जिला- सारंगढ़ बिलाईगढ़

बिलाईगढ़ में अवैध उत्खनन का काला खेल, छलनी हो रही धरती, प्रशासन मौन?

बिलाईगढ़ में अवैध उत्खनन का काला खेल, छलनी हो रही धरती, प्रशासन मौन?

बिलाईगढ़ में अवैध उत्खनन का काला खेल, छलनी हो रही धरती, प्रशासन मौन?

अवैध उत्खनन को रोकने में खनिज विभाग नाकाम,
बेधड़क हो रहा है अवैध उत्खनन,

सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/बिलाईगढ़,
सारंगढ़-बिलाईगढ़– जिले के बिलाईगढ़ मुख्यालय समीप बेलटीकरी, छपोरा दुमहानी बिलाईगढ़ में अवैध पत्थर और चूना पत्थर का अवैध कारोबार अपनी जड़ें जमा चुका है। शासन के कड़े नियमों के बावजूद,खनन माफिया बेखौफ होकर रात-दिन धरती का सीना चीर रहे हैं। आलम यह है कि बिना किसी पर्यावरणीय अनुमति के सैंकड़ों फीट गहरे गड्ढे खोद दिए गए हैं, जिससे न केवल राजस्व की हानि हो रही है, बल्कि पर्यावरण को भी अपूरणीय क्षति पहुँच रही है। बेलटीकरी और आसपास के गांवों में चल रहे बड़ी– बड़ी अवैध खदानों के विरोध के बीच चल रहे अवैध खनन ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि ग्राम पहुंच मार्ग जो भारी वाहनों मशीनों के लिए प्रवेश प्रतिबंध होता है। बावजूद धड़ल्ले से भारी वाहन चलता है जिससे धूल के गुबार उड़ने से सांस लेना दूषित हो गया है और रोड भी ज़र्जर हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि विरोध करने पर उन्हें डराया-धमकाया जाता है। अवैध खनन के कारण क्षेत्र का भू-जल स्तर तेजी से नीचे गिर रहा है। गहरे गड्ढों के कारण प्राकृतिक जल स्रोत सूख रहे हैं, जिसका सीधा असर आम जनता को पेय जल संकट खेती और मवेशियों पर पड़ रहा है।
खनन माफियों द्वारा मुख्य नहर लाइन को भी नहीं छोड़ा गया? अवैध रूप से खनन करने वाले खनन माफियों का हौसला इस कदर बुलंद है कि मुख्य नहर को भी नहीं
छोड़ा गया शासन प्रशासन का जरा सा भी खौफ नहीं की मुख्य नहर लाइन अर्जुनी से निकल कर भटगांव की ओर जाने वाली हज़ारों किसानों की हजारों हेक्टेयर ज़मीन सिंचाई के लिए आने वाले समय पर बूंद बूंद पानी को भी तरसना पड़ेगा कारण बेलटीकरी गांव नहर लाइन की किनारे वाली जमीन को भी खनन किया
गया है जो भविष्य में कभी भी बरसात के दिनों में नहर लाइन टूटने की संभावना है।

गहरे खाई से कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा 

खनन माफियों द्वारा बेलटीकरी नहर लाइन की ज़मीन को खोदने से नहर किनारे खाई में तब्दील हो गया है कभी भी आम जनता या पालतू मवेशी गिर सकते हैं और बड़ी दुर्घटना घटने की संभावना बनी हुई है। खनन माफिया के खिलाफ उचित कार्यवाही किया जाना चाहिए।  विद्युत विभाग कनिष्ठ अभियंता भी अवैध खनन में शामिल है क्योकि खदानों में कनेक्शन अवैध रूप से बिजली की वितरण की जा रही है जबकि पूर्ण रूप से सभी खदान अवैध है। विभाग आख़िर किस आधार पर खदानों में विद्युत वितरण किया है ?

राजस्व की चोरी और प्रशासन की सुस्त कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार, खनन माफिया बिना किसी रॉयल्टी पर्ची के पत्थर का परिवहन कर रहे हैं, जिससे सरकार को हर महीने करोड़ों रुपये के राजस्व का चूना लग रहा है। हालांकि खनिज विभाग कभी-कभार छोटी-मोटी कार्रवाई कर वाहनों को जब्त करता है, लेकिन बड़े सरगनाओं पर अब तक कोई ठोस शिकंजा नहीं कसा
गया है। अवैध पत्थर खनन कर अवैध संपति भी बनाया गया है जिसमें शासन को सीधा टैक्स का नुकसान करोड़ों रुपयों में होता है।

इस बारे मे हमारे संवाददाता ने कलेक्टर साहब से स्पाट मे फोन से बात किये जाने पर कलेक्टर साहब बोले ठीक है मै एसडीएम को बोल के दिखाता हुँ पर देखते है आगे क्या कार्यवाही होता है

मिट्टी के मोल निकाल रहे सोना, बना रहे करोड़ों का साम्राज्य

सारंगढ़ के बेलटीकरी छपोरा इलाकों में अवैध पत्थर उत्खनन से माफियाओं ने कुछ ही वर्षों में करोड़ों की बेनामी संपत्ति खड़ी कर ली है। महंगी गाड़ियों का काफिला इस अवैध धंधे की गवाही दे रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि केवल वाहनों की जब्ती न हो, बल्कि माफियाओं की संपत्तियों की भी जांच की जाए। अवैध
कमाई का बड़ा हिस्सा महंगी गाड़ियों और खनन मशीनों (पोकलेन, हाइवा, ट्रक अन्य वाहन) को खरीदने में लगाया गया है। अन्य व्यवसाय: इस पैसे को अक्सर रियल एस्टेट, ईंट भट्टों या परिवहन व्यवसाय में 'सफेद' करने के लिए लगाया गया है।

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