जिला- सारंगढ़ बिलाईगढ़

  सारंगढ़ : कलेक्ट्रेट से चंद कदम दूर सरकारी भूमि को बेचने की तैयारी?

  सारंगढ़ : कलेक्ट्रेट से चंद कदम दूर सरकारी भूमि को बेचने की तैयारी?

  सारंगढ़ : कलेक्ट्रेट से चंद कदम दूर सरकारी भूमि को बेचने की तैयारी?

सरकारी भूमि का 2 करोड़ रूपये में सौदा?
गौरवपथ मेन रोड़ में स्थित है सरकारी भूमि?
राजस्व विभाग और नगर पालिका के करिंदो की मिलीभगत से जमीन को बेचने का प्रयास,
जिला बनने के बाद सरकारी भूमि पर भू-माफियाओ का गिद्ध दृष्टि?

सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के जिला मुख्यालय सारंगढ़ में सरकारी भूमि पर भू-माफियाओ की
गिद्ध दृष्टि लगी हुई है। यहा पर कलेक्ट्रेट से चंद कदम की दूरी पर मुख्य मार्ग से लगा हुआ
करोड़ो रूपये की भूमि को 2 करोड़ रूपये मे विक्रय करने का सौदा होने की खबर छनकर सामने
आ रही है। जिस जमीन का सौदा किया गया है वह सरकारी भूमि है तथा एक व्यक्ति के अवैध
कब्जे मे है। इस भूमि को राजस्व अभिलेख में ऐन-केन प्रकरेण नाम दर्ज करने की कयावद शुरू
हो गई है तथा इस जमीन के एवज मे एड़वास के तौर पर 5 लाख रूपये भी प्रदान कर दिया
गया है।

जो जमीन सरकारी है वह जमीन हमारी है इस नारे के साथ सारंगढ़ में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने और उसके बाद अवैध कब्जे वाली भूमि को विक्रय करने का भी बड़ा खेल सारंगढ़ में हो रहा है। ताजा मामला सारंगढ़ के गौरवपथ से हुआ और कलेक्ट्रेट से चंद मीटर की दूरी पर मेन रोड़ पर स्थित सरकारी भूमि का है। राजस्व अभिलेख में यह भूमि सरकारी भूमि के रूप मे दर्ज है किन्तु इस भूमि पर वर्षो से एक व्यक्ति के द्वारा अवैध रूप से कब्जा करके रखा गया है। खास बात यह है कि इस भूमि के तीन तरफ सरकारी भूमि है और एक ओर गौरवपथ सड़क है। ऐेसे मे बीच मे अचानक निजी भूमि का होना संदेह को जन्म दे रहा है। जब इस मामले में पड़ताल किया गया तो ज्ञात हुआ कि यह भूमि राजस्व अभिलेख में
अवैध रूप से कब्जे की भूमि वाली सरकारी भूमि है तथा यह भूमि पूर्ण रूप से सरकारी भूमि है
किन्तु वर्षो पुराना अवैध कब्जा दर्शाकर इस भूमि को राजस्व अभिलेख में निजी भूमि दर्शाकर
विक्रय करने का पड़यंत्र किया जा रहा है तथा इस भूमि का लगभग 2 करोड़ रूपये में सौदा कर
दिया गया है। बताया जा रहा है कि सारंगढ़ का एक चर्चित ठेकेदार के द्वारा इस भूमि को 2
करोड़ रूपये में लिया जा रहा है तथा इसके लिये 5 लाख रूपये मे एड़वासं भी प्रदान कर दिया
गया है। सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार इस भूमि के राजस्व संबंधी कागजात तैयार कराया

जा रहा है तथा कई प्रकार के हथकंड़े अपनाया जा रहा है। इस मामले मे जानकारो ने बताया कि इस भूमि पर अभी तक किसी भी प्रकार से नजूल पट्टा नही दिया गया है तथा इस भूमि को किसी को आबंटित नही किया गया है तथा राजस्व रिकार्ड में इसको सरकारी भूमि बताया जा रहा है किन्तु इस मामले में कई कानूनी पेंच लगाकर इसको निजी व्यक्ति के नाम पर दर्ज करने तथा उसके उपरांत इसको विक्रय करने की तैयारी में भू-माफिया जोर-शोर से जुटे है। सूत्र बता रहे है कि इस भूमि को विक्रय करने के लिये फर्जीवाड़ा करने की भी तैयारी हो रही है। इस जमीन के बारे मे बताया जा रहा है कि सारंगढ़ के नगर पालिका के शताब्दी काम्लेक्स का लगभग 16 दुकानो का निमार्ण इस भूमि के आजू-बाजू किया गया है तथा पहले मंजिल पर भी 16 दुकानो का निमार्ण किया गया है। ऐसे मे सरकारी भूमि पर किया गया दुकानो का निमार्ण के बाद बचत भूमि जो कि इस काम्लेक्स के परिसर और पार्किग का काम आता उसको घेरकर निजी व्यक्ति के द्वारा कब्जा कर लिया गया है। बताया जा रहा है किअवैध रूप से दिवाल उठाकर कब्जा किया गया इस भूमि को अपना निजी भूमि बताकर विक्रय
करने का प्रयास किया जा रहा है

जबकि प्रथम दृष्टि ही साफ तौर पर देखा जा सकता है कि यह भूमि नगर पालिका के शताब्दी काम्लेक्स के पार्किग की भूमि है तथा इसके बिना नगर पालिका के शताब्दी काम्लेक्स की पार्किग स्थल अधूरा रहेगा। किन्तु इस भूमि पर 1985 सेकब्जा होने का दावा करते हुए कुछ व्यक्तियो के द्वारा इस भूमि को अपने कब्जे में होना बता रहे है। बताया जा रहा है कि इस कब्जे के आधार पर ही करोड़ो रूपये की बहूमूल्य इस भूमि को अपने नाम पर दर्ज कराने की कयावद शुरू कर दिया गया है तथा इसको सारंगढ़ के एक चर्चित
ठेकेदार के पास 2 करोड़ रूपये में विक्रय कर दिया गया है।

नगर पालिका सारंगढ़ के अधिकारियो की भूमिका भी संदेह के घेरे में?

बताया जा रहा है कि जिस जगह पर की 20 डिसमिल भूमि को अपना कब्जा बताकर राजस्व विभाग के रिकार्ड में अपना नाम दर्ज कराने का प्रयास किया जा रहा है उस भूमि पर नगर पालिका सारंगढ़ का शताब्दी काम्लेक्स भाग-2 के नाम से व्यवसायिक परिसर का निमार्ण किया गया है तथा दो मंजिला इस परिसर में लगभग 32 दुकानो का निमार्ण किया गया है। इस परिसर के मध्य मे यह भूमि उपस्थित है जिसे दिवाल खड़े करके अवैध कब्जाधारियो के द्वारा
अपने अधिपत्य में ले लिया गया है। व्यावसायिक परिसर के बीचो-बीचे जमीन पर अवैध रूप से
चार-दिवारी खड़े करने के काम में नगर पालिका सारंगढ़ के अधिकारी भी कोई आपत्ति नही किये
जिसके कारण से अब इस भूमि को अपना निजी भूमि बताकर कब्जा दर्शाते हुए राजस्व रिकार्ड
में इस भूमि को अंकित कराने और विक्रय करने की तैयारी शुरू हो गई है। कलेक्ट्रेट से चंद
मीटर की दूरी पर सरकारी भूमि पर किया गया इस अवैध कब्जा पर कार्यवाही नही होने से भू-

माफिया बड़ी आसानी से इस करोड़ो रूपये के बहूमूल्य भूमि को बेचने का प्रयास कर रही है और
प्रशासन अभी गहरी नींद में सो रहा है।

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