
नगर पंचायत सरिया में सूचना के अधिकार का हाल जानकारी मांगो पूरी, हम देंगे अधूरी
तुम मांगोगे शेर,हम देंगे बकरी
सरिया — नगर पंचायत सरिया के विगत 5 साल का गोल्ड़न कार्यकाल रहा है , इस गोल्डन कार्यकाल में राशन घोटाला, बोर घोटाला, पाइप लाइन घोटाला, स्ट्रीट लाइट घोटाला, जिम घोटाला,रिकार्ड कमीशन खोरी, गोठान घोटाला, गुणवत्ता हीन विकास कार्य,अवैध अतिक्रमण पर चुप्पी,शासकीय संपत्ति की.बंदर बांट के नाम रहा, ज़ब सुचना के अधिकार के तहत आरटीआई कार्यकर्ताओं ने जानकारी निकलकर नगर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को आम जनता के बीच नंगा करना शुरू किया तो जनप्रतिनिधियों और नगर प्रशासन ने परेशान होकर सूचना के अधिकार के लिए नया पेंतरे पर जोशो खरोश के साथ अमल करना शुरू कर दिया है!
जानकारी मांगी जाती है पुरी तो देते है अधूरी!
आरटीआई कार्यकर्ता जयप्रकाश सोनी ने सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 6 के तहत,पार्षद मद एवं अध्यक्ष मद से विगत 5 सालों के दौरान कराए गए कार्यों के बारे में संपूर्ण जानकारी मांगी थी! विगत 5 सालों में अध्यक्ष मद के लिए 50 लाख एवं पार्षद मद के प्रति पार्षद 12 लाख रूपये,शासन द्वारा नगर पंचायत सरिया को प्राप्त हुए थे! प्राप्त जानकारी के अनुसार,मिले रकम में से शासन को एक भी रुपया कालातीत होकर वापस नहीं गया है! आर टी आई के तहत,नगर पंचायत सरिया के द्वारा प्रदान की गई 15 आवेदन के लिए दी गई जानकारी में एक भी आवेदन की सम्पूर्ण जानकारी नहीं है, आधी अधूरी जानकारी प्रदान की गई है, माँगा गया शेर तो बकरी मिली है! 5 साल की जानकारी के बदले,2 साल की जानकारी प्रदान की गई है और जानकारी को पूर्ण बताया जा रहा है! आवेदक ने इस सम्बन्ध में राज्य सुचना आयोग को अपनी शिकायत प्रेषित की है!
नगर पंचायत ये तरीका आर टी आई कार्यकर्त्ता के समय और पैसा बर्बाद के लिए अपनाया जा रहा है, जिससे परेशान होकर कोई भी आर टी आई कार्यकर्ता सुचना के अधिकार के आवेदन न दे सके, एक बार की प्रक्रिया में 3 माह से ज्यादा का समय और एक आवेदन के लिए लगभग 150 रूपये खर्च राज्य सुचना आयोग तक के लिए लगता है, सरिया नगर पंचायत प्रशासन इस बात का फायदा बखूबी उठा रहा है!