
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला : परिसीमन में सरिया-बरमकेला विधानसभा सीट के अस्तित्व में आने के आसार,

विधानसभा चुनाव 2028 के पहले बड़े बदलाव होने के संकेत,
जनगणना का काम हुआ शुरू, उसके बाद होगा परिसीमन
आयोग का गठ़न,
छत्तीसगढ़ में विधानसभा की 120 सीट होने का अनुमान,
महिला आरक्षण के कारण से बढ़ेगी विधानसभा सीटो की संख्या,
200 पोलिंग बूथ पर एक विधानसभा होने की संभावना,
सरिया-बरमकेला अंचल की राजनितिक सक्रियता में जल्द शुरू
होगी गर्मी?
सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले मे जनगणना का काम शुरू हो गया है। जनगणना के आंकड़ो के बाद परिसीमन आयोग का काम शुरू हो जायेगा और आंकड़ो के अनुसार प्रदेश की विधानसभा सीटो पर बढ़ोत्तरी होगा। जनगणना के प्रस्तावित आंकड़ो से अभी से अनुमान लगाया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ में विधानसभा सीटो की संख्या 120 से अधिक होगी। इसके अनुसार सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में 3 विधानसभा सीट होने के आसार दिख रहे है। पहली सीट सारंगढ़ विधानसभा, दूसरी सीट बिलाईगढ़ विधानसभा और तीसरी सीट सरिया-बरमकेला विधानसभा सीट हो सकती है जो कि 2003 के परिसीमन में विलोपित कर दिया गया था। फिर से 2028 के विधानसभा चुनाव में अस्तित्व मे आ सकता है।
केन्द्र सरकार के द्वारा केबिनेट में महिला आरक्षण बिल को स्वीकृति देने तथा
जनगणना शुरू होने के बाद आसार है कि परिसीमन आयोग का गठन परंपरा के अनुसार किया जायेगा और जनसंख्या के नवीन आंकड़ो के अनुसार विधानसभा और लोकसभा सीटो की बढ़ोत्तरी किया जायेगा। इसके तारतम्य में छत्तीसगढ़ विधानसभा में भी विधायको की संख्या में बढ़ोत्तरी किया जायेगा। जानकारो की माने तो छत्तीसगढ़ में अनुमानित 120 विधानसभा सीट हो सकती है। विधानसभा सीटो की संख्या में बढ़ोत्तरी में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में तीन विधानसभा सीट
होने के आसार दिख रहे है। इस मामले में जानकार बताते है कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में अभी दो विधानसभा सीट है तथा एक सीट रायगढ़ विधानसभा का 59 मतदान केन्द्र सारंगढ़- बिलाईगढ़ जिला मे स्थित है। वही बलौदाबाजार जिला का सोनाखान क्षेत्र का 111 मतदान केन्द्र बिलाईगढ़ विधानसभा सीट में आता है। ऐसे में परिसमीन आयोग अलग-अलग जिलो के मतदान केन्द्रो को जिले के ही विधानसभा सीटो मे समायोजन करके नये सिरे से परिसीमन करेगा।
नया होने वाला परिसीमन में जनसंख्या के नवीन आंकड़ा तो शामिल होगा साथ ही महिला आरक्षण के कारण से होने वाली वृद्धि भी शामिल होगी। इसके अनुसार छत्तीसगढ़ में न्यूनतम 120 विधानसभा सीट होने के अनुमान है। बताया जा रहा है कि प्रत्येक 200 मतदान केन्द्र पर एक विधानसभा की कल्पना को मूर्त रूप दिया जा सकता है। अभी सारंगढ़ विधानसभा सीट में 253 मतदान केन्द्र है वही बिलाईगढ़ विधानसभा सीट में 309 मतदान केन्द्र है साथ ही जिले के 59 मतदान केन्द्र ऐसे है जो कि रायगढ़ विधानसभा सीट के अर्न्तगत आते है। लेकिन 11 मतदान केन्द्र बिलाईगढ़ विधानसभा सीट के सोनाखान क्षेत्र का भी आता है। इन सभी को व्यवस्थित करने के बाद नये जनगणना के आंकड़ा के अनुसार अनुमानित रूप से सारंगढ़-बिलाईगढ जिला में 6 लाख से अधिक मतदाता होने की संभावना है और प्रत्येक 2 लाख मतदाता मे एक विधानसभा सीट के अनुसार कुल 3 विधानसभा सीट होने की संभावना जताया जा रहा है। इसमे से एक सीट बिलाईगढ़ विधानसभा सीट, दूसरी सीट सारंगढ़ विधानसभा सीट तथा तीसरी सीट सरिया-बरमकेला सीट हो सकती है जो कि 2005 के परिसीमन के पहले अस्तित्व मे थी किन्तु परिसीमन में विलुप्त हो गई थी। ऐसे में आने वाले दिनो मे सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में राजनितिक तापमान में बढ़ोत्तरी होने की संभावना साफ तौर पर दिख रही है।
सरिया-बरमकेला नई विधानसभा सीट!
बताया जा रहा है कि परिसीमन आयोग के गठन के बाद ही नई विधानसभा सीटो को लेकर उधेड़बुन शुरू हो जायेगा। बात करे सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला की तो यहा पर लगभग 200 मतदान केन्द्र पर एक विधानसभा सीट के हिसाब से सरिया-बरमकेला नया विधानसभा सीट अस्तित्व में आ सकता है। इसमें रायगढ़ विधानसभा के 59 मतदान केन्द्र के अलावा बरमकेला विकासखंड़ के 96 मतदान केन्द्र और सारंगढ़ विकासखंड़ के 45 मतदान केन्द्र शामिल हो सकते है। सूत्रो की माने तो प्रारंभिक रूप से जो खाका तैयार हो सकता है उसके अनुसार 200 मतदान केन्द्र के लिये दानसरा से नौरंगपुर-मल्दा ब तक का पट्टी अर्थात नेशनल हाईवे 216 के दूसरे छोर तक का सभी मतदान केन्द्र सरिया-बरमकेला विधानसभा सीट का हिस्सा हो सकती है। ऐसे मे सरिया-बरमकेला विधानसभा सीट के अस्तित्व में इस बार सिर्फ बरमकेला ब्लाक शामिल नही होगा बल्कि सारंगढ़ ब्लाक का भी सहभागिता होने की संभावना जानकार बता रहे है। हालांकि अभी जनगणना शुरू हुआ है और अंतिम आंकड़े आने तथा परिसीमन आयोग के गठन होने के बाद ही इस संबंध में अंतिम निर्णय लिये जायेगे किन्तु राजनितिक क्षेत्र में जानकार अभी से
पूरा खाका तैयार करके मिशन-2028 के लिये जुटेगें। इस कारण से परिसीमन आयोग के अंतिम निर्णय का इंतजार नही कर सत्ताधारी दल और विपक्षी दल अपने संगठन को इसके अनुसार से सक्रिय करने मे जुट जायेगें।
सोनाखान क्षेत्र के 111 मतदान केन्द्र होगे अलग?
बताया जा रहा है कि परिसीमन आयोग के सामने सबसे पहला काम जिला के बाहर के मतदान केन्द्र को दूसरे जिले के विधानसभा सीट से अलग करने का काम होगा। और इस कड़ी में बिलाईगढ़ विधानसभा सीट से सोनाखान(बलौदाबाजार जिला) के 111 मतदान केन्द्र को बाहर किया जायेगा। जिसके कारण से बिलाईगढ़ विधानसभा सीट में 309 मतदान केन्द्र के स्थान पर 200 मतदान केन्द्र का संतुलन बनाने का प्रयास परिसीमन आयोग कर सकता है। वही 600 मतदान केन्द्र के हिसाब से सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में 3 विधानसभा सीट का गठन हो सकता
है।
जनसंख्या, परिसीमन के बाद आरक्षण का होगा खेला?
छत्तीसगढ़ में जनसंख्या के आंकड़े, परिसीमन आयोग का गठन और विधानसभा सीटो की संख्या के बाद जिस पर सभी की नजरे रहेगी वह है आरक्षण! आखिर सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला की सीटो की संख्या मे बढ़ोत्तरी और उसके बाद होने वाले आरक्षण पर राजनितिक तापमान गर्म होने के आसार दिख रहे है। भले ही अभी इन सभी कार्यवाही में देर है किन्तु राजनितिक गुणा-भाग में हमेशा गर्म रहने वाली
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में नये सिरे से राजनितिक समीकरण का दबदबा हो सकता है। वर्तमान मे दो विधानसभा सीट बिलाईगढ़ और सारंगढ़ विधानसभा सीट है और दोनो अजा वर्ग के लिये आरक्षित है। ऐसे मे सवाल उठ रहा है कि परिसीमन के बाद सीटा की संख्या मे कितनी बढ़ोत्तरी हो सकती है तथा आरक्षण क्या तय हो सकता है? जिसका जवाब परिसीमन आयोग ही दे सकता है। अन्य कोई नही।



