जिला- सारंगढ़ बिलाईगढ़

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में शह और मात का खेल जारी:- नगर पंचायत बिलाईगढ़ के नवपदस्थ सीएमओ के घर-घुसकर तहसीलदार व अन्य सहयोगियो ने किया दुर्व्यवहार!

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में शह और मात का खेल जारी:- नगर पंचायत बिलाईगढ़ के नवपदस्थ सीएमओ के घर-घुसकर तहसीलदार व अन्य सहयोगियो ने किया दुर्व्यवहार!

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में शह और मात का खेल जारी:- नगर पंचायत बिलाईगढ़ के नवपदस्थ सीएमओ के घर-घुसकर तहसीलदार व अन्य सहयोगियो ने किया
दुर्व्यवहार!

तहसीलदार नीलिमा अग्रवाल, नायब तहसीलदार देवराज सिदार, पटवारी प्रमोद तांडे, कंप्यूटर ऑपरेटर
यशवंत पटेल तथा भृत्य कुमारी नाई कुर्रे पर आरोप?
पूर्व सीएमओ को वापस पदस्थापना कराने चल रहा है खेल?
एसडीएम ने नये सीएमओ को पदभार ग्रहण करने से किया था मना,
बिलाईगढ़ मे चरमरा गई प्रशासनीक व्यवस्था,
नगर पंचायत बिलाईगढ़ के सीएमओ यशवंत देवांगन ने किया पुलिस में शिकायत

सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के नगर पंचायत बिलाईगढ़ में प्रशासन विरूद्ध नगर पंचायत का सीधा टकराव से जिला प्रशासन की फजीहत हो रही है। नगर पंचायत के नवपदस्थ सीएमओ यशवंत देवांगन ने बिलाईगढ़ लिस थाना में शिकायत किया है कि उनके निवास में निजी निवास में आज शाम 6:01 बजे तहसीलदार नीलिमा अग्रवाल, नायब तहसीलदार देवराज सिदार, पटवारी प्रमोद तांडे, कंप्यूटर ऑपरेटर यशवंत पटेल तथा भृत्य कुमारी नाई कुर्रे दल-बल के साथ बिना किसी अनुमति बलपूर्वक और हिंसक रवैये के साथ ज़बरदस्ती घुस आए तथा धमकी चमकी देने लगे। सीएमओ ने आरोप लगाया कि बिलाईगढ़ एसडीएम प्रफुल्ल कुमार रजक के ईशारे पर उनको डराया धमकाया जा रहा है। उन्होने कहा कि एसडीएम ने उनको पदभार ग्रहण नही करने का निर्देश भी दिया था फिर भी उसने पदभार ग्रहण कर लिया इस कारण से उनको प्रताड़ित किया जा रहा है।

इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार नगर पंचायत बिलाईगढ़ में प्रशासनिक मर्यादा, जनहित और शासकीय नियमों की धज्जियाँ उड़ाने वाला एक बड़ा राजनीतिक-प्रशासनिक षड़यंत्र उजागर हुआ है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बिलाईगढ़ नगर पंचायत में विगत दिनो पूर्व सीएमओ सुशील चौधरी और नगरवासियो के बीच जमकर टकराव हुआ था और आंदोलन के बाद प्रशासन ने सीएमओ सुनील चौधरी का स्थानान्तरण कर दिया।वही नगर पंचायत बिलाईगढ़ के नये सीएमओ के रूप मे यशवंत देवांगन को यहा भेजा गया किन्तु पदभार ग्रहण करने के पूर्व ही बिलाईगढ़ एसडीएम प्रफुल्ल रजक के द्वारा नवपदस्थ सीएमओ को पदभार ग्रहण नही करने का फोन पर निर्देश दिया गया था फिर भी नवपदस्थ सीएमओ यशवंत देवांगन ने पदभार ग्रहण कर लिया जिससे एसडीएम प्रफुल्ल रजक नाराज हो गये। नवपदस्थ सीएमओ का आरोप है कि पदभार ग्रहण करने से एसडीएम प्रफुल्ल रजक काफी नाराज दिख रहे है और कोई ना कोई बहाने से उनको परेशान कर रहे है। सीएमओ ने आरोप लगाया कि आज शाम 6 बजे नगर पंचायत बिलाईगढ़ के नवपदस्थ मुख्य नगरपालिका अधिकारी यशवंत देवांगन के निजी निवास में 7 सितंबर 2026 की शाम 6:01 बजे तहसीलदार नीलिमा अग्रवाल, नायब तहसीलदार देवराज सिदार, पटवारी प्रमोद तांडे, कंप्यूटर ऑपरेटर यशवंत पटेल तथा भृत्य कुमारी नाई कुर्रे दल-बल के साथ बिना
किसी अनुमति बलपूर्वक और हिंसक रवैये के साथ ज़बरदस्ती घुस आए। ​इस पूरी अनाधिकृत व हिंसक कार्रवाई के मुख्य सूत्रधार एसडीएम प्रफुल्ल रजक स्वयं सीएमओ के घर के बाहर खड़े होकर निगरानी कर रहे थे और उन्हीं के इशारे पर पूरी टीम को घर के भीतर भेजकर धमकाने व दबाव बनाने का खेल रचा गया। इस बात की शिकायत सीएमओ यशवंत देवांगन ने पुलिस थाना बिलाईगढ़ में किया है।

​पूर्व सीएमओ के 50 लाख के गबन की जाँच दबाने और नए विकास कार्यों को रोकने की साज़िश? ​इस संबंध मे सूत्रो से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की मुख्य वजह नगर पंचायत बिलाईगढ़ में व्याप्त भ्रष्टाचार और विकास कार्यों की राजनीति है। बताया जा रहा है कि बिलाईगढ़ के पूर्व विवादित सीएमओ़ सुशील चौधरी के कार्यकाल में पूरा विकास कार्य ठप्प पड़ा हुआ था। वे शासकीय दायित्वों को छोड़कर राजनीति में ज़्यादा सक्रिय रहते थे, जिसके कारण क्षेत्र का विकास पूरी तरह से रुक गया था। सुशील चौधरी पर लगभग 50 लाख रुपये के वित्तीय गबन का गंभीर आरोप है। ​इस गबन की जाँच के आदेश स्वयं कलेक्टर द्वारा दिए गए थे और जाँच का प्रभार तहसीलदार नीलिमा अग्रवाल को सौंपा गया था। किंतु अचरज की बात है कि तहसीलदार नीलिमा अग्रवाल ने आज तक इस बड़े भ्रष्टाचार की जाँच को आगे नहीं बढ़ाया। जब बिलाईगढ़ के सर्व समाज ने बदहाल व्यवस्था के खिलाफ कई दिनों तक उग्र
हड़ताल और धरना-प्रदर्शन किया, तब जाकर शासन ने नए सीएमओ़ यशवंत देवांगन को बिलाईगढ़ भेजा।

​सड़क-गली का निर्माण शुरू होते ही तिलमिलाया प्रशासन?

​नवपदस्थ सीएमओ यशवंत देवांगन ने पदभार सँभालते ही बिलाईगढ़ की जर्जर गलियों, बदहाल सड़कों और ठप्प पड़े विकास कार्यों का निर्माण कार्य तेज़ी से शुरू कराया। लेकिन बिलाईगढ़ का विकास और भ्रष्टाचार का उजागर होना एसडीएम और तहसीलदार को रास नहीं आ रहा है। आरोप है कि एसडीएम व तहसीलदार लगातार नए सीएमओ पर दबाव बना रहे थे कि "तुम्हें यहाँ सड़क और गली बनवाने की कोई ज़रूरत नहीं है।" चर्चा यह भी आम है कि एसडीएम प्रफुल्ल रजक विवादित पूर्व सीएमओ सुशील चौधरी को वापस बिलाईगढ़ लाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। दस्तावेज़ों से छेड़छाड़, धमकी और 112 डायल कर बुलानी पड़ी पुलिस।

​विकास कार्यों को रुकवाने और दबाव बनाने की नीयत से ही एसडीएम के शह पर तहसीलदार नीलिमा अग्रवाल व उनकी टीम शाम 6:01 बजे सीएमओ यशवंत देवांगन के घर में घुसी। अधिकारियों ने घर में प्रवेश करते ही वीडियो बनाना शुरू किया और वहाँ मौजूद पार्षदों हरेश देवांगन, उमाशंकर देवांगन, सौभाग्य शरण सिंह, छबिराम यादव के सामने ही सीएमओ को धमकाना व उनके शासकीय-निजी दस्तावेजों से छेड़छाड़ करना शुरू कर दिया। ​शासन के आदेश से स्थानांतरित होकर आए सीएमओ को लिखित आदेश दिए बिना जॉइनिंग से रोका जा रहा है और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। ऑफिस समय खत्म होने के बाद पारिवारिक माहौल में इस प्रकार की गुंडागर्दी से क्षुब्ध होकर सीएमओ़ को तत्काल 112 डायल कर पुलिस बुलानी पड़ी।

दोषियों पर FIR और सुरक्षा की माँग

​एक तरफ जहाँ बिलाईगढ़ की जनता सड़कों और विकास के लिए तरस रही थी, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय प्रशासन विकास कार्य करने वाले अधिकारी को दबाने और 50 लाख के गबन के आरोपी को संरक्षण देने में जुटा है। यह घटना दर्शाती है कि बिलाईगढ़ में किस कदर प्रशासनिक तानाशाही हावी है। पीड़ित सीएमओ यशवंत देवांगन ने थाना प्रभारी बिलाईगढ़ से एसडीएम प्रफुल्ल रजक, तहसीलदार नीलिमा अग्रवाल सहित घुसपैठ करने वाले तमाम कर्मचारियों पर कड़ी धाराओं में नामजद एफआईआर दर्ज करने और अपने निवास व जीवन की तत्काल सुरक्षा प्रदान करने की गुहार लगाई है।

क्या कहते हैं सीएमओ यशवंत देवांगन

इस मामले में सीएमओ यशवंत देवांगन से चर्चा हुई तो उन्होंने बताया कि मैं पिछले 3 अगस्त को पदभार ग्रहण किया हूं लेकिन उससे पहले ही एसडीएम के द्वारा मुझे कॉल करके ज्वाइनिंग नहीं करने की बात कहीजा रही थी, उसके बाद लगातार मुझे किसी न किसी कारण से कार्यालय बुलाया जाता था, मुझ पर लगातार दबाव बनाने का प्रयास किया जाता रहा है, आज की घटना के वीडियो फोटो, कॉल रिकॉर्ड और भी हैं, इस मामले में मैने लिखित में शिकायत प्रेषित किया है. मैं मानसिक रूप से बहुत ज्यादा परेशान हो चुका हूं।

 

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