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छत्तीसगढ़ के इ  जंगल में हाथी ने ग्रामीण को पटक पटक के मार डाला तो दूसरा को  सूंड से पकड़कर उखाड़े  सिर के बाल

छत्तीसगढ़ के इ  जंगल में हाथी ने ग्रामीण को पटक पटक के मार डाला तो दूसरा को  सूंड से पकड़कर उखाड़े  सिर के बाल

छत्तीसगढ़ के इ  जंगल में हाथी ने ग्रामीण को पटक पटक के मार डाला तो दूसरा को  सूंड से पकड़कर उखाड़े  सिर के बाल

बलरामपुर , छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में हाथी ने महुआ बीनने जंगल गई पहाड़ी कोरवा महिला को पटक-पटककर मार डाला। हाथी महिला को पैरों से भी कुचला है, जिससे शरीर पर गहरे जख्म हैं। वहीं मृतिका के पति सहित अन्य ग्रामीणों ने भागकर जान बचाई। मामला शंकरगढ़ वन परिक्षेत्र के नावापारा का है।

मिली जानकारी के मुताबिक मृतिका का नाम गिद्दी पहाड़ी कोरवा (50) है, जो जगिमा पंचायत की निवासी की निवासी थी। वहीं अगर बलरामपुर जिले में हाथी हमले की बात करें तो पिछले 3 दिनों में हाथियों ने 3 लोगों को मार डाला है। हाथियों की मौजूदगी से लोग दहशत में हैं।

पति के साथ जंगल गई थी महिला, हाथी ने मार डाला

दरअसल, 2 अप्रैल यानी बुधवार सुबह को महिला गिद्दी अपने पति सुखू लाल कोरवा और ग्रामीणों के साथ जंगल गई थी। जंगल में सभी लोग महुआ बीन रहे थे, तभी सुबह करीब 6.30 बजे हाथी पहुंचा। इस दौरान महिला महुआ बीनने में बिजी थी, वह हाथी को अपने ओर आता देख नहीं पाई।

महिला ने जैसे ही हाथी को देखा वह हड़बड़ा गई। मौके से भाग नहीं पाई, जबकि पति और ग्रामीण आवाज लगाते रहे। हाथी ने पति और ग्रामीणों के सामने ही महिला को कुचल-कुचलकर और पटक-पटककर मार डाला। वह कुछ नहीं कर पाए।

महुए के पेड़ों के पास झाला बनाकर रह रहे थे ग्रामीण

महिला के पति सुखू लाल ने बताया कि महुआ बीनने के लिए जंगल में झाला (झोपड़ीनुमा घर) बनाए हैं। उनके साथ ग्रामीण भी महुए के पेड़ों के पास झाला बनाकर रखे हैं। वहीं वे रात को भी रुकते हैं। हाथी ने ग्रामीणों को जमकर दौड़ाया। हाथी ने महिला को सूंड से पकड़ लिया और उठाकर पटक दिया।

सुखू लाल ने बताया कि हाथी ने उसकी पत्नी के सिर के बाल भी उखाड़ दिए। पटके जाने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों ने शोर मचाया तो हाथी वापस जंगल में घुस गया। इसकी सूचना वन विभाग के कर्मियों को दी गई।

हमले के बाद मौके पर पहुंचा वन अमला

हाथी हमले की सूचना पर शंकरगढ़ रेंजर सहित वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने महिला के शव को पंचनामा के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। हाथी नावापारा के जंगल में मौजूद है, जिसके कारण लोग सहमे हुए हैं। एक दिन पहले बादा के जंगलों में हाथी को देखा गया था।

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