जिला- सारंगढ़ बिलाईगढ़

डोलोमाइट खदानें बनी मौत का कुंआ, प्रशासन की अनदेखी से हो रही मौत? तहसील सरिया क्षेत्र के कटंगपाली क्षेत्र में सैकड़ों खदानें है संचालित,

डोलोमाइट खदानें बनी मौत का कुंआ, प्रशासन की अनदेखी से हो रही मौत? तहसील सरिया क्षेत्र के कटंगपाली क्षेत्र में सैकड़ों खदानें है संचालित,

डोलोमाइट खदानें बनी मौत का कुंआ, प्रशासन की अनदेखी से हो रही मौत?
तहसील सरिया क्षेत्र के कटंगपाली क्षेत्र में सैकड़ों खदानें है संचालित,

सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/साल्हेओना,
कटंगपाली क्षेत्र में संचालित वैध-अवैध डोलोमाइट खदानें अब जानलेवा साबित हो रही हैं। इन खदानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक उदासीनता के चलते पालतू जानवरों की मौत हो रही है, वहीं स्थानीय ग्रामीण भी हमेशा जान जोखिम में डालकर यहां से गुजरने को मजबूर हैं। राजस्व और खनिज विभाग की चुप्पी ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर कब तक इस लापरवाही को नजरअंदाज किया जाएगा?

कटंगपाली क्षेत्र में कई क्रशर संचालकों द्वारा डोलोमाइट खदानों का संचालन किया जा रहा है, लेकिन इन खदानों में सुरक्षा घेरा के लिए तार फेसिंग तक नहीं की गई है। खुले खदानों की वजह से वहां से गुजरने वाले जानवर अक्सर गड्ढों में गिर जाते हैं और उनकी मौत हो जाती है। प्रशासन की लापरवाही का यह आलम है कि इन खदानों के आसपास कोई चेतावनी संकेत बोर्ड भी नहीं लगाए गए हैं,
जिससे आमजन को यह पता चल सके कि आगे खतरनाक खदानें हैं। खदानों में तार फेसिंग न होने के कारण कई पालतू जानवर जैसे गाय, बैल, बकरी आदि गहरे गड्ढों में गिरकर काल के गाल में समा चुके हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय कई बार उनके मवेशी खदानों में गिर गए, लेकिन प्रशासन ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। इस अनदेखी से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

जनहानि की बनी हुई आशंका

स्थानीय लोगों का कहना है कि इन खतरनाक खदानों की वजह से कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह इलाका खासा खतरनाक बन चुका है। बारिश के दिनों में ये खदानें और भी जानलेवा हो जाती हैं, क्योंकि पानी भर जाने से यह अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है कि कहां पर गहरा गड्ढा है। राजस्व और खनिज विभाग की चुप्पी सवालों के घेरे में स्थानीय निवासियों द्वारा बार-बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन चुप्पी साधे बैठा है। राजस्व और खनिज विभाग को इन खदानों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए थी, लेकिन अभी तक किसी भी खदान संचालक के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। यह स्थिति साफ दर्शाती है कि या तो विभाग की अनदेखी है या फिर किसी बड़े सांठगांठ की बू आ रही है। मामले में खनिज अधिकारी को मैसेज
किया गया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। खदानों की सुरक्षा हो सुनिश्चित

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि खदान संचालकों को तुरंत सुरक्षा घेरा बनाने के निर्देश दिए जाएं। खदानों के चारों ओर तार फेसिंग की जाए और चेतावनी संकेत बोर्ड लगाए जाएं। इसके अलावा, अगर कोई खदान संचालको नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

तो आंदोलन करेंगे ग्रामीण

स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने जल्द ही इन खदानों की सुरक्षा के लिए कदम नहीं उठाए तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक इन खदानों को सुरक्षित नहीं किया जाता, तब तक वे खनन कार्य को बंद करने के लिए मजबूर होंगे।

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