
समरसता अभियान से बौखलाई कांग्रेस की संकीर्ण मानसिकता उजागर – वेदराम

संत रविदास से लेकर पंजाब और बाबा साहेब तक, कांग्रेस का इतिहास महापुरुषों के अनादर और रक्तपात का !
संत रविदास जी की जयंती पर आयोजित ‘समरसता दिवस’ एक पवित्र सामाजिक अनुष्ठान, जिस पर कांग्रेस कर रही ओछी राजनीति
आज पंजाब की बात करने वाली कांग्रेस 1984 में पंजाबियों के कत्लेआम और सिख नरसंहार की मुख्य गुनहगार दशकों के शासन में कांग्रेस ने संतों और समाज सुधारकों का किया अपमान, बाबा साहेब को जीवनभर किया प्रताड़ित मोदी सरकार ने बाबा साहेब के ‘पंचतीर्थ’ बनाकर और संत रविदास जी की जन्मस्थली की पवित्र मिट्टी से देश को जोड़कर दिया सच्चा सम्मान छत्तीसगढ़ कांग्रेस के पूर्व विधायक चंद्रदेव राय का RSS पर बयान अत्यंत निंदनीय, बांटने की राजनीति करने वालों को पच नहीं रही सामाजिक समरसता
संत रविदास जी की पावन जयंती पर्व पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा देशभर में आयोजित ‘समरसता दिवस अभियान’ को लेकर कांग्रेस पार्टी द्वारा की जा रही बयानबाजी पर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता वेदराम जांगड़े ने कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि एक पवित्र सामाजिक अभियान को राजनीतिक चश्मे से देखना और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर अनर्गल टिप्पणियां करना कांग्रेस पार्टी की संकीर्ण, ओछी और दोहरी मानसिकता का स्पष्ट प्रमाण है। ‘समरसता दिवस’ विशुद्ध रूप से एक पवित्र सामाजिक अनुष्ठान है, लेकिन अपनी पुरानी दलित-विरोधी, वंचित-विरोधी और समाज विरोधी सोच के कारण कांग्रेस इस पर भी निम्नस्तरीय राजनीति पर उतर आई है।
पंजाब की बात करने वाली कांग्रेस का हाथ 1984 के निर्दोष पंजाबियों के खून से सना
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता वेदराम जांगड़े ने कांग्रेस के पाखंड पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि जो कांग्रेस पार्टी आज पंजाब और पंजाबियत की बड़ी-बड़ी बातें करती है, देश को उसका खूनी अतीत कभी नहीं भूलना चाहिए। 1984 में कांग्रेस की सरकार के संरक्षण में निर्दोष पंजाबियों और सिख भाइयों का बर्बरतापूर्वक कत्लेआम किया गया था। कांग्रेस ने पंजाब को हिंसा की आग में झोंका, हजारों बेगुनाह परिवारों को तबाह किया और उस भयानक नरसंहार के मुख्य दोषियों को संरक्षण देने का काम किया। पंजाब में रक्तपात कराने वाली कांग्रेस आज किस नैतिकता से सामाजिक न्याय और समरसता की बात कर सकती है?
महापुरुषों, संतों और बाबा साहेब का ऐतिहासिक अपमान
वेदराम जांगड़े ने कहा कि दशकों के शासन में कांग्रेस ने कभी भी संतों, समाज सुधारकों और महापुरुषों को उचित स्थान नहीं दिया। संत रविदास जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना हो, महात्मा ज्योतिबा फुले व माता सावित्रीबाई फुले के शिक्षा और सामाजिक क्रांति के योगदान को सम्मान देना हो, गुरु बाबा घासीदास जी के सत्य-समरसता के संदेश को सराहना हो या माता अहिल्याबाई होलकर के लोक-कल्याणकारी कार्यों को याद करना हो—कांग्रेस ने हमेशा इन विभूतियों की उपेक्षा की है।
उन्होंने आगे कहा कि संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर को कांग्रेस ने जीवनभर प्रताड़ित किया, उन्हें संसद पहुँचने से रोकने के लिए षड्यंत्र रचे और कभी ‘भारत रत्न’ देने योग्य नहीं समझा। यह एक ऐसा ऐतिहासिक पाप है जो कभी नहीं धुल सकता। इसके विपरीत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने बाबा साहेब से जुड़े 5 प्रमुख स्थलों को ‘पंचतीर्थ’ के रूप में विकसित कर उन्हें वैश्विक पहचान दिलाई है।
संत रविदास जी की पावन मिट्टी से देश को जोड़ने की ऐतिहासिक पहल
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा द्वारा संत रविदास महाराज जी की जन्मस्थली की पवित्र मिट्टी को देशभर के प्रमुख स्थलों तक ले जाकर स्थापित करना, समाज को उनके समरसता के विचारों से जोड़ने का एक ऐतिहासिक कार्य है। समाज को बांटकर सत्ता हासिल करने का सपना देखने वाली कांग्रेस के पेट में ऐसे पवित्र सामाजिक प्रयासों से दर्द होना स्वाभाविक है।
चंद्रदेव राय का बयान घटिया राजनीति की पराकाष्ठा
छत्तीसगढ़ में IBC24 चैनल पर कांग्रेस के पूर्व विधायक चंद्रदेव राय द्वारा भाजपा के समरसता अभियान और संघ (RSS) पर दी गई टिप्पणी को अत्यंत निंदनीय बताते हुए जांगड़े ने कहा कि जब भी संघ निस्वार्थ भाव से समाज को जोड़ने, वंचितों और शोषितों को गले लगाने का काम करता है, कांग्रेस तिलमिला उठती है। दलित, शोषित और पीड़ित समाज कांग्रेस के इस छलावे, दंगे कराने वाले चरित्र और अपमानजनक इतिहास को कभी नहीं भूलेगा। कांग्रेस को पवित्र अभियानों पर ओछी बयानबाजी करने के बजाय अपने अतीत के पापों का प्रायश्चित करना चाहिए।
जारीकर्ता।
वेदराम जांगड़े, प्रदेश प्रवक्ता बीजेपी छत्तीसगढ़।



