
आईआईटी छात्र की मौत मामले में परिजनों ने जताई साजिश की आशंका, एसपी सहित अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन

सारंगढ़/शक्ति। आईआईटी जोधपुर के छात्र आशीष कुर्रे की महानदी में डूबने से हुई मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। मृतक के पिता खड़बदन कुर्रे, निवासी ग्राम देवरी मठ, थाना हसौद, जिला शक्ति ने पुलिस अधीक्षक सारंगढ़-बिलाईगढ़, थाना प्रभारी सारंगढ़ सहित अन्य अधिकारियों को आवेदन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच एवं मृतक के साथ गए दोनों युवकों से अलग-अलग पूछताछ कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
आवेदन के अनुसार, मृतक आशीष कुर्रे (20 वर्ष) राजस्थान के आईआईटी जोधपुर में द्वितीय वर्ष का छात्र था। वह गर्मी की छुट्टियों में अपने घर आया हुआ था। 28 फरवरी 2026 को उसके मित्र रविंद्र कुमार भारद्वाज, निवासी मालखरौदा एवं सागर पटेल, निवासी छपौरा (जिला शक्ति) ने उसे घूमने चलने के लिए बुलाया। परिजनों का कहना है कि वे स्वयं आशीष को हसौद स्थित सूर्या होटल तक छोड़ने गए थे, जहां तीनों ने नाश्ता किया और इसके बाद चंद्रपुर की ओर रवाना हो गए।
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि घर से निकलने से पहले आशीष को नदी में नहीं नहाने की हिदायत दी गई थी। परिजनों के अनुसार, आशीष ने स्वयं कहा था कि उसे तैरना नहीं आता और वह अतिरिक्त कपड़े भी साथ लेकर नहीं गया था। चंद्रपुर पहुंचने के बाद उसने अपनी बहन को फोन कर वहां पहुंचने की जानकारी भी दी थी। परिजनों का आरोप है कि कुछ समय बाद रविंद्र भारद्वाज के मोबाइल से आशीष की मां के पास फोन आया और बताया गया कि आशीष नदी में लापता हो गया है। बाद में फिर सूचना दी गई कि वह नदी में डूब गया है। परिजन जब मौके पर पहुंचे तो पुलिस ने महानदी से आशीष का शव बरामद किया।
आवेदन में परिजनों ने संदेह जताया है कि जिस स्थान पर आशीष के साथियों द्वारा नहाने की बात कही गई, वहां से लगभग 100 मीटर दूर और 6 से 7 फीट गहरे पानी से शव बरामद हुआ। इसी आधार पर उन्होंने घटना को संदिग्ध बताते हुए आरोप लगाया है कि दोनों साथियों द्वारा साजिश के तहत आशीष को गहरे पानी की ओर ले जाया गया हो सकता है। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि मृतक के बैग से फ्लूकोनाजोल 400 एमजी की दवा मिलने से उनका संदेह और गहरा हुआ है।
परिजनों ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि दोनों युवकों से अलग-अलग पूछताछ कर मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा जांच में यदि कोई तथ्य सामने आते हैं तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। फिलहाल पुलिस की ओर से इस आवेदन पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मामले में जांच के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों और तथ्यों की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।



