
सारंगढ़ विधानसभा में किसानों के बढ़े बिजली बिल का मुद्दा विधानसभा में गूंजा ,विधायक उत्तरी जांगड़े ने सर्वे कर सुधार की मांग

सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
सारंगढ़ विधानसभा क्षेत्र के किसानों को कृषि सिंचाई पर बिजली बिल छूट योजना का पूर्ण लाभ नहीं मिलने और बढ़े हुए बिजली बिलों का मामला विधानसभा में प्रमुखता से उठाया गया। विधायक श्रीमती उत्तरी गनपत जांगड़े ने माननीय अध्यक्ष महोदय के माध्यम से मुख्यमंत्री से प्रश्न करते हुए 5 एचपी, 3 एचपी एवं उससे कम हार्स पावर के सिंचाई पंपों पर लागू फ्लैट रेट की जानकारी मांगी तथा पूछा कि सारंगढ़ क्षेत्र के किसानों को योजना का समुचित लाभ क्यों नहीं मिल पा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने उत्तर में बताया कि राज्य सरकार द्वारा
कृषि सिंचाई पंप कनेक्शनों पर फ्लैट रेट की व्यवस्था लागू है। प्रथम पंप कनेक्शन पर 100 रुपये प्रति एचपी प्रतिमाह, द्वितीय पंप कनेक्शन पर 200 रुपये प्रति एचपी प्रतिमाह तथा 5 एचपी से अधिक भार वाले पंपों के लिए 300 रुपये प्रति एचपी प्रतिमाह बिजली बिल का प्रावधान है। उन्होंने जानकारी दी कि सारंगढ़ विधानसभा क्षेत्र में फ्लैट रेट विकल्प का चयन करने वाले 3004 किसानों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि जनवरी 2025 से जनवरी 2026 तक किसी भी किसान को 10 हजार से 60-70 हजार रुपये तक का बिजली बिल जारी नहीं किया गया है। हालांकि नियमित भुगतान नहीं करने के कारण 260 किसानों पर 10 हजार रुपये से अधिक की बकाया राशि है, जिनमें से 104 किसानों के पंप कनेक्शन विच्छेदित किए गए हैं।
वहीं विधायक श्रीमती जांगड़े ने सदन में कहा कि सारंगढ़ विधानसभा में ऐसे
सैकड़ों किसान हैं, जिनके बिजली बिल 1 हजार से 50 हजार रुपये तक पहुंचे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए ग्राम अण्डोला व जशपुर सहित विभिन्न गांवों के किसानों का उल्लेख किया—कौशल्या आदित्य (50 हजार रुपये), नकुल मरार (50 हजार रुपये), केशव प्रसाद (42 हजार रुपये), रामायण बरेठ (42 हजार रुपये), घुरवा धोबी (39 हजार रुपये), मुकराम कहरा (36 हजार रुपये) तथा मालिकराम कहरा (34 हजार रुपये)।
उन्होंने कहा कि ऐसे अनेक किसानों के बिजली बिल अप्रत्याशित रूप से बढ़े हैं, जिससे वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। विधायक ने मांग की कि सारंगढ़ विधानसभा क्षेत्र के प्रभावित किसानों का सर्वे कराया जाए, बिजली बिलों में आवश्यक सुधार किया जाए तथा भविष्य में सभी पात्र किसानों को शासन की कृषि सिंचाई बिजली बिल छूट योजना का लाभ सुनिश्चित किया जाए। मामले को लेकर सदन में गंभीर चर्चा हुई और क्षेत्र के किसानों को राहत प्रदान करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।



