जिला- सारंगढ़ बिलाईगढ़

शहरवासी पीलिया बीमारी की जकड़ में, दो दर्जन से अधिक है पीलिया के मरीज!

शहरवासी पीलिया बीमारी की जकड़ में, दो दर्जन से अधिक है पीलिया के मरीज!

शहरवासी पीलिया बीमारी की जकड़ में, दो दर्जन से अधिक है पीलिया के मरीज!

जिला चिकित्सालय में दो माह मे 30 से पीलिया मरीज हुए भर्ती,
रायगढ़ और निजी हास्पीटलो में कराया दर्जनो लोगो ने ईलाज,
पीलिया बीमारी का नगर पालिका और प्रशासन नही ले रहा है सुध,
साफ-सफाई का अभाव, नाली से गुजरी पाईप लाईन से दूषित पानी की आपूर्ति?
शहर की पानी आपूर्ति और साफ-सफाई व्यवस्था पटरी से उतरी?

सारंगढ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
पान,पानी और पालगी की नगरी सारंगढ़ मे साफ-सफाई के अभाव और नाली से गुजरे हुए पाईप लाईन मे लिकेज के कारण से घरो मे दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है और इसके कारण से शहर मे पीलिया के मरीजो की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिला चिकित्सालय में ही 30 लोग पीलिया की बीमारी का उपचार कराया है। वही निजी अस्पताल और अन्य शहरो मे उपचार कराने वालो की संख्या दर्जनो में है। जिला प्रशासन और नगर पालिका इस लगातार बढ़ रही पीलिया बीमारी को लेकर गंभीर नही है। जिसके कारण से आने वाले दिनो मे पीलिया बीमारी स्वास्थगत समस्या के रूप में गंभीर स्थिति बना सकती है।

सारंगढ़ नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारियो के मनमानी कार्यप्रणाली के कारण
से शहर बदहाल हो गया है। नालियो मे मलबा जाम है और नाली का पानी सड़क पर बह रहा है। वही कई स्थान ऐसे है जहा पर पाईप लाईन नाली के पानी से होकर गुजर रहे है। लिकेज और अन्य बदहाल समस्या के कारण से घरो मे पहुंच रहा पानी दूषित हो रहा है। ऐसी स्थिति में दूषित पानी की सेवन पीलिया बीमारी परोसने का सबसे बड़ा कारण बन रहा है। सारंगढ़ शहर में दर्जनो लोग पीलिया बीमारी से जूझ रहे है। सारंगढ़ जिला चिकित्सालय में पीलिया बीमारी से उपचार कराने वालो की संख्या 30 है किन्तु निजी चिकित्सालय और अन्य शहरो मे उपचार कराने वालो की संख्या भी काफी है। समय रहते इस दिशा में ध्यान नही दिया गया तो आने
वाले समय में पीलिया एक बड़ी समस्या के रूप मे सारंगढ़ में अपना पांव पसार लेगी। सारंगढ़ शहर में पीलिया बीमारी के फैलने का सबसे बड़ा कारण साफ-सफाई का अभाव है।

नगर पंचायत से नगर पालिका बने और पुराने 15 वार्डो के साथ शामिल हुए 21 गांव से सारंगढ़ नगर पालिका का क्षेत्रफल लगभग तीनगुना हो गया है किन्तु सफाई कर्मचारियो की संख्या आज भी डेढ़ दर्जन ही है अर्थात एक वार्ड के लिये अधिकतक 2 सफाई कर्मचारी है जिसके कारण से वार्डो में सफाई व्यवस्था सिर्फ औपचारिकता होकर रह गई है। शहर के सड़के धूलग्रस्त हो गई है यहा लगने वाला झाडू लगभग बंद हो गया है। वही नालियो की सफाई भगवान भरोसे हो गई है। शहर के 95 फीसदी से अधिक नाली मे मलबा जाम है तथा नाली मे पानी का बहाव लगभग बंद हो गया है। इसके कारण से मच्छरो का प्रकोप भी शाम होते ही लोगो को परेशान कर रहा है। नालियो की सफाई नही होने से मलबा उसमे भर गया है और पानी का बहाव बंद हो गया है जिसके कारण से कई वार्डो में घरो मे पानी की आपूर्ति करने वाला पाईप लाईन नालियो की पानी के बीच से गुजर रहा है। नालियो के दूषित पानी के बीच से गुजर रहे पाईप लाईन के लीकेज होने से दूषित पानी की आपूर्ति घरो में हो रही है और इसके कारण से लोगो को विभिन्न प्रकार की बिमारियो का सामना करना पड़ रहा है। शहर के कई वार्डो में पीलिया के मरीजो की संख्या लगातार बढ़ रही है जिसमें वार्ड क्रमांक-9 का नाम भी प्रमुख रूप से सामने आ रहा है। साथ ही वार्ड क्रमांक-8 तथा वार्ड क्रमांक-13 में भी स्थिति बदहाल है। वही व्यापारिक वार्डो में नाली जाम होने के कारण से नाली का पानी रोड़ पर आ जा रहा है। जिसके कारण से साफ-सफाई बदहाली
की ओर अग्रसर है।

नाली से गुजरी पाईप लाईन से दूषित पानी की आपूर्ति?

सारंगढ़ नगर पालिका की लोगो को दूषित पानी की आपूर्ति कर रही है। कई वार्ड ऐसे है जहा पर नाली के अंदर से पानी का पाईप लाईन गुजरा हुआ है। नगर पालिका सारंगढ़ को इस समस्या के संबंध में कई बार अवगत कराने के बाद भी उनके कार्यशैली में कोई सुधार नही हुआ है। नाली के भीतर से गुजरने वाले पाईप लाईन के कारण से दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। जिसके कारण से पीलिया सहित कई प्रकार की बिमारियो से सारंगढ़ जकड़ जा रहा है। नगर पालिका अमला शीघ्र ही इस बड़ी समस्या का समाधान की दिशा मे कारगार कदम नही उठाता
है

तो आने वाले समय मे दूषित पानी के सेवन से लोगो की मौत भी हो सकती है।
साफ-सफाई ठप्प, नालिया हो गई है जाम, मक्कड़ो पर कचरो का ढ़ेर? सारंगढ़ नगर मे साफ-सफाई ठप्प हो गया है। कई वार्डो में झाडू तक नही लगाया जा रहा है। नालियो की स्थिति बद से बदत्तर हो गई है। वर्षो से नालियो की साफ-सफाई नही हुई है। मच्छरो का प्रकोप से लोग परेशान हो गये है। वही मक्कड़ो पर कचरो़ का ढ़ेर पड़ा हुआ है। ऐसे मे सारंगढवासियो को नगर पालिका बीमारी परोसने का काम कर रहा है। पीलिया बीमारी का लगातार आ रहे केस के बाद भी स्वास्थ विभाग और नगर पालिका ने आतम जनता के लिये किसी भी प्रकार का कोई मुनादी तक नही कराया है। नगर पालिका के दूषित पानी से बचने के लिये पानी को उबालकर पीने तक का कोई सलाह तक नही दिया जा रहा है। कुल मिलाकर नगर पालिका के बदहाल कार्यशैली के कारण से शहरवासी गंभीर बीमारी पीलिया से जूझ रहे है।

क्या है पीलिया बीमारी का लक्षण

पीलिया तब होता है जब रक्त में बिलीरुबिन नामक पीले रंग के पदार्थ की मात्रा बढ़ जाती है क्योंकि लिवर पुरानी लाल रक्त कोशिकाओं को ठीक से संसाधित नहीं कर पाता है। यह लिवर की बीमारी हेपेटाइटिस (वायरल संक्रमण)पित्त नली में रुकावट या खून के अत्यधिक टूटने के कारण होता हैजिससे त्वचा और आंखें पीली पड़ जाती हैं। पीलिया होने के मुख्य कारण मे लिवर में खराबी प्रमुख है। लिवर की
कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं तो वे रक्त से बिलीरुबिन को फिल्टर नहीं कर पातीं। वही जब लिवर से पित्त (bile) ले जाने वाली नली में पथरी या ट्यूमर के कारण रुकावट आ जाती है। जब शरीर बहुत तेजी से लाल रक्त कोशिकाओं को नष्ट करता हैजिससे बिलीरुबिन का उत्पादन बढ़ जाता है। यह सब समस्या दूषित पानी के कारण से ज्यादा होता है। बताया जा रहा है दूषित पानी या भोजन से फैलने वाला हेपेटाइटिस A, B या C सबसे आम कारण हैं। इसके लक्षण में त्वचा और आंखों का सफेद भाग पीला होनागहरे रंग का पेशाब, थकानपेट में दर्द और कमजोरी प्रमुख है।

बचाव और सावधानियां

पीलिया बीमारी से बचने के लिये साफ-सफाई बहुत आवश्यक है, स्वच्छ पानी पिएं और बाहर का खुला खाना न खाएं। पीने का पानी का उबाल कर उपयोग करने का सलाह जानकारो ने दिया है। वही हल्का सा भी लक्षण दिखने पर तुरंत ही चिकित्सको से परामर्श लेने सलाह दिया गया है।

 

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