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सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला : बरमकेला ब्लाक में 8 लाख मिट्रिक टन फ्लाईएश की़ डंपिंग?

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला : बरमकेला ब्लाक में 8 लाख मिट्रिक टन फ्लाईएश की़ डंपिंग?

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला : बरमकेला ब्लाक में 8 लाख मिट्रिक टन फ्लाईएश की़ डंपिंग?
2 वर्ष में ही अडानी पावर, डीबी पावर, जेएसडब्लू का फ्लाईएश बरमकेला ब्लाक में डंप?
रायगढ़ और सक्ती जिला का फ्लाईएश का भराव सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में?
प्रदूषित फ्लाईएश बना कमाई का जरिया?
एनओसी के बहाने लाखो रूपये का वारा-न्यारा?
संड़ा, झनकपुर, लेन्ध्रा, जोतपुर, कटंगपाली अ बना फ्लाईएश डपिंग जोन?
भाग-1

सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
रायगढ़ जिले और सक्ती जिले के पावर प्लांटो के द्वारा थर्मल पावर प्लांट में बिजली बनाने के लिए कोयले को 1200°C से 1400°C तक उच्च तापमान पर जलाने से बचने वाली हल्की राख यानि फ्लाईएश को
निपटान के लिये सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला को डस्टबिन के रूप में उपयोग किया जा रहा है। नये जिले के  बरमकेला ब्लाक में ही 2 वर्ष में 8 लाख मिट्रिक टन फ्लाईएश विभिन्न ग्रामो में डंप किया गया है। खास
बात यह है कि अवैध पत्थर खदानो को लो-लेयर एरिया यानि छोटा गड्‌ढ़ा बताकर यहा पर फ्लाईएश डंप करने की अनुमति क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण अधिकारी रायगढ़ के द्वारा प्रदान किया गया है जबकि यह जगह अवैध पत्थर खदान था। सरकारी भूमि और अन्य भूमि पर अवैध पत्थर खदानो पर फ्लाईएश डंप करके  अवैध उत्खनन का मामला को भी रफा-दफा कर दिया गया और फ्लाईएश निपटान के नाम पर मोटा चढ़ावा भी प्राप्त कर लिया गया। पूरे मामलें मे ट्रांसपोर्टर माफिया सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला को फ्लाईएश का डंपिंग जिला बनाने पर तुले हुए है। दरअसल सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में सरकारी भूमि और निजी भूमि पर अवैध रूप से पत्थर का उत्खनन का बड़ा वर्षो से चलते आ रहा है। बिना रायल्टी और बिना लीज के करोड़ो रूपये के पत्थर का
काला कारोबार धड़ल्ले से यहा पर संचालित हो रहा था। नया जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ बनने के बाद प्रशासन की नजर इस काले कारोबार पर पड़ी औरअवैध पत्थर खदानो पर कार्यवाही शुरू हो गई। लेकिन
वर्षो से सरकारी भूमि को खोदकर करोड़ो रूयपे का पत्थर निकालने वाले खदानो को आखिर प्रशासन के कार्यवाही से कैसे छुपाया जाय? इस सवाल का जवाब फ्लाईएश का डंप के रूप मे सामने आया। जिसमे
अवैध पत्थर खदान भी छुप गया और करोड़ो रूपये का ईनाम भी फ्लाईएश के नाम पर मिल गया। बताया जा रहा है बकायदा फ्लाईएश सिडिंकेट इस काम मे माफियागिरी मे लग गया और पंचायत से एनओसी से लेकर राजस्व विभाग से एनओसी को उचित दर पर प्राप्त करने के बाद यहा पर बड़े स्तर पर फ्लाईएश का  डपिंग का खेल बड़े लेबल पर खेला गया। बताया जा रहा है कि फ्लाईएश का डंपिंग की मात्रा केवल बरमकेला ब्लाक में ही 8 लाख मिट्रिक टन को पार कर गई है। बरमकेला ब्लाक के संड़ा, झनकपुर, कटंगपाली, जोतपुर, लेन्ध्रा आदि स्थानो पर बड़े स्तर पर फ्लाईएश का डपिंग का काम 2 साल में खूब चला है। खास बात यह है कि फ़्लाईएश के इस बड़े स्तर में खेल में लो-लेयर गड्‌ढ़ा मे फ्लाईएश पाटने की अनुमति की बात कही गई है जबकि पूरा फ्लाईएश अवैध पत्थरखदानो मे डाला गया है। रायगढ़ जिला के अड़ानी पावर, जेएसडब्लू और सक्ती के डीबी पावर कंपनी से निकला हुआ अपशिष्ट पदार्थ फ्लाईएश को  बरमकेला ब्लाक में 8 लाख मिट्रिक टन पाटा गया है अर्थात सामान्य तौर पर देखा जाये तो 30 हजार
हाईवा फ्लाईएश को बरमकेला ब्लाक में गत 2 वर्षो के दौरान ही पाटा गया है। इस कार्य के होने से

माफिया वर्ग खुश है तथा मोटा माल कमाने मे व्यस्त है किन्तु बरमकेला ब्लाक में पानी प्रदूषित हो रहा है  और जलीय वातावरण भी दूषित हो रहा है।  फ्लाईएश के कारण से क्षेत्र पर पड़ने वाले़ प्रभाव  फ्लाईएश के सूक्ष्म कण हवा में उड़कर सांस के जरिए फेफड़ों में जमा हो जाते हैं, जिससे अस्थमा,  ब्रोंकाइटिस और सिलिकोसिस जैसी बीमारियां होती हैं। इसमें आर्सेनिक, लीड, मर्करी और कैडमियम जैसी विषैली भारी धातुएं होती हैं, जिनसे कैंसर, हृदय रोग और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। वही बारिश या पानी के संपर्क में आने पर फ्लाई ऐश से भारी धातुएं रिसकर भूजल (groundwater) और नजदीकी  स्रोतों में मिल जाती हैं, जिससे पानी जहरीला हो जाता है। वही डंपिग किया गया स्थान से फ्लाईएश उड़कर खेतों और फसलों पर जमा हो जाती है जिससे पौधों की प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया प्रभावित होती है और पैदावार घटती है। इसी प्रकार से थर्मल पावर प्लांटों से निकलने वाली या ट्रकों से ढोई जाने वाली राख हवा में फैलकर धुंध बनाती है। जिससे साफ प्रतीत हो रहा है कि पावर प्लांटो से उत्सर्जित हो रही फ्लाईएश कही से भी क्षेत्र के लिये लाभकारी नही है।

संड़ा, झनकपुर, लेन्ध्रा, जोतपुर, कटंगपाली अ बना फ्लाईएश डपिंग जोन?

इस संबंध में क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण मंडल कार्यालय रायगढ़ से मिली जानकारी के अनुसार बरमकेला ब्लाक के कई गांवो मे फ्लाईएश डंपिंग करने की अनुमति गत 2 वर्षो में प्रदान किया गया है। जिसके
अनुसार से फ्लाईएश का डपिंग का कार्य संपन्न किया गया है। अभी तक 8 लाख मिट्रिक टन फ्लाईएश का भराव बरमकेला ब्लाक के कई गांवो में किया गया है। जिसकी सूची निम्न है। क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण मंडल
कार्यालय रायगढ़ के द्वारा जानकारी दिया गया है कि कुल 15 आदेश में बरमकेला ब्लाक में 8.01 लाख  मिट्रिक टन फ्लाईएश डंपिग करने की अनुमति प्रदान किया गया है।

1. संड़ा में 16 हजार मिट्रिक टन, डी.बी.पावर कंपनी अनुमति आदेश दिनांक 6-4-25
2. झनकपुर में 25 हजार मिट्रिक टन, डी.बी.पावर कंपनी, अनुमति आदेश दिनांक 22-12-
25।
3. जोतपुर बोंदा मे 1 लाख मिट्रिक टन, अड़ानी पावर, अनुमति आदेश दिनांक 2-12-25।
4. कटंगपाली अ में 1 लाख मिट्रिक टन, अड़ानी पावर कंपनी, अनुमति आदेश दिनांक 30-03-
2025।
5. जोतपुर में 50 हजार मिट्रिक टन, अड़ानी पावर कंपनी, अनुमति आदेश दिनांक 06-09-
2025।
6. जोतपुर में 50 हजार मिट्रिक टन, अड़ानी पावर कंपनी, अनुमति आदेश दिनांक 26-09-
2025।
7. जोतपुर में 50 हजार मिट्रिक टन, अड़ानी पावर कंपनी, अनुमति आदेश दिनांक 26-09-
2025।
8. कटंगपाली अ में 20 हजार मिट्रिक टन, अड़ानी पावर कंपनी, अनुमति आदेश दिनांक 23-09-
2025।

9. कटंगपाली अ में 30 हजार मिट्रिक टन, अड़ानी पावर कंपनी, अनुमति आदेश दिनांक 09-09-
2025।
10. कटंगपाली अ में 25 हजार मिट्रिक टन, अड़ानी पावर कंपनी, अनुमति आदेश दिनांक
09-09-2025।
11. कटंगपाली अ में 1 लाख मिट्रिक टन, जेएसडब्लू नहरपाली, अनुमति आदेश दिनांक
03-04-2025।
12. कटंगपाली अ में 1 लाख मिट्रिक टन, जेएसडब्लू नहरपाली, अनुमति आदेश दिनांक
29-01-2024।
13. कटंगपाली अ में 1 लाख मिट्रिक टन, अड़ानी पावर कंपनी, अनुमति आदेश दिनांक 09-
09-2024।
14. कटंगपाली अ में 25 हजार मिट्रिक टन, अड़ानी पावर कंपनी, अनुमति आदेश दिनांक
09-09-2025।
15. लेन्ध्रा में 10 हजार मिट्रिक टन, अड़ानी पावर कंपनी, अनुमति आदेश दिनांक 16-
12-24।

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