
बालिग बेटी को भी मिलेगा भरण-पोषण, हाईकोर्ट ने खारिज की पिता की याचिका….

बिलासपुर. बेटियों के अधिकार को लेकर हाई कोर्ट ने एक अहम फैसला दिया है. कोर्ट ने कहा है, कि बालिग होने के बाद भी बेटी के भरण-पोषण की जिम्मेदारी से पिता पूरी तरह मुक्त नहीं हो सकते, खासकर जब पहले से ही फैमिली कोर्ट का आदेश लागू हो. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की सिंगल बेंच ने इस टिप्पणी के साथ पिता द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका को खारिज करते हुए फैमिली कोर्ट का आदेश बरकरार रखा है. जिसमें बेटी को हर महीने 5,000 रुपये भरण-पोषण देने का निर्देश दिया गया था.
मामला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले का है. याचिकाकर्ता गोरखनाथ यादव ने फैमिली कोर्ट मनेंद्रगढ़ के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी बेटी कु. प्रिया को भरण-पोषण देने का निर्देश दिया गया था. फैमिली कोर्ट ने पहले 2016 में 2,000 रुपये प्रतिमाह की राशि तय की थी, जिसे बाद में 2023 में बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दिया गया.



