
सारंगढ़ नगर पंचायत चुनाव : प्रदेश मे भाजपा की सुनामी के बीच बरमकेला में भाजपा उम्मीदवार का “जमानत जप्त”!
महज 275 व्होट मिले भाजपा उम्मीदवार को?
निर्वतमान नगर पंचायत अध्यक्ष के पत्नी को भाजपा ने दिया था टिकट?
पूरे प्रदेश मे एक मात्र नगर पंचायत जहा भाजपा उम्मीदवार का जमानत जप्त हुआ,
अंतिम स्थान पर रही श्रीमती सीता हेमसागर नायक,
जिलाध्यक्ष ज्योति पटेल अपने ही समाज के उम्मीदवार को विजयश्री दिलाने मे असफल,
सारंगढ़ विधानसभा सीट के एक मात्र नगर पंचायत बरमकेला मे भाजपा की करारी हार,
क्यो हुआ हार? गलत प्रत्याशी चयन? मतदान से पहले ही सरेंड़र का आरोप?
सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़
नगरीय निकाय चुनाव मे पूरे प्रदेश में भाजपा का बज रहा डंका और जीत की मिठास में सारंगढ़- बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला नगर पंचायत के चुनाव परिणाम ने नमकीन मिला दिया। यहा पर भाजपा के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार श्रीमती सीता हेमसागर नायक चार उम्मीदवार मे अंतिम स्थान पर रही तथा मात्र 275 व्होट ही प्राप्त कर पाई। वही उनका जमानत भी जप्त हो गया। प्रदेश के एक मात्र नगर पंचायत बरमकेला मे भाजपा की इस दुर्दशा के लिये आखिर कौन जिम्मेदार है? आखिर किस कारण से भाजपा उम्मीदवार चुनाव से चार-पांच दिन पूर्व से ही मैदान छोड़ दिये थे? इन सभी बातो का खुलासा होना भी जरूरी है। भाजपा के नये बने जिलाध्यक्ष ज्योति पटेल अपने ही समाज के भाजपा उम्मीदवार को जीताने मे असफल रहे है। आखिर क्यो भाजपा ने यहा पर कांग्रेस के सामने घुटने टेक दिये? जवाबदारी तो तय होना चाहिये।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में 6 नगरीय निकाय चुनाव हुए जिसमे से रायगढ़ विधानसभा का सरिया नगर पंचायत में भाजपा ने शानदार विजय हासिल किया। वही बिलाईगढ़ विधानसभा सीट के सरसीवां, पवनी और भटगांव नगर पंचायत मे भी भाजपा ने विजय हासिल किया जबकि बिलाईगढ़ नगर पंचायत चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार ने विजयश्री हासिल किया। किन्तु सारंगढ़ विधानसभा क्षेत्र का एक मात्र नगर पंचायत बरमकेला का चुनाव में भाजपा की साख पर बट्टा लग गया। यहा पर 5037 मतदाताओ मे से 4338 मतदाताओ ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था जिसमे से कांग्रेस के उम्मीदवा श्रीमती सत्याभामा मनोहर नायक को 1809 व्होट के साथ विजयी हुई। उनके निकटतम उम्मीदवार श्रीमती सीता कपिल नायक थे जो कि निर्दलीय थे उनको 1427 व्होट मिले थे। वही श्रीमती थनेश्वरी राका नायक निर्दलीय उम्मीदवार को 788 व्होट मिले और अंतिम स्थान पर रही भाजपा की श्रीमती सीता हेमसागर नायक को महज 275 व्होट मिले। यानि भाजपा उम्मीदवार अंतिम स्थान पर रहे। भाजपा की इस खस्ताहाल स्थिति को देखकर राजनितिक विश्लेषक हैरान है। भूपेश सरकार के समय विपरीत परिस्थिति मे बरमकेला नगर पंचायत में भाजपा की शहर सरकार बैठी तथा पूरे पांच साल तक सरकार मजबूती के साथ चली है। ऐसे में सत्ता आने के बाद जहा भाजपा हर एक-एक निकाय को कब्जा करने के लिये मजकर पसीना बहाया और पूरे मंत्रीमंडल को शहरी सत्ता पर कब्जा करने के लिये लगा दिया वहा पर नगर पंचायत बरमकेला मे भाजपा की ना सिर्फ करारी हार हुई है बल्कि पूरे प्रदेश मे सबसे कम व्होट भाजपा उम्मीदवार को नगर पंचायत बरमकेला से मिला है। इस बदहाली और दुर्दशा के लिये मतदाता जवाबदार है या भाजपा के रणनितिकार जो कि भाजपा उम्मीदवार को पूरी तरह से नकार दिये है? इसका जांच भी जरूरी है। हर चुनाव की तरह बरमकेला का नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा की इस बदहाली को लेकर समीक्षा भी होनी चाहिये। विधानसभा चुनाव में महज एक हजार व्होट से कांग्रेस से पीछे रहने और लोकसभ चुनाव के दौरान लगभग 13 हजार व्होटो की लीड़ भाजपा को बरमकेला क्षेत्र से मिला था। ऐसे में वर्तमान में नगरीय निकाय चुनाव में बरमकेला नगर पंचायत चुनाव में मात्र 275 व्होट मिलना कही ना कही बड़ी घटना को संकेत दे रहा है। बरमकेला मे भाजपा के हार के जवाबदार?
नगर पंचायत बरमकेला में भाजपा के उम्मीदवार के करारी हार के लिये आखिर कौन जवाबदार है? अगर उम्मीदवार को मतदाताओ ने नकार दिया तो क्यो नकारा? गलत प्रत्याशी चयन करने एवं अनुसंशा करने वाले भाजपा पदाधिकारी पर कार्यवाही होगा? क्या भाजपा यहा पर गुटबाजी की शिकार हुई? ऐसे कई सवाल है जो कि भाजपा कार्यकर्ताओ के मनोबल को गिरा रहे है। पूरे देश में चल रहे मोदी लहर तथा सांसद से लेकर पार्षद तक भाजपा के नारे के विपरीत भाजपा के गढ़ बरमकेला में भाजपा की इस दयनीय स्थिति को लेकर सवाल तो खड़े होगें ही? बरमकेला नगर पंचायत में ही बरमकेला जनपद पंचायत का मुख्यालय है जहा पर प्रदेश के वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी का विधानसभा क्षेत्र के 59 पोलिंग बूथ के पंचायतो का काम होता है फिर भी बदत्तर स्थिति मे पहुंचकर भाजपा उम्मीदवार के जमानत तक जप्त होना भाजपा के लिये बड़े शर्म की बात है। नगर पंचायत बरमकेला में भाजपा के गलत उम्मीदवार को हार का कारण बताया जायेगा तो गलत उम्मीदवार का चयन करने और उनके नाम से अनुसंशा करने वालो पर क्या पार्टी कार्यवाही करेगी? यह भी बड़ा सवाल है। लेकिन जमीनी कार्यकर्ताओ की दिली ईच्छ़ा है कि बरमकेला नगर पंचायत में करारी हार के कारणो का पता लगाकर सरेंड़र करने और चुनाव के पहले ही हार मानने वालो पर कड़ी कार्यवाही किया जाये।