
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला : सरसीवां के मुड़पार गांव में लकड़ी के अवैध परिवहन और फर्जी एनओसी मामले में 81लाख रूपये नगद बरामद!

आरोपी मनीष अग्रवाल के मुड़पार सरसीवाँ स्थित मकान में पुलिस की छापामार कार्यवाही
तलाशी के दौरान थैले 500 रुपये के नोटों की 162 गड्डियां हुई बरामद,
सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़/सरायपाली,
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला के सरसीवां पुलिस थानाक्षेत्र के मुड़पार गांव में मनीष अग्रवाल के निवास स्थान में 81 लाख रूपये नगद बरामद हुआ है । खैर लकड़ी के अवैध परिवहन व फर्जी एनओसी मामले में आज महासमुंद पुलिस द्वारा प्रमुख आरोपी मनीष अग्रवाल के सरसीवां के पास ग्राम मुड़पार में अचानक छापामार कार्यवाही करते हुए 81 लाख रुपये नगद जप्त किया गया है । इस प्रकरण में अभी तक 3 आरोपियों क्रमशः मनीष अग्रवाल, रोहित मित्तल व सलाउद्दीन खान को गिरफ्तार किया गया है इसमें संलग्न ट्रांसपोर्टर भरत मेश्राम अभी तक फरार है । मनीष अग्रवाल के निवास में इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चा चल रही है। इस संबंध में महासमुंद पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार झा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा के आवेदन पर खैर लकड़ी (23,350 किग्रा) के अवैध परिवहन हेतु प्रयुक्त एनटीपीएस एनओसी में कूटरचना कर असल रूप में उपयोग करने और धोखाधड़ी के मामले में थाना पिथौरा में अपराध क्रमांक 172/2026 पंजीबद्ध किया गया है। यह प्रकरण धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2), 3(5), 111 बी.एन.एस. व 25 आर्म्स एक्ट एवं भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 42(1) सहपठित धारा 41(2) (ख) (घ), धारा 52(1) के तहत दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। प्रकरण की विवेचना के दौरान ज्ञात तथ्यों के आधार पर आरोपी मनीष अग्रवाल के ग्राम मुडपार सरसीवा स्थित मकान की तलाशी हेतु सर्च वारंट माननीय न्यायालय से प्राप्त किया गया था महासमुंद पुलिस द्वारा दिनांक 07.09.2026 को आरोपी मनीष अग्रवाल के घर (ग्राम मुड़पार, थाना सरसींवा, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़) की तलाशी ली गई। मकान के केयरटेकर की उपस्थिति और गवाहों के समक्ष ली गई इस तलाशी के दौरान थैले 500 रुपये के नोटों की 162 गड्डियां बरामद हुईं। इस थैले के अंदर 500-500 के कुल 16,200 नोट पाए गए, जिनकी कुल नगदी रकम 81,00,000/- (इक्यासी लाख रुपये) है, जिसे पुलिस द्वारा मौके से विधिवत जप्त कर लिया गया है।

मामले में जप्त की गई 81 लाख रुपये नगदी अपराध से अर्जित संपत्ति को महासमुंद पुलिस द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 107 के प्रावधानों के अंतर्गत न्यायालय के समक्ष इस अवैध नगदी की विधिवत कुर्की के लिए आवेदन प्रस्तुत किया जा रहा है ताकि आरोपी के विरुद्ध समुचित वैधानिक कार्यवाही कर उसको अपराध से अर्जित आर्थिक लाभों से पूर्णतः वंचित किया जा सके। पुलिस के मुताबिक पूरा मामला 23,350 किलोग्राम खैर लकड़ी के कथित अवैध परिवहन से जुड़ा है। लकड़ी के परिवहन को वैध दिखाने के लिए एनटीपीएस (NTPS) एनओसी में कथित कूटरचना किए जाने और फर्जी दस्तावेज को वास्तविक दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल किए जाने के तथ्य विवेचना के दौरान सामने आए हैं। इस संबंध में वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा के आवेदन पर थाना पिथौरा में अपराध क्रमांक 172/2026 दर्ज किया गया है। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस ने दस्तावेजों और प्रकरण से जुड़े लोगों की भूमिका
की पड़ताल शुरू की। इसी दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस को आरोपी मनीष अग्रवाल के ग्राम मुड़पार, थाना सरसींवा, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ स्थित मकान की तलाशी की जरूरत महसूस हुई। पुलिस ने न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त किया और 7 सितंबर को टीम ने मकान की तलाशी ली। तलाशी के दौरान पुलिस को एक थैला मिला, जिसमें 500 रुपये के नोटों की 162 गड्डियां रखी थीं। नोटों की गिनती कराने पर कुल 16,200 नोट पाए गए। प्रत्येक नोट 500 रुपये का होने के कारण नकदी की कुल राशि 81 लाख रुपये निकली। पुलिस ने पूरी रकम को जब्त कर लिया है।
सबसे बड़ा सवाल – 81 लाख रुपये कहां से आए?
खैर लकड़ी की कथित अवैध ढुलाई और फर्जी एनओसी की जांच के बीच इतनी बड़ी नकदी मिलने से मामलेका आर्थिक पहलू भी जांच के केंद्र में आ गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी के घर से बरामद 81 लाख रुपये किस स्रोत से आए। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि रकम का संबंध खैर लकड़ी के कथित अवैध परिवहन, फर्जी एनओसी तैयार करने या इस पूरे नेटवर्क में हुए आर्थिक लेन-देन से है या नहीं। पुलिस नकदी के संबंध में बैंकिंग लेन-देन, दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी पड़ताल कर
रही है। जांच में यदि रकम का अपराध से अर्जित संपत्ति से संबंध सामने आता है तो उसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
नकदी की कुर्की की प्रक्रिया शुरू
पुलिस ने बरामद 81 लाख रुपये के संबंध में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 107 के तहत कार्रवाई शुरू की है। रकम की विधिवत कुर्की के लिए न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत करने की प्रक्रिया भी की जा रही है। हालांकि, नकदी का अंतिम स्रोत और उसका अपराध से संबंध जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट
होगा।

दस्तावेजों से लेकर पूरे नेटवर्क तक जांच..
पुलिस की जांच केवल नकदी की बरामदगी तक सीमित नहीं है। अब फर्जी एनओसी तैयार करने, उसका इस्तेमाल करने, खैर लकड़ी के परिवहन और इससे जुड़े संभावित आर्थिक लेन-देन की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित फर्जी दस्तावेज तैयार करने और लकड़ी के परिवहन में और कौन-कौन लोग शामिल थे। 23,350 किलो खैर लकड़ी के मामले में एनओसी की वैधता और दस्तावेजों की वास्तविकता जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बरामद 81 लाख रुपये के कारण अब विवेचना में
आर्थिक लेन-देन की दिशा भी जुड़ गई है। पुलिस के अनुसार, मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2), 3(5), 111 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 के अलावा भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 42(1), 41(2)(ख)(घ) और 52(1) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस फर्जी दस्तावेज, अवैध वनोपज परिवहन और आर्थिक लेन-देन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

एसपी बोले – जांच में सामने आए तथ्यों पर होगी कार्रवाई..
महासमुंद पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार के अनुसार, खैर लकड़ी के अवैध परिवहन के लिए फर्जी एनओसी तैयार करने और उसके इस्तेमाल से जुड़े मामले की विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर न्यायालय से अनुमति लेकर आरोपी के मकान की तलाशी ली गई। तलाशी में 81 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं। बरामद रकम के संबंध में वैधानिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि अवैध वनोपज परिवहन, फर्जी दस्तावेज और धोखाधड़ी के जरिए आर्थिक लाभ कमाने से जुड़े मामलों में पुलिस की कार्रवाई जारी रहेगी।



