
सारंगढ़ : सालर में नेशनल हाईवे लगी हुई 15 एकड़ सरकारी भूमि में कब्जा करने वालो में एक दर्जन नाम!

राजस्व निरीक्षको के रिपोर्ट देने के बाद भी कार्यवाही शून्य,
तीन साल से लगातार कब्जा को और बढ़ा रहे है अवैध कब्जाधारी,
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पुरूषोत्तम अग्रवाल का नाम भी अवैध कब्जाधारियो की
सूची में?
रोशन ढ़ाबा के संचालक ने किया सवा एकड़ से अधिक बेशकीमती भूमि पर कब्जा,
जिला मुख्यालय में सरकारी जमीनो की चल रही है बंदरबॉट,
करोड़ो रूपये की जमीन पर किया गया दबंगई से कब्जा,
निजी स्कूल के संचालक ने सरकारी जमीन को कब्जा कर बनाया निजी रास्ता?
सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला के नेशनल हाईवे 153 सारंगढ़-सराईपाली रोड़ पर मुख्य मार्ग से लगा हुआ करोड़ो रूपये की 15 एकड़ से अधिक की सरकारी छोटे झाड़ के जंगल मद की जमीन पर दर्जन भर से अधिक रसूखदारो का अवैध कब्जा सामने आया है। राजस्व निरीक्षको की टीम के द्वारा किया गया जांच में दर्जन भर से अधिक रसूखदारो का नाम सामने आने के बाद भी कार्यवाही नही हो पाई। ग्राम पंचायत सालर के द्वारा किया गया शिकायत के बाद यह खुलासा हुआ था किन्तु कार्यवाही के स्थान पर पूरा मामला अभी तकनिकी रूप से उलझाने की बाते
सामने आ रही है। दरअसल सारंगढ़ के नेशनल हाईवे 153 सरायपाली रोड़ पर जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर सालर गांव स्थित है। यहा पर पटवारी हल्का नंबर-5 के शासकीय भूमि छोटे झाड़ के जंगल मद के भूमि खसरा नंबर 8/1, रकबा-5.872 हेक्टेयर यानि 14.53 एकड़ भूमि पर अवैध कब्जा का मामला प्रकाश में आया है। यहा पर शासकीय भूमि 8/2, 8/3 में भी अतिक्रमण होने की शिकायत ग्राम पंचायत सालर के द्वारा उच्चाधिकारियो को किया गया था तथा जिसकी जांच में दर्जन भर से अधिक रसूखदारो का नाम सामने आया था जिन्होने अवैध कब्जा किया हुआ है।
सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण से बेदखली
करने का मामला न्यायालय तहसीलदार, न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी से पारित होने के बाद अभी न्यायालय आयुक्त में लंबित है जिसमें प्रशासन के द्वारा रूचि लेने पर तत्काल आदेश जारी हो सकता है तथा अवैध अतिक्रमण करने वालो पर कड़ी कार्यवाही किया जा सकता है। पूरे मामले की स्पष्ट जानकारी देने मे भी पटवारी लोकनाथ पटेल कोताही बरत रहे है जिससे साफ प्रतीत हो रहा है कि रसूखदारो के द्वारा किया गया अवैध अतिक्रमण के इस हाईप्रोफाईल मामले में राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी हाथ डालने से कतरा रहे है। बताया जा रहा है कि इस अवैध कब्जा के मामले में रोशन ढ़ाबा के संचालक चंद्रमणी थुरिया पिता-जगदीश ग्राम सालर ने 0.490 हेक्टेयर भूमि पर अवैध रूप से कब्जा किया है तथा 0.028 हेक्टेयर पर ढ़ाबा यानि भवन का निमार्ण किया हुआ है।
वही अभी इनके द्वारा लगभग 3 हजार वर्गफीट पर पक्का दो मंजिला मकान का निमार्ण किया जा रहा है। जिससे साफ प्रतीत हो रहा है कि ढ़ाबा संचालक के द्वारा मनमानी करते हुए बड़े स्तर पर अवैध कब्जा कर निमार्ण किया जा रहा है। वही अन्य कब्जेदारो में जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष पुरूषोत्तम अजेश अग्रवाल का नाम आ रहा है जो कि खेत के रूप मे कब्जा किये हुए है। वही दर्जनभर से अधिक लोगो का भी नाम है जिन्होने सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा किया हुआ है। हैरानी की बात यह है कि ग्राम पंचायत के द्वारा किया गया इस लिखित शिकायत और शिकायत प्रमाणित पाये जाने के बाद भी अवैध अतिक्रमण किया गया स्थल को कब्जा मुक्त नही कराया गया है बल्कि ढ़ाबा संचालक के द्वारा और भी ज्यादा कब्जा करते हुए नया भवन निमार्ण किया जा रहा है। ऐसे में करोड़ो रूपये के शासकीय भूमि पर किया गया बेजा कब्जा को लेकर रसूखदार जिला प्रशासन पर भारी
पड़ता दिख रहा है।
करोड़ो रूपये की भूमि पर दर्जनभर अवैध कब्जाधारियो ने किया अतिक्रमण?
सालर के इस सरकारी छोटे झाड़ के जंगल मद की भूमि खसरा नंबर 8/1, रकबा-5.872 हेक्टेयर यानि 14.53 एकड़ भूमि तथा खसरा नंबर 8/2, 8/3 शासकीय भूमि में दर्जन भर से अधिक रसूखदारो का नाम सामने आ रहा है जिन्होने अवैध रूप से शासकीय भूमि पर कब्जा किया है। ग्राम पंचायत सालर के द्वारा किया गया शिकायत के बाद इस भूमि के स्थल निरीक्षण के लिये राजस्व निरीक्षको की टीम बनाई गई थी जिसमें बताया गया है कि अवैध रूप से कब्जा करने वालो में एक दर्जन से अधिक लोगो के नाम है। जिसमें पहला नाम चंद्रमणी थुरिया का है जिन्होने 0.490 हेक्टेयर भूमि पर अवैध रूप से कब्जा किया हुआ है। वही धनेश्वर पिता जगन्नाथ निवासी सालर ने 0.054 हेक्टेयर भूमि पर मकान एवं बाड़ी का निमार्ण किया हुआ है
वही संतोष पिता मनीराम निवासी सालर ने 0.048 हेक्टेयर पर मकान एवं बाड़ी का निमार्ण किया हुआ है।कुवारूलाल साण्डे पिता भनाऊराम निवासी सालर नें 0.078 हेक्टेयर पर मकान, आंगन एवं बा़ड़ी का निमार्ण किया हुआ है। वही आशा पति विद्याधर निवासी सालर नें 0.036 हेक्टेयर पर मकान एवं दुकान का निमार्ण किया हुआ है, इसी प्रकार राजकुमारी नायक पिता दशरथ नायक निवासी सालर ने 0.019 हेक्टेयर पर मकान एवं दुकान का निमार्ण किया हुआ है। वही गुरूवारी पिता रामकुमार निवासी सालर के द्वारा 0.013 हेक्टेयर पर मकान का निमार्ण किया है।
जबकि अलेखराम पिता सुरीतराम निवासी सालर के द्वारा 0.011 हेक्टेयर पर दुकान का निमार्ण किया है। वही नंदकिशोर पिता सीताराम निवासी सारंगढ़, सौरभ पिता राजेश अग्रवाल तथा पुरूषोत्तम पिता त्रिलोकचंद बटाऊपाली के द्वारा 0.364 हेक्टेयर भूमि पर खेत के रूप मे कब्जा किया गया है। वही सरकारी भूमि खसरा नंबर 8/2 तथा 8/3 से 8/12 तक की भूमि जो कि रिकार्ड में चारवाहा तथा छोटे झाड़ के जंगल मद की भूमि के रूप मे दर्ज है उसमें नंदकिशोर पिता सीताराम निवासी सारंगढ़, सौरभ पिता राजेश अग्रवाल तथा पुरूषोत्तम पिता त्रिलोकचंद
बटाऊपाली के द्वारा 0.809 हेक्टेयर, 0.301 हेक्टेयर एवं 0.647 हेक्टेयर भूमि को खेत के रूप मे कब्जा किया गया है। जिससे साफ प्रतीत हो रहा है कि रसूखदारो के द्वारा किया गया अवैध कब्जा को देखकर प्रशासन के हाथ कार्यवाही करने से कांप रहे है।
प्रशासनीक लापरवाही से करोड़ो रूपये की सरकारी भूमि कब्जा में?
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार प्रशासनीक लापरवाही के कारण से करोड़ो रूपये मूल्य के इस शासकीय भूमि को जानबूझकर अवैध कब्जा होने दिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि अवैध कब्जा का आरोप प्रमाणित पाये जाने के बाद भी प्रशासनीक हल्को मे अवैध कब्जाधारियो को बढ़ावा देने के लिये फाईल-फाईल खेला जा रहा है ताकि रसूखदारो को अवैध कब्जा पर किसी भी तरह का आंच ना आये। सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार इस मामलें में दर्ज प्रकरण को
बी-121 के मद मे लेने और सुनवाई होने के बाद न्यायालय नायब तहसीलदार ने आदेश दिया कि अवैध कब्जा किया गया भूमि सरकारी भूमि है और यह अ-68 में मद में दर्ज कर इसकी सुनवाई होनी चाहिये किन्तु अभी यह बी-121 में दर्ज है। जिसके कारण से पूरा मामला प्रशासनीक लीपापोती का दिख रहा है।



