जिला- सारंगढ़ बिलाईगढ़

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में एक साल में सड़क दुर्घटना में 143 लोगो की मौत! सारंगढ़ अंचल की सड़के हो रही है खून से लाल?

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में एक साल में सड़क दुर्घटना में 143 लोगो की मौत! सारंगढ़ अंचल की सड़के हो रही है खून से लाल?

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में एक साल में सड़क दुर्घटना में 143 लोगो की मौत! सारंगढ़ अंचल की सड़के हो रही है खून से लाल?

नए जिले में सड़क दुर्घटना में सबसे ज्यादा मौतें सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिला में,
वर्ष 2025 में हर माह औसतन 12 मौतें,
नया बना जिला में लगातार बढ़ रहा है सड़क दुर्घटना

सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में जनवरी-2025 से दिसंबर 2025 तक कुल 143 लोगो की मृत्यु सडक दुर्घटना के कारण हुआ है। नया बने जिला में सड़क दुर्घटना में सर्वाधिक मृत्यु वाले जिला में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला पहले नंबर पर है। औसतन प्रति माह 12 लोगो की मौत सड़क दुर्घटना के कारण से हो रही है। यह स्थिति तब है जब सारंगढ़ मे औद्योगिक विकास शून्य है किन्तु लगातार हो रही सड़क दुर्घटना
चिंता का कारण बन रही है। प्रदेश मे जनवरी से दिसंबर 2025 तक सड़क दुर्घटना से अपनी जान गंवाने वाले लोगो की संख्या 6898 है।

इनमें सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला की संख्या 143 है अर्थात प्रतिमाह 12 लोगो की मौत सड़क दुर्घटना के कारण से हो रही है। नये बने जिलो में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला टॉप पर है। नया बना जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में एक साल के दौरार 86 लोगो की मौत सड़क दुर्घटना के कारण हुआ है वही मोहला-मानपपुर-अंबागढ़ चौकी 81 लोगो की मौत हुई है। इसी प्रकार से नया जिला बना सक्ती में एक साल में 117 लोगो की मौत हुई है वही मनेंद्रगढ़- चिरमिरी- भरतपुर में 87 लोगो ने अपनी जान एक साल के भीतर सड़क दुर्घटना मे गंवाई है।

इन आंकड़ो के अनुसार सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में प्रतिमाह 12 लोगो की मौत सड़क दुर्घटना के कारण हो रही है अर्थात हर 2 दिन मे एक व्यक्ति की मौत हो रही है। यह आंकड़ा सिर्फ आंकड़ा नही है बल्कि सड़क सुरक्षा को लेकर सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला मे हो रही लापरवाही को आईना दिखाने वाला आंकड़ा है। खास बात यह है कि अभी भी सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला की सड़के अव्वल दर्ज की नही बन पाई है यहा पर सारंगढ़ से सरसीवां और भटगांव होकर बलौदाबाजार जाने वाली सड़क 5 से 7 मीटर ही चौड़ी है तथा कई स्थान पर जर्जर है। वही सारंगढ़- सरायपाली सड़क आज भी बन नही पाई है जिसके कारण से संकरी सड़क पर ही यातायात चल रहा है। वही सारंगढ़ से रायगढ़ की स्थिति आज भी वैसा जर्जर ही है जहा पर आवागमन खतरनाक लगता है। वही सारंगढ़ से बरमकेला-सरिया 5 मीटर चौड़ी सड़क और बरमकेला से सोहेला सड़क 7 मीटर चौड़ी सड़क है। अर्थात चिकनी सड़क का अभाव सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला मे साफ तौर पर दिख रहा है जिस पर रफ्तार पर एक तरह से लगाम लगा हुआ है किन्तु सकरी सड़क पर हो रहे यातायात का दबाव भी इन मौतो के लिये जवाबदार है।

दुपहिया वाहन से दुर्घटना की संख्या ज्यादा?

इस संबंध में स्पष्ट आंकड़ा तो नही आया है किन्तु जानकारो ने बताया कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला मे सड़क दुर्घटना से 143 लोगो की मौत में दुपहिया वाहनधारियो की संख्या ज्यादा है। फिर भी आज भी दुपहिया वाहन पर हेलमेट की संख्या महज 10 फीसदी दिख रही है। दुपहिया वाहन और नशे में रफ्तार के कारण से सड़क दुर्घटना मे वृद्धि देखी जा सकती है। सारंगढ़ शहर से हरदी तथा दानसरा तक की
सड़क का नवीनीकरण होने के बाद यहा पर भी रफ्तार पर लगाम नही लग पा रहा है और आये दिन सड़क दुर्घटना की संख्या लगातार बढ़ते जा रही है।यातयात व्यवस्था पर पुलिस सिर्फ चालानी कार्यवाही करती है लोगो को सड़क दुर्घटना से बचाने जागरूकता करने का प्रयास नही कर रही है। वही नशे मे बाईकर्स पर कार्यवाही महज चंद घंटो में छोड़ने के लिये करती है जिससे बाईक सवारो मे रफ्तार का शौक बाकि रह जा रहा है और सड़क दुर्घटना मे लगातार वृद्धि देखने को मिल रहा है।

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