तथा संयोग यह है कि दोनो ही पद को अभी एक ही अधिकारी उत्तम प्रसाद सूर्यवंशी ही सम्हाले हुए है। ऐसे में इस पत्र को स्वीकार नही करने के पीछे कोई कारण समझ से बाहर दिख रहा है? बताया जा रहा है इस विभाग में पदस्थ कर्मचारियो ने बताया कि अधिकारियो के निर्देश पर उक्त डाक को नही लिया गया है। जिससे साफ प्रतीत हो रहा है कि जिला प्रशासन की साख को ब‌ट्‌टा लगाने मे महिला और बाल विकास विभाग के जिला अधिकारी कोई कमी बाकि नही छोड़ रहे है।

खुद के खिलाफ शिकायत का खुद ही भेज दिया प्रतिवेदन?
उल्लेखनीय है कि परियोजना कार्यालय महिला एवं बाल विकास विभाग सारंगढ़ के खिलाफ मुख्यमंत्री हेल्पलाईन  1076 में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत बिना कोटेशन मंगाये 22 लाख रूपये के खरीदी का आरोप में शिकायत दर्ज है। इस शिकायत को विलोपित करने के लिये स्पेशल क्लोजर रिपोर्ट खुद इस परियोजना के प्रभारी अधिकारी और जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी ने भेज दिया। जबकि उनको दिया गया जांच का समय- सीमा समाप्त हो गया था। उसके बाद भी सीएम हेल्पलाईन 1076 मे प्रतिवेदन भेज कर मनमानी कार्यप्रणाली का अनोखा उदाहरण जिला अधिकारी के द्वारा दिया गया है। इस योजना में बड़े स्तर पर कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार की भी शिकायत हुई है किन्तु कार्यवाही के अभाव में अधिकारी का मनोबल बढ़ते जा रहा है तथा अब राजिस्ट्री डाक तक को लेने से विभाग के अधिकारी-कर्मचारी इंकार कर रहे है।

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