जिला- सारंगढ़ बिलाईगढ़

सारंगढ़ के सरकारी अस्पताल में 22 लाख रूपये की लागत से ब्लड बैंक का भवन बना, लेकिन ब्लड़ बैंक शुरू नही?

सारंगढ़ के सरकारी अस्पताल में 22 लाख रूपये की लागत से ब्लड बैंक का भवन बना, लेकिन ब्लड़ बैंक शुरू नही?

सारंगढ़ के सरकारी अस्पताल में 22 लाख रूपये की लागत से ब्लड बैंक का भवन बना, लेकिन ब्लड़ बैंक शुरू नही?

सारंगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र में ब्लड़ बैंक की सुविधा नही होने से निजी संस्थाओ से लिया जाता
है मदद संसाधन नही होने से ब्लड़ बैंक आज तक प्रारंभ नही हो पाया,
एक साल बाद भी ब्लड़ बैक प्रारंभ नही,

सारंगढ़,
सारंगढ़ के सरकारी अस्पताल जो कि आजकल जिला अस्पताल कहलाता है यहा पर 22 लाख रूपये की लागत से एक वर्ष पहले ब्लड़ बैंक का भवन का निमार्ण किया गया है किन्तु यहा पर आज तक ब्लड़ बैंक प्रारंभ नही हो पाया है। इसके पीछे संसाधन और स्टाफ की नियुक्ति नही होना बताया जा रहा है। वही सरकारी ब्लड़ बैंक शुरू नही होने के कारण से यहा पर आयोजित होने वाले रक्तदान शिविर का ब्लड़ को निजी क्षेत्र के ब्लड़ बैंक को दिया जाता है। वही प्रसव के लिये जरूरत पड़ने पर जरूरतमंदो को ब्लड़ नही मिल पा रहा है। इस दिशा में जिला बनने के बाद भी कोई प्रयास नही हुआ है।

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला आर्थिक रूप से काफी पिछड़ा जिला माना जाता है और यहा पर आर्थिक रूप से पिछड़े समाज के तबको की संख्या काफी है ऐसे मे अधिकांश मध्यमवर्गीय परिवार और बीपीएल परिवार अपने स्वास्थ संबंधी समस्याओ के लिये सरकारी अस्पताल पर पूर्ण रूप से निर्भर है किन्तु 30 लाख रूपये की सोनोग्राफी मशीन की बात हो या बात 22 लाख रूपये के ब्लड़ बैंक का भवन का हो यहा पर भारी-भरकम राशी खर्च करने के बाद भी आम जनता को इसकी सुविधा नही मिल पा रही है। बताया जा रहा है कि सारंगढ़ जिला बनने के पहले ही कोरोना काल में सारंगढ़ के स्वास्थ सुविधाओ की बदहाली देखकर रायगढ़ के कलेक्टर भीमसिंह ने सारंगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र में ब्लड़ बैंक के लिये भवन का निमार्ण कराया है

यह निमार्ण डीएमएफ से कराया गया है साथ ही हमर लैब के लिये भी भवन का निमार्ण कराया गया है। लेकिन आज तक ब्लड़ बैंक यहा पर शुरू ही नही हो पाया है। इस संबंध मे सूत्र बताते है कि ब्लड़ बैंक के लिये जरूरी स्टोरेज संबंधी उपकरण नही होने तथा प्रशिक्षित स्टाफ की नियुक्ति नही होने के साथ-साथ ब्लड़ बैंक के लिये सेटअप और ब्लड़ बैंक से संबंधित उपकरणो के नही होने से यहा पर 22 लाख रूपये की लागत से बना ब्लड़ बैंक आज भी खाली खड़ा है। इस ब्लड़ बैंक के सुचारू संचालन प्रारंभ करने के लिये सीएचएमओ और बीएमओ ने किसी भी प्रकार का कोई प्रयास नही किया जिसके कारण से एक साल पहले ब्लड़ बैंक का भवन बनकर तो तैयार हो गया किन्तु आज पर्यन्त तक ब्लड़ बैंक प्रारंभ नही हो पाया है।

रक्तदान का विशाल शिविर बिना ब्लड़ बैंक कें?

 

इस संबंध में बताया जा रहा है इन दिनो सारंगढ़ अंचल में रक्तदान शिविर के लिये लोगो मे जमकर जागरूकता आई है तथा सालभर मे लगभग आधा दर्जन बार रक्तदान शिविर का आयोजन निजी संस्थाओ और प्रशासन के सहयोग से संपन्न हो रहा है किन्तु इस रक्तदान शिविर मे दान मे आया ब्लड़ कहा रखा जायेगा? इस सवाल पर अस्पताल प्रबंधन कुछ प्रबंध नही कर पाता है। ऐसे मे यहा पर कई
बार निजी संस्थाओ के ब्लड़ बैंक को रक्तदान शिविर का ब्लड़ देना पड़ जाता है। किन्तु सरकारी ब्लड़ बैक शुरू रहने से ऐसा कोई जरूरी नही होता और सरकारी ब्लड़ बैंक में किया गया रक्तदान का कभी भी उपयोग रक्त लेकर किया जा सकता है। ऐसे मे अंचल के सरकारी ब्लड़ बैंक प्रारंभ होना आवश्यक प्रतीत हो रहा है। किन्तु 22 लाख रूपये की लागत से बना बिल्डिंग में आज तक ब्लड़ बैंक प्रारंभ नही हो पाया  है।

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