
रायपुर-सारंगढ़-झारसुगड़ा रेल लाईन ठंड़े बस्तें में, सरकार का ध्यान नया रायपुर-
बलौदाबाजार-खरसिया रेल लाईन पर?
नया रायपुर-बलौदाबाजार-खरसिया के सर्वे के लिये टेंडर जारी!
सारंगढ़ अंचल में रेल लाईन को लेकर राजनितिक कमजोरी आई सामने?
मुख्यमंत्री से मांग करने से कतराते है भाजपा नेता?
आखिर सारंगढ़ के लिये स्वीकृत रेल लाईन के बजट कब मिलेगा?
सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
सारंगढ़ में रेल लाईन का सपना पूरा होने के स्थान पर ओझल होते हुए दिख रहा है। रेल्वे के द्वारा स्वीकृत नई रेल लाईन परियोजना मे रायपुर-बलौदाबाजार-सारंगढ़-झारसुगड़ा रेल लाईन (310 किलोमीटर) का नाम अंकित है किन्तु आसन्न बजट मे इसके लिये राशी का आबंटन नही होने से परियोजना कागजो मे ही जिंदा है। वही दूसरी तरफ नया रायपुर-बलौदाबाजार-खरसिया के नई रेल लाईन के लिये अंतिम सर्वे के लिये 3.10 करोड़ का टेंडर निकल गया है और 6 माह के भीतर सर्वे रिर्पोट के बाद काम के लिये अलग-अलग टेंडर लग जायेगा। सारंगढ़ अंचल के जनप्रतिनिधियो की इस मामले में चुप्पी साधने के बाद ऐसा लगाता है कि सारंगढ़ मे रेल आना
एक सपना बनकर रह जायेगा।
केन्द्र सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ के लिये 9 वर्ष पहले नई रेल परियोजनो को स्वीकृति दिया गया था उसमे रायपुर-बलौदाबाजार-सारंगढ़-झारसुगड़ा रेल लाईन (310 कि.मी.) का नाम था किन्तु 4.56 करोड़ रूपये के डीपीआर बनाने के लिये जारी टेंड़र के बाद यह काम फाईलो मे ही कैद है। अंतिम बार 31 जुलाई 2023 को तात्कालिक सांसद श्रीमती गोमती साय और सांसद गुहाराम अजगल्ले के नेतृत्व मे रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव से दिल्ली में संसद भवन में मुलाकात के बाद इस रेल परियोजना को लेकर मांग-आंदोलन-आवाज आदि सभी बंद है। विधानसभा चुनाव-लोकसभा चुनाव मे भी यह रेल परियोजना बडा चुनावी मुद्दा नही बन पाया। गाहे-बगाहे सोशल मिडिया और स्थानीय प्रिंट मिडिया इस मामले को सामने रखकर प्रयास करती है कि जनप्रतिनिधियो की आवाज इस प्रमुख परियोजना को लेकर मुंह से निकले किन्तु इस रेल परियोजना को लेकर चुप्पी साधने से यह रेल परियोजना फाईलो मे ही कैद है। जुलाई-2023 मे रेल मंत्री से मुलाकात मे उन्होने स्पष्ट तौर पर कहा था कि राज्य सरकार को इस रेल परियोजना को लेकर जमीन उपलब्ध कराना है और 2163 करोड़ की प्रस्तावित रेल परियोजना बढ़कर लगभग 8 हजार करोड़ रूपये की हो गई है।
राज्य सरकार की सहमति और केन्द्र सरकार के द्वारा बजट उपलब्ध कराये जाने से यह परियोजना मूर्त रूप ले सकती है। तात्कालिन समय मे छत्तीसगढ़ मे कांग्रेस की सरकार थी और उनके द्वारा इस मामले मे कोई पहल नही किया गया किन्तु संयोग डबल इंजन की सरकार की आई तथा छत्तीसगढ़ में दिसंबर 2023 मे भाजपा की सरकार बैठी तथा सारंगढ़ अंचल के सांसद रहे श्री विष्णुदेव साय ही मुख्यमंत्री के कुर्सी पर विराजमान हुए किन्तु इस दिशा में पहल और प्रयास शून्य हुए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के पहल से ही 2016 में इस रेल परियोजना के लिये डीपीआर के लिये टेंड़र जारी हुआ था किन्तु सारंगढ़ अंचल के भाजपा नेताओ के पास इस रेल परियोजना को पूरा कराने के लिये मुख्यमंत्री महोद्य के समक्ष मांग उठाने का साहस नही है। राजनितिक ईच्छा शक्ति का अभाव के कारण से मुख्यमंत्री महोद्य के समक्ष इस मांग को उठाकर उनका ध्यान आकृष्ठ करने भर से राज्य सरकार के द्वारा इस रेल परियोजना के लिये जमीन उपलब्ध कराकर इस रेल परियोजना को
पूर्ण कराने का कार्यवाही प्रारंभ हो सकती है किन्तु लापरवाही का हद देखिये कि मुख्यमंत्री महोद्य के सारंगढ़ आगमन पर भी यह महत्वपूर्ण मुद्दा को उनके सामने रखा भी नही गया और ना ही इसकी कोई बड़ी मांग रखी गई जिसके कारण से रायपुर-बलौदाबाजार-सारंगढ़- झारसुगड़ा रेल लाईन ठंड़े बस्ते में जाते दिख रहा है।
नया रायपुर-बलौदाबाजार-खरसिया के लिये सर्वे के लिये टेंडर जारी बलौदाबाजार में ट्रेन चलाने के लिए खरसिया से नवा रायपुर होते हुए दुर्ग तक नई रेल लाइन बिछाने के सर्वे के लिए 3.10 करोड़ रुपये की निविदा जारी की है। यह टेंडर 11 मार्च को खुलेगा। बलौदाबाजार में रेलवे कनेक्टिविटी की लंबे समय से मांग की जा रही थी, जो अब साकार होती दिख रही है। रेलवे ने खरसिया से नवा रायपुर होते हुए दुर्ग तक नई रेल लाइन बिछाने के सर्वे के लिए 3.10 करोड़ रुपये की निविदा जारी की है। यह टेंडर 11 मार्च को खुलेगा। सर्वे का काम 6 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद भूमि अधिग्रहण और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं शुरू की जाएगी। रेल कनेक्टिविटी से जिले में व्यापार, उद्योग और पर्यटन के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी। बलौदाबाजार में खनिज और वन संपदा की प्रचुरता है, जिससे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। व्यापारी वर्ग इस फैसले से खासा उत्साहित है, क्योंकि रेलवे से जुड़ने के बाद परिवहन आसान होगा और व्यापार को गति मिलेगी। इसके अलावा जिले में कई ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल हैं, जिनकी कनेक्टिविटी सुधरने से पर्यटन भी बढ़ेगा।
रेल परियोजना के तहत बनेगें 23 नए रेलवे स्टेशन नया रायपुर-बलौदाबाजार-खरसिया रेल परियोजना के तहत कुल 23 नए रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे। जिनमें बलौदाबाजार, सकर्रा, कंचनपुर, जैजपुर, मल्दाकलान, बिर्रा, मिस्दा, शिवरीनारायण, तनौद,
रिसदा, नवा रायपुर, सरखी, पावरा सहित अन्य स्टेशन शामिल हैं। यह परियोजना बलौदाबाजार क्षेत्र के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।