
टिमरलगा में अवैध उत्खनन पर प्रशासन की ताबड़तोड़ कार्यवाही, आधा दर्जन से अधिक पोकलैंड़ जप्त,

अवैध खदानो मे चल रही है जमकर अवैध उत्खनन?
अर्से से मिल रही थी अवैध उत्खनन की शिकायते,
एसडीएम वर्षा बंसल और खनिज विभाग की टीम ने किया कार्यवाही
सूरज होटल के पीछे अवैध खदान पर कार्यवाही,
सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
सारंगढ़ के प्रसिद्ध खनिज ग्राम टिमरलगा में अवैध खदानो पर प्रशासन की ताबड़तोड़ कार्यवाही की जानकारी निकल कर सामने आ रही है। कार्यवाही में आधा दर्जन से अधिक पोकलैंड़ जप्त किया गया है। हालांकि अभी तक अधिकृत जानकारी नही दिया गया है लेकिन एसडीएम वर्षा बंसल और खनिज विभाग
की संयुक्त टीम की इस कार्यवाही से अवैध उत्खनन करने वालो में हड़कंप मच गया है। टिमरलगा के मुख्यमार्ग पर स्थित सूरज होटल के पीछे सरकारी भूमि पर अवैध रूप से संचालित पत्थर खदान पर कार्यवाही किये जाने की जानकारी मिली है।
इस संबंध में सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार अर्से से सारंगढ़ के टिमरलगा खनिज क्षेत्र में अवैध उत्खनन करने की शिकायते सामने आ रही थी। इसमे सरकारी भूमि पर अवैध उत्खनन के साथ-साथ लातनाला के किनारे में अवैध उत्खनन करने से लेकर अवैध रूप से निजी भूमि पर भी अवैध उत्खनन कर शिकायते शामिल थी। बताया जा रहा है कि इन शिकायतो को ध्यान में रखते
हुए जिला प्रशासन ने आज एसडीएम वर्षा बंसल और खनिज विभाग के संयुक्त टीम को अवैध उत्खनन के मामले मे कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिये थे जिसके तारतम्य में आज दोपहर 1 बजे अवैध खदानो पर प्रशासन की छापामार कार्यवाही शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि इस अचानक और छापामार कार्यवाही में आधा दर्जन से अधिक पोकलैंड़ के साथ-साथ कई वाहनो भी कार्यवाही के जद में आये है। सूत्र बताते है कि प्रभावशाली लोगो के पोकलैंड़ और वाहनो पर कार्यवाही होने पर प्रशासन पर दबाव बनाया जा रहा था किन्तु बिना कोई दबाव में आये प्रशासन ने अवैध उत्खनन में लिप्त वाहनो पर कार्यवाही किया है।
हालांकि अभी तक जिला प्रशासन की तरफ से यह नही बताया गया है कि टिमरलगा मे किया गया कार्यवाही में किस-किस वाहनो पर क्या-क्या कार्यवाही किया गया है? और ना ही जनसंपर्क विभाग इतनी बड़ी छापामार कार्यवाही को लेकर कोई समाचार प्रेषित किया है। किन्तु सूत्र बताते है कि पहली बार टिमरलगा में इतनी बड़े स्तर पर कार्यवाही जिला बनने के बाद किया गया है। बताया जा रहा है कि अवैध उत्खनन का मामला अभी विधानसभा में भी काफी गूंजा है तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले मे भी क्रेशर माफियाओ के द्वारा किया जा रहा मनमानी का मामला भी सुर्खियो मे रहा है। ऐसे में सारंगढ़ में अवैध उत्खनन पर किया गया मैदानी स्तर के कार्यवाही से खनिज माफियाओ के हाथ पैर कांप गये है।
टिमरलगा के अवैध खदानो मे चल रही है जमकर अवैध उत्खनन?
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला बनने के बाद टिमरलगा अंचल में कार्यवाही के नाम पर सिर्फ खाना-पूर्ति का ही कार्य हो रहा था। जिला बनने के पहले रायगढ़ खनिज विभाग के द्वारा टिमरलगा और गुड़ेली सहित साल्हेओना-कटंगपाली पर अक्सर कार्यवाही करते थे किन्तु सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला के निमार्ण के बाद अवैध उत्खनन पर कार्यवाही तो बंद सी हो गई है। अवैध परिवहन पर दो-चार दिनो मे कार्यवाही कर खनिज विभाग अपनी पीठ थपथपा लेता था किन्तु क्रेशर संचालन में किया जा रहा व्याप्त अनियमितता और सरकारी भूमि पर किया जा अवैध उत्खनन के साथ-साथ लातनाला के किनारे को किया जा रहा छलनी पर कार्यवाही करने के लिये सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला प्रशासन के पास समय नही था।
ऐसे में टिमरलगा में सूरज होटल के पीछे सरकारी भूमि को छलनी करते हुए अवैध खदानो में प्रतिदिन किया जा रहा अवैध उत्खनन को लेकर आज किया गया कार्यवाही से खनन माफिया हैरान और परेशान है। जिला प्रशासन को अपने अनुसार चलाने का दावा करने वाले खनिज माफियाओ को समझ में नही आ रहा है कि आखिर यह कार्यवाही कैसे हो गया? अर्से से टिमरलगा को खोद कर अवैध खदान का निमार्ण करने और फ्लाईएश भरकर उसमें भी कमाई करने वाल खनिज माफिया चंद सालो में ही करोड़ो रूपये के संपति के मालिक हो गये है। आज किया गया इस कार्यवाही से टिमरलगा के खनन माफियाओ को सांप सूंघ गया है तथा आनन- फानन में राजनितिक दबाव बनाकर किया गया कार्यवाही को रफा-दफा करने के जुगत लगाने में जुट गये है।
बहरहाल देखना यह है कि जिला प्रशासन अवैध उत्खनन पर टिमरलगा पर किया गया कार्यवाही को आगे जारी रखता है या राजनितिक दबाव में कार्यवाही के नाम पर चंद वाहनो पर कार्यवाही कर अपनी पीठ थपथपा कर मामलो का रफा-दफा करता है।



