रायगढ़

किरोड़ीमल ट्रस्ट को दान में मिली थी जमीन, ट्रस्टियों ने बेचा, जांच के आदेश

किरोड़ीमल ट्रस्ट को दान में मिली थी जमीन, ट्रस्टियों ने बेचा, जांच के आदेश

किरोड़ीमल ट्रस्ट को दान में मिली थी जमीन, ट्रस्टियों ने बेचा, जांच के आदेश…..

रायगढ़, अरबों की संपत्ति वाले सेठ किरोड़ीमल ट्रस्ट को मठाधीश बनकर बैठे चंद लोगों ने बर्बाद कर दिया। यही नहीं जो जमीन गांव के लोगों ने कॉलेज बनाने के लिए दान में दी थी, उसको भी बेचकर अवैध कमाई कर ली। कोकड़ीतराई के ग्रामीणों की शिकायत पर कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए हैं। अब तक किरोड़ीमल ट्रस्ट की संपत्ति को बेचकर अपनी तिजोरी भरने के कई मामले आ चुके हैं। संस्था का हर साल ऑडिट भी नहीं होता। एक-एक कर रायगढ़ और बाहर की सारी प्रॉपर्टी का ट्रस्टियों ने दुरुपयोग किया है। अब शिकायत आई है कि ट्रस्ट को दान में मिली जमीन को भी बेच दिया गया। कोकड़ीतराई के निरंजन साहू व अन्य ने छग शासन से शिकायत की थी। उनका कहना है कि ग्रामीणों ने पूर्व में अस्पताल, स्कूल, कॉलेज आदि निर्माण के लिए जमीन सेठ किरोड़ीमल धर्मादा ट्रस्ट को दान में दी थी।

लेकिन ट्रस्टियों ने सार्वजनिक हितों के लिए काम करने के बजाय जमीन को अवैध कमाई का जरिया बना लिया। ट्रस्टियों ने जमीन को निजी लाभ के लिए बेच दिया है। बिना किसी रजिस्ट्री के बाहरी लोगों को जमीन दी जा रही है और बदले में मुंहमांगी रकम ली जा रही है। ट्रस्ट की 70 प्रश जमीन पर बाहरी लोगों ने मकान और दुकान तक बना लिए हैं। ट्रस्ट की रखवाली के लिए नियुक्त चौकीदार महेश शर्मा और उनके पुत्र मनीष शर्मा पर भी जमीन बेचकर मकान व दुकान बनाने का आरोप लगाया गया है। छग शासन को की गई शिकायत के बाद कलेक्टर रायगढ़ को जांच करने का आदेश दिया गया था। कलेक्टर ने एडीएम अपूर्व टोप्पो, निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय, वरिष्ठ कोषालय अधिकारी चंद्रपाल सिंह ठाकुर और नायब तहसीलदार हरनंदन बंजाने की टीम बनाकर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।

बिंदुवार जांच करनी होगी

कलेक्टर ने बिंदुवार विस्तृत जांच करने को कहा है। समिति को ट्रस्ट को मिली दान की भूमि का सीमांकन कर अतिक्रमण का पूरा विवरण देना होगा। चौकीदार की संलिप्तता की भी जांच की जाएगी। ट्रस्टियों की मिलीभगत की भी जांच की जाएगी। ट्रस्ट की समस्त चल व अचल संपत्तियों की सूची तैयार करने को कहा गया है। समिति से यह अभिमत भी मांगा गया है कि क्या शासन को ट्रस्ट का अधिग्रहण कर संपत्तियों को राजसात करना जरूरी है। न्यास की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने, बिना लिखा-पढ़ी के संपत्तियां बेचने और ट्रस्ट के उद्देश्यों को विफल करने वाले दोषियों के विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी।

कितना बेचा, कितना कमाया, सब निकलेगा

सेठ किरोड़ीमल ट्रस्ट की अरबों की संपत्तियों पर सालों से कब्जा करने वालों को इससे झटका लगा है। संपत्तियां बेचकर अर्जित की गई अकूत संपत्ति का राज भी सामने आ सकता है। ट्रस्ट की सारी संपत्तियों की सूची, उनकी वर्तमान स्थिति और उपयोग के संबंधित संपूर्ण जानकारी प्रस्तुत करनी होगी। जांच समिति को जल्द से जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है

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