
2 करोड़ 39 लाख की सड़क निर्माण में मिट्टी चोरी का आरोप, भड़ीसार से भकुर्रा मार्ग निर्माण पर बढ़ा विवाद
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सरसीवा क्षेत्र में भड़ीसार से भकुर्रा तक बन रही लगभग 2 करोड़ 39 लाख रुपये की लागत वाली सड़क इन दिनों विवादों में घिर गई है। सड़क निर्माण कार्य में उपयोग हो रही मिट्टी को लेकर सोशल मीडिया में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। कुछ लोगों द्वारा निर्माण एजेंसी पर फॉरेस्ट विभाग की भूमि से अवैध रूप से मिट्टी निकालने का आरोप लगाया जा रहा है, जबकि दूसरी ओर ग्राम पंचायत इस दावे को खारिज कर रही है। जानकारी के अनुसार सड़क निर्माण कार्य में मिट्टी फिलिंग का काम तेजी से चल रहा है। इसी बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर यह मुद्दा उफान पर आ गया है और ठेकेदार पर वन भूमि से मिट्टी चोरी करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि उक्त सड़क निर्माण का ठेका सरसीवा क्षेत्र के एक भाजपा नेता से जुड़ी निर्माण एजेंसी को मिला है, जिसके कारण राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस समर्थक नेताओं द्वारा सोशल मीडिया में लगातार तंज कसे जा रहे हैं।
हालांकि भड़ीसार ग्राम पंचायत के सरपंच ने इन आरोपों को निराधार बताया है। सरपंच का कहना है कि सड़क निर्माण के लिए निकाली जा रही मिट्टी राजस्व भूमि की है और ग्राम पंचायत द्वारा इसकी अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि यह सड़क क्षेत्र के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और ग्रामीण लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे।
वहीं स्थानीय स्तर पर यह भी जानकारी निकलकर सामने आ रही है कि मिट्टी किसी वन क्षेत्र से नहीं बल्कि एक अधूरे निर्माणाधीन डैम के मुहाने से निकाली जा रही है। इसके बावजूद मामले को लेकर भ्रम और विवाद बना हुआ है।अब सवाल मिट्टी की वैधता के साथ-साथ निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य स्तरहीन हुआ तो आने वाले समय में इसका खामियाजा पूरे क्षेत्र को भुगतना पड़ेगा। सड़क ग्रामीणों के लिए बहुप्रतीक्षित सौगात मानी जा रही है, ऐसे में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।आरोप-प्रत्यारोप के इस माहौल के बीच अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन और संबंधित विभागों पर टिकी हुई हैं। यदि शासन स्तर पर निष्पक्ष जांच होती है तो मिट्टी निकासी की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। साथ ही यह भी सामने आ पाएगा कि निर्माण कार्य नियमानुसार हो रहा है या नहीं।
अब देखना यह होगा कि जिले के बड़े अधिकारी इस मामले में कितना गंभीर रुख अपनाते हैं और सड़क निर्माण की गुणवत्ता व मिट्टी निकासी के मामले में क्या कार्रवाई करते हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी और यदि कहीं गड़बड़ी पाई गई तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी।



