
राज्यसभा उम्मीदवार : पूर्व सांसद गुहाराम अजगल्ले, पूर्व विधायक निर्मल सिन्हा और पूर्व विधायक केराबाई मनहर में किसी एक के नाम पर लग सकती है मुहर!
भाजपा अजा वर्ग से उम्मीदवार देने पर कर रही है विचार?
अजा बाहुल्य क्षेत्र सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला या जांजगीर लोकसभा से राज्यसभा का हो सकता है
फैसला?
राज्यसभा के बहाने अजा बाहुल्य क्षेत्र में अपनी पैठ बढ़ा सकती है भाजपा,
सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की 2 सीटें 9 मार्च को खाली हो रही हैं। राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। बीजेपी और कांग्रेस के दावेदारों ने पार्टी आलाकमान के सामने अपनी-अपनी दावेदारी पेश की है। राज्यसभा चुनाव के लिए 26 फरवरी को अधिसूचना जारी होगी। अधिसूचना जारी होते ही नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। सूत्र बताते है कि सत्ताधारी दल भाजपा राज्यसभा सीट के लिये स्थानीय चेहरे पर दांव लगा सकती है जिसमे उनकी प्राथमिकता अजा वर्ग है। अगर इस समीकरण पर काम हुआ तो पूर्व सांसद गुहाराम अजगल्ले, पूर्व विधायक निर्मल सिन्हा और पूर्व विधायक केराबाई मनहर मे से किसी एक के नाम पर मुहर लग सकती है।
दरअसल छत्तीसगढ़ में राज्यसभा के दो सांसदों का कार्यकाल 9 अप्रैल को पूरा हो रहा है। फूलोदेवी नेताम और कवि तेजपाल सिंह तुलसी का कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। 5 मार्च नामांकन की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों ने अपने-अपने स्तर पर मंथन तेज कर दिया है। छत्तीसगढ़ की जिन दो सीटों पर चुनाव होने हैं वह अभी कांग्रेस के खाते में हैं।
2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को हार मिली थी। कांग्रेस की हार का असर राज्यसभा चुनाव में भी दिखाई देगा। राज्य में अभी जो दो सीटें खाली हो रही हैं। उन सीटों पर कांग्रेस का कब्जा है लेकिन संख्या बल के हिसाब से इस बार कांग्रेस को केवल एक सीट ही मिलती दिख रही है।

ऐसे में कांग्रेस को एक सीट का घाटा हो सकता है। वही इस बार के राज्यसभा के चुनाव में बीजेपी को होगा फायदा होते दिख रहा है। छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की 5 सीटें हैं। अभी चार सीटों पर कांग्रेस का कब्जा है जबकि 1 सीट बीजेपी के खाते में है। लेकिन इस चुनाव के बाद बीजेपी की एक सीट बढ़ सकती है। संख्या बल के हिसाब से बीजेपी सत्ता में है। ऐसे में एक सीट बीजेपी को मिलना तय माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि राज्यसभा मे बीजेपी अजा वर्ग के चेहरे को राज्यसभा की टिकट देकर अजा वर्ग में अपनी पैठ को मजबूत बना सकती है।

उसकी नजर जांजगीर लोकसभा क्षेत्र और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला, सक्ती जिला और बलौदाबाजार जिला सहित अजा बाहुल्य पट्टी पर है। बताया जा रहा है कि अजा वर्ग के चेहरे को राज्यसभा मे भेजने के फैसला होने पर सारंगढ़ अंचल से जुड़े अजा नेताओ को अच्छा अवसर मिल सकता है। सारंगढ़ लोकसभा और जांजगीर लोकसभा के सांसद रहे और अब तक अपराजेय रहे पूर्व सांसद गुहाराम अजगल्ले बड़े अजा चेहरे में भाजपा के गुडबुक में गिने जाते है। शांत और सरल स्वाभाव के मिलनसार व्यक्तित्व के धनी पूर्व सांसद गुहाराम अजगल्ले पूरे क्षेत्र में अजा वर्ग में सशक्त चेहरे के रूप मे जाने जाते है। वही अजा वर्ग के नेताओ मे सक्रिय चेहरे के रूप में मालखरौदा के पूर्व विधायक निर्मल सिन्हा को भी अवसर मिल सकता है। संगठन में प्रदेश उपाध्यक्ष रहे निर्मल सिन्हा भाजपा के सक्रिय अजा नेताओ मे गिन जाते है। वही अजा महिला नेत्री के नाम पर विचार की स्थिति में सारंगढ़ की पूर्व विधायक श्रीमती केराबाई मनहर का नाम पर मुहर लग सकती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के खास सर्मथक के रूप मे जाने जाने वाली श्रीमती केराबाई मनहर के नाम को भाजपा संगठन के लिये नया नाम होगा।

बहरहाल देखना है कि आने वाले सप्ताह में राज्यसभा के नाम पर सत्ताधारी दल
भाजपा किस नाम पर मुहर लगाती है। महानदी तटीय अजा बाहुल्य क्षेत्र पर पैठ मजबूत करने का सोच सामने आने पर सारंगढ़ अंचल के अजा नेताओ को शानदार अवसर मिल सकता है। जिससे आसपास के दर्जन भर से अधिक विधानसभा सीटो पर भाजपा बड़े स्तर पर चुनावी समीकरण को प्रभावित कर सकती है।



