
“उपेक्षा से नाराज” सारंगढ़ में प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा को भाजपा नेता ने ही सोशल मिडिया पर घेरा?

मंडल अध्यक्ष ने प्रभारी मंत्री का विरोध करने की बात लिखी,
इधर भाजपा संगठन और जिला पंचायत टीम चल रही है अलग-अलग?
बाढ़ आपदा मद में निमार्ण कार्यो की स्वीकृति का मामला भी गर्म?
सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में भाजपा कार्यकर्ताओ के अच्छे दिन अभी तक नही आये है। जिले के प्रभारी मंत्री के द्वारा बाढ़ आपदा मद के करोड़ो रूपये के निमार्ण कार्यो की स्वीकृति देने से अब भाजपा नेता ही प्रभारी मंत्री को आड़े हाथ ले रहे है। सोशल मिडिया में प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा का विरोध करने का मामला छाया हुआ है। वही दूसरी ओर भाजपा संगठन और जिला पंचायत की टीम के बीच टकराव भी
साफ तौर पर नजर आ रहा है जिला भाजपा के होली मिलन समारोह आयोजन के बाद अब जिला पंचायत अध्यक्ष और उनकी टीम अलग-अलग जगह पर होली मिलन समारोह कर शक्ति प्रर्दशन कर रही है। ऐसे हालात में 6 माह बाद होने वाले नगर पालिका चुनाव में भाजपा का फिर से सूपड़ा साफ होने की संभावना दिख रही है। सारंगढ़ में भाजपा के कार्यकर्ताओ और नेताओ के बीच नूरा कुश्ती का दौर जारी है अपनी ही सरकार के खिलाफ भाजपा कार्यकर्ताओ का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। जिला अध्यक्ष ज्योति पटेल कार्यकर्ताओ और पदाधिकारियो को भी नही सम्हाल पा रहे है। गुटबाजी के भंवरजाल में फंसा हुआ सारंगढ़ भाजपा इस कदर अपने उधेड़बुन में उलझ गया है कि सारंगढ़ नगर पालिका चुनाव में भाजपा का बंटाधार होना तय दिख रहा है।
दरअसल बीते कुछ दिनो मे हुई कई घटनाओ से भाजपा कार्यकर्ताओ और पदाधिकारियो के बीच सर-फुटव्वल की स्थिति बनी हुई है। पहली घटना आज सोशल मिडिया में जमकर तैर रही है जिसमे भाजपा के एक मंडल अध्यक्ष ने प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा का खुलकर विरोध करने की ऐलान कर दिया। एकाएक प्रभारी मंत्री का भाजपा के एक मंडल अध्यक्ष के द्वारा सोशल मिडिया में इसा तरह का विेरोध से भाजपा संगठन सकते में आ गया है। सूत्रो की माने तो बाढ़ आपदा मद से जारी किया गया लगभग 8 करोड़ रूपये की भारी-भरकम लिस्ट में भाजपा कार्यकर्ताओ और पदाधिकारियो की सूची को रिजेक्ट कर दिया गया तथा विपक्षी दल और अन्य चापलूसो की सूची को फायनल करते हुए सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 8 करोड़ रूपये के विभिन्न निमार्ण कार्यो की स्वीकृति प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा के द्वारा जारी किया गया है। बताया जा रहा है जिस दिन से यह निमार्ण कार्य की स्वीकृति संबंधी पत्र वायरल हुआ है उसके बाद से भाजपा में हड़कंप मच गया है। इस सूची में कांग्रेस विधायक के अनुसंशा पर 50 लाख रूपये से अधिक कार्य को स्वीकृति देने के आरोप भाजपा पदाधिकारी लगा रहे है। वही कई कार्यकर्ताओ ने आरोप लगाया है कि ऐसी गांवो के विकास कार्यो की सूची को फायनल किया गया है जिसमें भाजपा को व्होट तक नही मिला था और
भाजपाई गांवो की उपेक्षा किया गया है।
इसके कारण से भाजपा संगठन से जुड़े पदाधिकारी भी काफी नाराज बताये जा रहे है। भाजपा मंडल अध्यक्ष के द्वारा सोशल मिडिया में प्रभारी मंत्री के खिलाफ विरोध की बातो को बाढ़ आपदा मद के स्वीकृति निमार्ण कार्यो से जोड़कर देखा जा रहा है। वही दूसरी घटना जिला भाजपा संगठन और जिला पंचायत के टीम के बीच चल रहे खीचातानी का सामने आ रहा है। सूत्रो की माने तो जिला पंचायत अध्यक्ष और सदस्यो की टीम और जिला भाजपा के बीच 36 का खीचतान दिख रहा है। बाढ़ आपदा मद की स्वीकृति में एक भी जिला पंचायत सदस्यो का सूची को शामिल नही करने और एक भी निमार्ण कार्य स्वीकृति नही होने से जिला पंचायत की राजनिति भाजपा से अलग हो गई है। सूत्रो की माने तो यहा पर जिला पंचायत की राजनिति भाजपा के समानान्तर संगठन की कार्यशैली की तरह चल रही है। जिला भाजपा का होली मिलन की सफलता के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पांड़े अपने क्षेत्र मे अलग होली मिलन समारोह आयोजित कर भाजपा संगठन को खुलकर चैलेंज करते हुए दिख रहे है। वही सरकारी आयोजनो मे भी भाजपा के दो चार नेताओ के अलावा अन्य नेताओ को न्यौता नही देने के पीछे जिला प्रशासन के रवैये को भाजपा की गुटबाजी से जोड़कर देखा जा रहा है। ऐसे मे भाजपा गुटबाजी के भंवरजाल मे फंसी हुई दिख रही है। इसके कारण से कार्यकर्ताओ में सरकार के प्रति काफी नारजगी देखी जा रही है तथा आने वाले दिनो मे भाजपा को अपने कार्यकर्ताओ को ही सम्हाल पाने में काफी कठनाई का सामना करना पड़ सकता है।
…. नगर पालिका चुनाव में हो सकता है सूपड़ा साफ?
सारंगढ़ नगर पालिका चुनाव में 6 माह से भी कम का समय बाकि है किन्तु सत्ताधारी भाजपा की तैयारी शून्य बटा सन्नाटा दिख रहा है। भाजपा संगठन और जिला पंचायत के बीच चल रहे नूरा कुश्ती का दौर में भाजपा कार्यकर्ताओ की हौसला और उत्साह खत्म हो गया है। कांग्रेस के सरकार में मलाई खाने वाले
इस सरकार में भी अपने आपको भाजपा का बॉस बताते फिर रहे है। वही दिग्गज कांग्रेस नेताओ को जनपद पंचायत के चुनाव में हराने वाले चेहरो को कांग्रेस नेताओ के ईशारे पर हाशिये पर किनारे लगाया जा रहा है। विपक्ष के समय सक्रिय होकर सड़क पर लड़ाई लड़ने वाले को अभी साईड कर दिया गया है।
चापलूस और राजनिति को व्यापार बनाने वाले और विपक्षी दल के साथ मिलकर काम करने वालो को भाजपा मे अभी प्लेटफार्म दिया जा रहा है जिसके कारण से भाजपा के कार्यकर्ताओ मे मायूसी छाई हुई है। ऐसे में 6 माह बाद होने वाले नगर पालिका चुनाव में भाजपा का शहर से सूपड़ा साफ हो सकता है। प्रभारी मंत्री का खुला विरोध जिस प्रकार से चालू हो गया है उससे साफ दिख रहा है कि सारंगढ़ भाजपा मे अभी सबकुछ ठीक-ठाक नही चल रहा है।



