
भटगांव में 37 मवेशी को बूचड़ाखाना ले जा रहे 5 आरोपी आये पुलिस की गिरफ्त में,

पुलिस ने किया अपराध पंजीबद्ध,
भटगांव के जमगहन पेट्रोल पंप के पास की घटना
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले से मवेशियो को बूचड़खाना ले जाने का खेल फिर शुरू,
सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले से मवेशियो को बूचड़खाना भेजने का बड़ा रैकेट फिर से सक्रिय हो रहा है। अर्से से सारंगढ़ और गिरसा के बाजार से मवेशियो की खरीदी बिक्री करके उसको बूचड़खाना भेजने का खेल पर पुलिस ने अंकुश लगाया था किन्तु फिर से गुपचुप तरीके से पैदल हांकते हुए बूचड़खाना ले जाने का खेल शुरू हो गया है। भटगांव पुलिस ने इस मामले मे 5 आरोपियो के खिलाफ छ.ग. कृषिक पशु परिरक्षण अधि. 2004 के धारा 4,6,10 के तहत मामला पंजीबद्ध किया है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार प्रियव्रत स्वर्णकार पिता पुरूषोत्तम
लाल स्वर्णकार उम्र 29 वर्ष निवासी रायगढ रोड वार्ड नं.3 सारंगढ का रहने वाला है उसने बताया कि आज दिनांक 13-04-2026 को वह बिलाईगढ से अपनी मोटर सायकल से घर सारंगढ जा रहा था कि 12 बजे के लगभग मेन रोड जमगहन में कुछ लोग कृषि योग्य बैलों को पैदल हांकते हुए ले जा रहे थे उसने उन लोगों से पूछा तो अपना अपना नाम डुमलाल साहू पिता नेहरूलाल निवासी सोनियाडीह भटगांव, 02 फुलेश्वर बंजारे पिता रामलाल बंजारे निवासी गगोरीटांडा सरसीवां, 03. सीताराम पटेल पिता रामलाल पटेल पता बेलादुला सरसीवां, 04. नीलमणी साहू पिता मुकुतराम साहू निवासी कैथा बिलाईगढ तथा 05 परदेशी यादव गिरसा का बताया है
पूछताछ पर बिलासपुर जिले के जोंधरा बाजार से खरीद कर लाना और
गिरसा बाजार बेचने हेतु ले जाना बताए खरीद बिक्री के संबंध में कोई वैध दस्तावेज नहीं होना बताया गिरसा बाजार में दुसरे राज्य के मवेशी व्यापारी मवेशियों को कत्ल करने हत्या हेतु बुचड़ खाना ले जाते हैं। उपरोक्त लोगों के द्वारा भी परिवहन कर रहे मवेशी/ बैल (37नग ) जवान व अधेड़ उम्र के बैलों को कत्लखाना ले जाने हेतु परिवहन कर रहे है आय दिन इस तरह मवेशी बाजारों से व्यापारियों द्वारा गौवंश की हत्या करने के लिए परिवहन कर व्यापारियों द्वारा गौवंश की हत्या करने के लिए परिवहन कर व्यापारियों की बेचते है उपरोक्त लोगों के द्वारा भी 37 नग बैल को बुचड़खाना ले जाने हेतु हत्या करने के लिए परिवहन कर किया जा रहा था। भटगांव पुलिस ने इस मामले मे 5 आरोपियो के खिलाफ छ.ग. कृषिक पशु परिरक्षण अधि. 2004 के धारा 4,6,10 के तहत मामला पंजीबद्ध किया है।



