जिला- सारंगढ़ बिलाईगढ़

बरमकेला अपेक्स बैंक 4 करोड़ रूपये के गबन मामले में अब तक जांच जारी! आरोपियो को बचाने मे लगे बैंक के अधिकारी? गबन के मामले में अब तक एफआईआर नही?

बरमकेला अपेक्स बैंक 4 करोड़ रूपये के गबन मामले में अब तक जांच जारी! आरोपियो को बचाने मे लगे बैंक के अधिकारी? गबन के मामले में अब तक एफआईआर नही?

बरमकेला अपेक्स बैंक 4 करोड़ रूपये के गबन मामले में अब तक जांच जारी! आरोपियो को बचाने मे लगे बैंक के अधिकारी? गबन के मामले में अब तक एफआईआर नही?

पूर्व ब्रांच मैनेजर बाघमारे, लिपिक आशीष पटेल और अन्य कर्मचारियों ने मिलकर की चार करोड़ की
हेराफेरी, बयान के लिए प्रबंधकों को बुलावा

सारंगढ़ टाईम्स/सारंगढ़,
किसानों और सहकारी संस्था के चार करोड़ रुपए गबन करने वालों को अपेक्स बैंक मुख्यालय ने बचाने में पूरी ताकत लगा दी है। सहकारिता विभाग को भी अपेक्स बैंक ने ठेंगा दिखा दिया है। तीन महीनों से स्टेटमेंट मांगे जा रहे हैं लेकिन समिति प्रबंधकों को रोक दिया गया है। अब सहकारिता विभाग ने प्रबंधकों के बयान दर्ज कर कार्रवाई करने की तैयारी कर ली है। सहकारी समितियों की देखरेख करने वाले अपेक्स बैंक के ब्रांच मैनेजर और कर्मचारियों ने समितियों को लूट लिया है। एक निजी फर्म से कर्मचारी आउटसोर्स करवाने के बाद उनके हाथ वित्तीय काम सौंप दिए। बरमकेला अपेक्स बैंक ब्रांच में चार करोड़ गबन कर लिया गया। समितियों के एकाउंट से राशि आईएमपीएस के जरिए अपने एकाउंट में ट्रांसफर कर ली।

डीएमआर खातों में नियम विपरीत एवं संदिग्ध ट्रांजेक्शन व नकद आहरण करने, समिति के केसीसी खातों को अनाधिकृत रूप से नाम कर राशि अंतरण किया गया है। बरमकेला शाखा प्रबंधक डीआर बाघमारे, लेखाधिकारी मीनाक्षी मांझी और लिपिक आशीष पटेल की संलिप्तता पाई गई है। पहले एबीआर कंपनी द्वारा भर्ती किए गए और बाद में सीडीओ सिक्योरिटीज एंड पब्लिक हेल्पलाइन सर्विस में ट्रांसफर किए गए कर्मचारी लिकेश बैरागी डाटा एंट्री ऑपरेटर, रमाकांत श्रीवास डाटा एंट्री ऑपरेटर, अरुण चंद्राकर सिक्योरिटी गार्ड, खीरदास महंत सिक्योरिटी गार्ड और संजीव मानिकपुरी सिक्योरिटी गार्ड को बर्खास्त किया गया था।  एफआईआर के लिए रिपोर्ट नहीं दे रहे थाने में

अपेक्स बैंक मुख्यालय ने दिखावे के लिए नए ब्रांच मैनेजर को एफआईआर कराने का आदेश दिया। बरमकेला थाने में शिकायत की गई लेकिन बैंक की जांच रिपोर्ट ही नहीं दी। इधर समितियों के एकाउंट को खाली करने वाले अधिकारी को बचाने की जुगत में स्टेटमेंट भी रोक दिए गए। समिति प्रबंधकों को भी लूट की रकम में हिस्सा पहुंचा दिया गया। 4 एवं 5 नवंबर को संदिग्ध ट्रांजेक्शन किए गए थे। अब सहकारिता विभाग सभी प्रबंधकों के बयान लेकर जांच आगे बढ़ा रहा है।

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