
खनिज माफियाओं पर सरकार सख्त, ड्रोन निगरानी और टोल फ्री नंबर जारी
क्या सारंगढ़-बिलाईगढ़ में भी होगी बड़ी कार्रवाई?

रायपुर/सारंगढ़-बिलाईगढ़ — छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रही अवैध खनन और रॉयल्टी चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार ने अब सख्त कदम उठाना शुरू कर दिया है। प्रदेश में खनिज माफियाओं पर प्रभावी नियंत्रण और शिकायतों के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा “खनन सूचना केंद्र (माइनिंग इनफॉर्मेशन सेंटर)” की स्थापना की गई है। इसके साथ ही आम नागरिकों से शिकायत प्राप्त करने हेतु टोल फ्री नंबर 1800-233-2140 जारी किया गया है। संचालनालय भूविज्ञान एवं खनिकर्म विभाग द्वारा जारी इस सुविधा के माध्यम से अब कोई भी व्यक्ति अवैध खनन, अवैध परिवहन, रॉयल्टी चोरी अथवा खनिज संबंधी अन्य अनियमितताओं की शिकायत सीधे प्रशासन तक पहुंचा सकेगा। शासन का दावा है कि प्राप्त सूचनाओं पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सुबह 10 बजे से शाम 5:30 बजे तक होगी सुनवाई
खनन सूचना केंद्र का संचालन प्रतिदिन कार्यालयीन समय सुबह 10 बजे से शाम 5:30 बजे तक किया जाएगा। शिकायतों के समन्वय और कार्रवाई की निगरानी के लिए संयुक्त संचालक स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। ड्रोन से निगरानी, जिला स्तर पर टॉस्क फोर्स सक्रिय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर संवेदनशील खनन क्षेत्रों में अब ड्रोन कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है। जिला प्रशासन को विशेष टॉस्क फोर्स गठित कर अवैध उत्खनन पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। शासन की इस पहल के बाद अब लोगों की नजरें सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले पर भी टिक गई हैं, जहां लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन और परिवहन को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
क्या सारंगढ़-बिलाईगढ़ में पकड़े जाएंगे रेत चोर?
क्षेत्र में यह चर्चा तेज है कि क्या ड्रोन निगरानी के जरिए अब महानदी और अन्य घाटों से अवैध रूप से रेत निकालने वाले माफियाओं पर शिकंजा कस पाएगा? स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई स्थानों पर रात के अंधेरे में बिना रॉयल्टी पर्ची के भारी वाहन रेत परिवहन करते दिखाई देते हैं, लेकिन कार्रवाई सीमित स्तर पर ही नजर आती है।
खनिज विभाग पर भी उठ रहे सवाल लोगों के बीच यह सवाल भी लगातार उठ रहा है कि क्या रॉयल्टी चोरी करने वालों पर खनिज अधिकारियों की अगुवाई में कभी बड़ी और प्रभावी कार्रवाई हो पाएगी? कई बार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
जनता को अब कार्रवाई का इंतजार
राज्य सरकार द्वारा टोल फ्री नंबर और ड्रोन निगरानी जैसी नई व्यवस्था लागू किए जाने के बाद अब आम जनता को उम्मीद है कि रेत माफियाओं और अवैध उत्खनन में शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई होगी। अब देखना यह होगा कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ सहित प्रदेश के अन्य जिलों में यह अभियान केवल कागजों तक सीमित रहता है या वास्तव में जमीन पर असर दिखाई देता है।

