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विपक्ष में रहकर भी जनता के बीच मजबूत पकड़, विधायक उत्तरी जांगड़े की सक्रियता बनी चर्चा का विषय

विपक्ष में रहकर भी जनता के बीच मजबूत पकड़, विधायक उत्तरी जांगड़े की सक्रियता बनी चर्चा का विषय

विपक्ष में रहकर भी जनता के बीच मजबूत पकड़, विधायक उत्तरी जांगड़े की सक्रियता बनी चर्चा का विषय

सड़क से सदन तक लगातार जनहित की लड़ाई लड़ रही हैं सारंगढ़ विधायक

सारंगढ़-बिलाईगढ़ — राजनीति में सत्ता और विपक्ष दोनों की अपनी-अपनी चुनौतियां होती हैं, लेकिन कुछ जनप्रतिनिधि ऐसे भी होते हैं जो पद से अधिक जनता के बीच अपनी सक्रियता और संघर्षशील छवि के लिए पहचाने जाते हैं। विधायक श्रीमती उत्तरी गणपत जांगड़े उन्हीं नेताओं में शामिल हैं, जिनकी सक्रियता आज विपक्ष के दौर में भी लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली विधायक उत्तरी गणपत जांगड़े आज भी क्षेत्र के हर छोटे-बड़े कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराती नजर आती हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विपक्ष में रहते हुए भी जिस प्रकार से उन्होंने जनता और कार्यकर्ताओं से लगातार जुड़ाव बनाए रखा है, वह उनकी मजबूत राजनीतिक पकड़ को दर्शाता है।

कार्यकर्ताओं में आज भी मजबूत पकड़
कांग्रेस संगठन में उनकी छवि एक मिलनसार और सहज नेता के रूप में मानी जाती है। यही कारण है कि कार्यकर्ताओं का बड़ा वर्ग आज भी उनसे संतुष्ट नजर आता है। चाहे जनपद चुनाव हो, नगर पालिका चुनाव हो या पंचायत चुनाव — हर चुनाव में वे पार्टी के लिए समर्पित भाव से कार्य व नेतृत्व करती दिखाई देती हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि जिस प्रकार से कांग्रेस संगठन सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में एकजुट होकर काम कर रहा है और विधायक उत्तरी जांगड़े लगातार जनसंपर्क में सक्रिय हैं, उससे आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी जीत की हैट्रिक की संभावनाओं को भी बल मिल रहा है।

सड़क की लड़ाई लड़ने वाली नेता की पहचान
विधायक उत्तरी जांगड़े हमेशा से जनहित के मुद्दों को सड़क से सदन तक उठाने के लिए जानी जाती रही हैं। बीते दिनों सारंगढ़ और कोसीर क्षेत्र में बदहाल बिजली व्यवस्था को लेकर उन्होंने आंदोलन की चेतावनी तक दी थी। वहीं रेल लाइन निर्माण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को भी वे समय-समय पर उठाती रही हैं।क्षेत्रीय जनता का कहना है कि विपक्ष के ढाई वर्षों में भी उन्होंने बिना रुके और बिना थके जनहित के मुद्दों को लेकर संघर्ष जारी रखा है। यही कारण है कि जनता के बीच उनकी छवि एक जमीनी और संघर्षशील नेता के रूप में बनी हुई है। 2018 से 2023 कांग्रेस सरकार के दौरान विधायिकी के अपने प्रथम कार्यकाल में सैकड़ों जनहित के कार्य सम्पन्न, विधायक के हाथों से हुए, वहीं 2023 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश में कांग्रेस के खिलाफ माहौल होने के बाद भी सारंगढ़ से जीत दर्ज कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया. बहरहाल आने वाला ढाई साल निर्णायक होगा. वर्तमान स्थिति में विधायक की स्थिति बेहद मजबूत है.

“अच्छे-अच्छे सूरमा विपक्ष में शांत हो जाते हैं”
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अक्सर विपक्ष में आने के बाद कई नेता सक्रियता कम कर देते हैं, लेकिन जमीनी नेता वही कहलाते हैं जो सड़क से लेकर सदन तक जनता की आवाज उठाते रहें। विधायक उत्तरी गणपत जांगड़े की लगातार सक्रियता इसी सोच को मजबूत करती है। प्रदेश में भले ही भारतीय जनता पार्टी की सरकार हो, लेकिन सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की दोनों विधानसभा सीटों पर कांग्रेस विधायकों की मौजूदगी और संगठन की एकजुटता क्षेत्र की राजनीति में अलग संदेश देती नजर आ रही है। ऐसे में आने वाले समय में जिले की राजनीति और भी रोचक होने की संभावना जताई जा रही है।

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