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रेल मंत्री का रायपुर दौरा… क्या सारंगढ़ की रेल लाइन का मुद्दा उठाएंगे भाजपा नेता?

रेल मंत्री का रायपुर दौरा... क्या सारंगढ़ की रेल लाइन का मुद्दा उठाएंगे भाजपा नेता?

रेल मंत्री का रायपुर दौरा… क्या सारंगढ़ की रेल लाइन का मुद्दा उठाएंगे भाजपा नेता?

रायपुर में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के दौरे की तैयारियां तेज, रेलवे प्रशासन जुटा व्यवस्था में | वर्षों पुरानी रेल मांग को लेकर सारंगढ़वासियों की उम्मीदें फिर जागीं

रायपुर। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के रायपुर दौरे को लेकर रेलवे प्रशासन तैयारियों में जुटा हुआ है। 12 अक्टूबर को प्रस्तावित दौरे को लेकर रेलवे स्टेशन से लेकर आयोजन स्थल तक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने का काम तेज हो गया है। वहीं इसी बीच सारंगढ़ अंचल में वर्षों से लंबित रायपुर-सारंगढ़-झारसुगुड़ा रेल लाइन का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

रेल मंत्री के रायपुर आगमन के दौरान क्या सारंगढ़ की बहुप्रतीक्षित रेल लाइन का मुद्दा उनके सामने रखा जाएगा? क्या स्थानीय भाजपा नेता और जनप्रतिनिधि रेल मंत्री से मुलाकात कर इस परियोजना को लेकर ठोस पहल की मांग करेंगे? ये सवाल अब सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के लोगों के बीच उठने लगे हैं।

क्या इस बार रेल मंत्री तक पहुंचेगी सारंगढ़ की आवाज?

रायपुर-सारंगढ़-झारसुगुड़ा रेल लाइन का प्रस्ताव नया नहीं है। सरकारी रिकॉर्ड में यह परियोजना 2013-14 के रेल बजट में शामिल किए जाने का उल्लेख मिलता है। बाद के सरकारी दस्तावेजों में भी रायपुर से झारसुगुड़ा तक सारंगढ़ होते हुए रेल कनेक्टिविटी का प्रस्ताव दर्ज रहा है। एक सरकारी दस्तावेज में इस कॉरिडोर की लंबाई करीब 310 किलोमीटर बताई गई है।

हालांकि, परियोजना को आगे बढ़ाने में भूमि और लागत साझेदारी से जुड़े मुद्दे सामने आने की बात केंद्र सरकार ने लोकसभा में कही है।

ऐसे में अब सवाल यह है कि क्या राजनीतिक और जनप्रतिनिधि स्तर पर इस मुद्दे को फिर मजबूती से उठाया जाएगा?

दो लोकसभा क्षेत्रों में बंटा जिला, दोनों सांसद भाजपा के

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला दो लोकसभा क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है। सारंगढ़ विधानसभा क्षेत्र रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र में आता है, जिसके सांसद राधेश्याम राठिया हैं, जबकि बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र जांजगीर-चांपा लोकसभा क्षेत्र में आता है, जिसकी सांसद कमलेश जांगड़े हैं। दोनों ही भारतीय जनता पार्टी से हैं।

ऐसे में जब केंद्र में भी भाजपा की सरकार है और छत्तीसगढ़ में भी भाजपा की सरकार है, तो सारंगढ़ की जनता के बीच यह सवाल स्वाभाविक रूप से उठ रहा है कि क्या इस अनुकूल राजनीतिक परिस्थितियों का इस्तेमाल वर्षों पुरानी रेल मांग को आगे बढ़ाने के लिए किया जाएगा?

सारंगढ़ के लिए सिर्फ रेल लाइन नहीं, उम्मीद और आस्था का सवाल

सारंगढ़ अंचल लंबे समय से रेल कनेक्टिविटी की मांग करता रहा है। यहां के लोगों के लिए यह केवल आवागमन की सुविधा का विषय नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास, व्यापार, शिक्षा, रोजगार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी उम्मीद का मुद्दा बन चुका है।

सारंगढ़ क्षेत्र की सामाजिक संरचना और बड़ी आबादी के लिए बेहतर परिवहन सुविधा का महत्व और भी बढ़ जाता है। रेल लाइन आने से क्षेत्र को रायपुर और झारसुगुड़ा जैसे प्रमुख रेल नेटवर्क से जोड़ने की संभावनाएं बन सकती हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल—क्या उठेगी आवाज?

रेल मंत्री रायपुर में होंगे, रेलवे प्रशासन तैयारियों में व्यस्त है, अधिकारी व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं और रेलवे से जुड़े कार्यक्रमों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

लेकिन सारंगढ़ की जनता के सामने सवाल अब भी वही है—

क्या इस दौरे के दौरान सारंगढ़ की वर्षों पुरानी रेल लाइन का मुद्दा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव तक पहुंचेगा?

क्या रायगढ़ और जांजगीर-चांपा के भाजपा सांसद इस मुद्दे को मजबूती से उठाएंगे?

क्या जिले के भाजपा नेता रेल मंत्री से मिलकर सारंगढ़ को रेल नेटवर्क से जोड़ने की मांग रखेंगे?

और सबसे अहम—

क्या वर्षों से चली आ रही सारंगढ़ की रेल लाइन की उम्मीद अब किसी ठोस पहल में बदल पाएगी, या एक बार फिर यह मांग फाइलों और आश्वासनों तक ही सीमित रह जाएगी?

सारंगढ़ के लोगों की निगाहें अब रेल मंत्री के रायपुर दौरे पर टिकी हैं। सरकारी रिकॉर्ड में परियोजना का इतिहास मौजूद है, लेकिन अब लोगों को इंतजार है उस पहल का, जो इस पुराने प्रस्ताव को जमीन पर लाने की दिशा में आगे बढ़ाए।

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