
सारंगढ़ में बेपटरी हुआ खनिज विभाग : मिलीभगत से कुटेला के अवैध खदानो में डंप करा रहे है
फ्लाईएश?

शासकीय कालेज के पास अवैध खदानो के नाम पर कई जगह पर अवैध भराव?
फ्लाईएश माफिया के सामने जिला प्रशासन बेबस और लाचार?
प्रतिदिन दर्जनो वाहन फर्राटा मार रह है फ्लाईएश का?
अड़ानी पावर से शाकंभरी का फ्लाईएश गर्दा फैला रही है सारंगढ़ में?
सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
सारंगढ़ के कुटेला के अवैध खदानो में धड़ल्ले से फ्लाईएश भरने का काम चल रहा है। एक अनुमति के आधार पर कई गड्ढ़ो मे अवैध रूप से फ्लाईएश भरे जा रहे है। इस काम को खनिज विभाग का संरक्षण मिला हुआ है इस कारण से किसी भी प्रकार की कार्यवाही अवैध फ्लाईएश डंपिंग पर नही हो रहा है। निर्धारित स्थान खसरा नंबर 6/1 में फ्लाईएश भरने के बाद उसी अनुमति की आड़ में आगे कई
गड्ढ़ो में यह अभियान पूरे चरम पर गतिमान है। सारंगढ़ में खनिज माफियाओ के सामने जिला प्रशासन पंगु बना हुआ है। टास्क फोर्स, बैठको मे कार्यवाही का निर्देश और अवैध परिवहन पर सख्ती का संदेश सतही तौर पर खूब वाहवाही बटोरती है किन्तु वास्तविकता यह है कि जिला प्रशासन अवैध फ्लाईएश भराव करने वाली माफियागिरी के सामने पंगु हो गई है। अड़ानी पावर से फ्लाईएश लाकर पटवारी हल्का नंबर 28 के खसरा नंबर 6/1 के सरकारी भूमि को पाटने को अनुमति आदेश के आड़ में खम्हारडीह रोड़ में धड़ल्ले से फ्लाईएश का भराव किया
जा रहा है। बताया जा रहा है कि कुटेला से खम्हारडीह रोड़ में सरकारी भूमि पर अवैध रूप से खनन कर अवैध खदानो का निमार्ण कर दिया गया है वही पर अड़ानी पावर से निकला हुआ फ्लाईएश का अवैध रूप से डंप किया जा रहा है।


मौके पर उपस्थित केयरटेकर ने बताया कि यह शांकभरी ट्रांसपोर्ट का काम
है तथा फ्लाईएश डंपिंग वही कर रहा है। अनुमति आदेश आदि की जानकारी मांगने पर कुछ भी नही होने की बात कही गई है। वही सूत्र बताते है कि पटवारी हल्का नंबर 28 के खसरा नंबर 6/1 स्थित सरकारी भूमि पर 2 लाख मिट्रिक टन फ्लाईएश पाटने का आदेश क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण मंडल कार्यालय रायगढ़ के द्वारा जारी किया गया था जहा पर फ्लाईएश डंप करना था वहा पर काम हो गया
किन्तु इसी आदेश के आड़ में खम्हारडीह रोड़ में सरकारी भूमि पर अवैध खनन का कार्य हो रहा है तथा आज भी वहा पर धड़ल्ले से पत्थर का उत्खनन किया जा रहा है। वही पर फ्लाईएश को ड़ंप किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि अवैध रूप से दिन-दहाड़े किया जा रहा यह कार्य खनिज विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियो को नही दिख रहा है। महाविद्यालय में चल रही परीक्षा के बीच दर्जनो
भारी वाहन हाईवा 30 टन से 40 टन अवैध फ्लाईएश को लेकर इस स्थान पर आ रही है और अनलोड़ कर रही है। बाद में जेसीबी से इसको समतल किया जा रहा है किन्तु टास्क फोर्स या सरकारी विभाग आंख मूंद कर इस अवैध फ्लाईएश डंपिंग को संरक्षण प्रदान कर रहा है। मौके पर किया गया निरीक्षण मे

एक बात साफ तौर पर निकल कर आई कि यहा पर अवैध रूप से पत्थर का खदान का भी संचालन किया जा रहा है तथा प्रतिदिन दर्जना ट्रेक्टर फेसिंग पत्थर का उत्खनन अवैध रूप से किया जा रहा है। खनिज विभाग के द्वारा यहा पर एक भी पत्थर खदान के उत्खनन की अनुमति नही दिया गया है फिर भी सरकारी भूमि को यहा पर छलनी करके अवैध उत्खनन का कार्य को किया जा रहा है। ऐसे में वहा पर बड़े-बड़े गड्ढ़े हो जा रहे है जिसको अवैध रूप से फ्लाईएश के माध्यम से भरकर अवैध खदानो का अवैध उत्खनन पर पर्दा डालने का भी कार्य किया जा रहा है। मौके पर किया गया निरीक्षण में यह बात साफ तौर पर निकल कर सामने आई कि यहा पर लगभग 1 लाख मिट्रिक टन अवैध फ्लाईएश का डंपिंग किया गया है किन्तु ना तो खनिज विभाग को कोई जानकारी है और ना ही अवैध परिवहन को
रोकने के लिये बना हुआ जिला स्तरीय टास्क फोर्स यहा पर पहुंच पाई है। ऐसे में यह बात साफ तौर पर निकल कर सामने आ रही है कि मिलीभगत और कमीशनखोरी के कारण से सारंगढ़ में अवैध रूप फ्लाईएश का डंपिंग का कार्य जोरो पर चल रहा है।
अवैध खदानो मे चल रहा है पत्थर उत्खनन का कार्य?
सारंगढ़ के कुटेला से खम्हारड़ीह रोड़ में लगभग दर्जन भर से अधिक अवैध पत्थर खदानो का संचालन हो रहा है। इसमे से एक भी खदान को अनुमति नही है ऐसे मे हर दिन दर्जन भर से अधिक ट्रेक्टरो में फेसिंग पत्थर को विक्रय किया जा रहा है तथा 20 एमएम का गिट्टी का उत्पादन किया जा रहा है। हैड़ब्रोकन गिट्टी के लिये यहा पर आसपास के रहवासी वर्षो से अवैघ रूप पत्थर का उत्खनन करके उसके मार्केट में बेच रहे है। ऐसे मे सरकारी भूमि पर किया जा रहा अवैध उत्खनन के कार्यो को दबाने के लिये पहले से बने हुए अवैध खदानो मे फ्लाईएश को भरकर मामले को दबाने का खेल चल रहा है इसमे मोटा कमाई दलाल कर रहे है। जिसके कारण से खनिज विभाग की भूमिका संदेह के दायरे मे है।



