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सारंगढ़ भाजपा में लगातार मच रहा है बवाल : अब शहर मंडल अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा!

सारंगढ़ भाजपा में लगातार मच रहा है बवाल : अब शहर मंडल अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा!

सारंगढ़ भाजपा में लगातार मच रहा है बवाल : अब शहर मंडल अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा!
कार्यकर्ताओ और पदाधिकारियो को सम्हालने में जिलाध्यक्ष ज्योति पटेल लाचार दिख रहे?
शहर मंडल अध्यक्ष ने जिलाध्यक्ष ज्योति पटेल को सुनाया खूब खरी-खोटी,
सारंगढ़ भाजपा की लगातार हो रही है किरकिरी?
कार्यकर्ताओ की भावनाओ का सम्मान नही होने का आरोप,
सारंगढ़-बरमकेला के़ बीडीसी उपेक्षा की अलग स्टोरी जारी?
पूर्व मंडल अध्यक्ष की हुंकार से प्रभारी मंत्री का कार्यक्रम बदला?

सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
सारंगढ़ भाजपा के दिन अभी बुरे चल रहे है। प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा के सारंगढ़ प्रवास के दौरान अच्छे से रिस्पांस नही मिलने की बात पर बिफरे शहर मंडल अध्यक्ष जयप्रकाश बानी से अपने पद से इस्तीफा देकर सभी को चौका दिया। वही दो दिन पूर्व जिला प्रशासन द्वारा तय कार्यक्रम कनकबीरा में पुलिस चौकी भवन का लोकापर्ण आयोजन को पूर्व मंडल अध्यक्ष रामकुमार थुरिया के द्वारा खुलेआम विरोध करने पर बदल दिया गया और वहा पर प्रभारी मंत्री  से शुभारंभ का आयोजन ही नही रखा गया। इससे पहले भाजपा नेता हरिनाथ खूंटे केबिनेट मंत्री दयालदास बघेल के सारंगढ़ प्रवास के समय मंत्री जी के सामने धरने पर बैठ गये थे। भाजपा नेताओ के बिफरते विद्रोही आवाज को सम्हालने में जिलाअध्यक्ष ज्योति पटेल नाकाम दिख रहे है।  तीन माह बाद जिला मुख्यालय सारंगढ़ शहर में नगर पालिका का चुनाव होना है और दिन-प्रतिदिन  भाजपा कार्यकर्ताओ और संगठन के पदाधिकारियो का प्रशासन के प्रति रवैया खुलकर विद्रोह के रूप में सामने आते
जा रहा है। भाजपा जिलाध्यक्ष ज्योतिलाल पटेल भाजपा कार्यकर्ताओ में पनप रहे असंतुष्टी को सम्हालने में लाचार  साबित हो रहे है। ऐसे मे सारंगढ़ नगर पालिका चुनाव भी हाथ से फिसलते दिख रहा है। कार्यकर्ताओ के सम्मान नही  होने तथा उनका कुछ भी काम नही होने के आरोप के साथ शहर मंडल अध्यक्ष जयप्रकाश बानी ने आज प्रभारी मंत्री  टंकराम वर्मा के सर्किट हाऊस में उपस्थिति के समय ही इस्तीफा सौप दिया। भाजपा जिलाध्यक्ष ज्योतिलाल पटेल को  सौपे गये इस्तीफा पत्र में शहर मंडल अध्यक्ष जयप्रकाश बानी ने आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओ की उपेक्षा हो रही है  और कार्यकर्ताओ का कोई काम नही हो रहा है। उन्होने साफ तौर पर आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओ की इस स्थिति  से उनको पीड़ा हो रही और और ऐसी स्थिति में वह भाजपा संगठन के सभी दायित्यो से मुक्त करने संबंधी पत्र  जिलाध्यक्ष ज्योतिलाल पटेल को प्रदान कर सारंगढ़ की राजनिति में उबाल ला दिये। बताया जा रहा है कि सर्किट  हाऊस में प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा के उपस्थिति में गणेश विर्सजन के दौरान स्थानीय कुछ पुलिसकर्मियो के द्वारा गणेश समितियो के युवाओ के साथ किया गया जानबूझकर दुर्व्यवहार तथा धूमाल वाहनो को किया गया फाईन तथा  राजापारा गणेश उत्सव समिति के धूमाल वाहन को सरसीवां थाना में जप्त करने की कार्यवाही आदि के मामले में  प्रभारी मंत्री के समक्ष शिकायत रखने के बाद भी कार्यकर्ताओ का आक्रोश शांत नही हुआ, दोषी पुलिस कर्मियो पर त्वरित कार्यवाही नही होने के कारण से वहा पर उपस्थित शहर के भाजपा कार्यकर्ताओ के आक्रोश और बढ़ गया
जिसके बाद शहर मंडल अध्यक्ष जयप्रकाश बानी ने भी इस तरह से उपेक्षा को बर्दाश्त करने को गलत मानते हुए  जिलाध्यक्ष ज्योतिलाल पटेल को अपना इस्तीफा सौप दिया। शहर मंडल अध्यक्ष के इस कदम से भौंचक रहे जिलाध्यक्ष ज्योति पटेल ने मौके पर यह नही बताया कि उनका इस्तीफा स्वीकार हुआ है या नही हुआ है।

भाजपा की लगातार हो रही है किरकिरी?

तीन माह बाद जिला मुख्यालय सारंगढ़ के शहर सरकार का चुनाव होने वाला है तथा भाजपा के लिये यह एक बड़ी  चुनौती के रूप में सामने आया है ऐसे समय में जहा कार्यकर्ताओ को एकजुट करके चुनावी विजय के लिये कार्यकर्ताओ को मनोबल को बढ़ाने का काम करने के स्थान पर कार्यकर्ताओ को उपेक्षा करने का आरोप प्रभारी मंत्री पर लग रहा  है। दूसरे शब्दो मे कहा जाये तो कार्यकर्ताओ और भाजपा संगठन के पदाधिकारियो को सम्हालने मे जिलाध्यक्ष  ज्योतिलाल पटेल असफल साबित हो रहे है जिसके कारण से सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला भाजपा की लगातार किरकिरी हो रही है। इससे पहले केबिनेट मंत्री दयालदास बघेल के सारंगढ़ सर्किट हाऊस आगमन पर भाजपा नेता हरिनाथ्  खूंटे सर्किट हाऊस में भाजपा कार्यकर्ताओ के सम्मान के साथ खिलवाड़ का आरोप लगाकर धरने पर बैठ गये थे। वही  अब शहर मंडल अध्यक्ष जयप्रकाश बानी ने उपेक्षा का आरोप लगाकर इस्तीफा दे दिया है। इन दो घटनाओ से साफ  दिख रहा है कि सारंगढ-बिलाईगढ़ जिला में भाजपा बिखरी हुई दिख रही है।

सारंगढ़-बरमकेला जनपद पंचायत के भाजपाई उपेक्षित?
सारंगढ़ जनपद पंचायत के भाजपाई बीडीसी और बरमकेला जनपद पंचायत के भाजपाई बीडीसी को 16वां वित्त आयोग मद के आबंटन में भी उपेक्षा का आरोप का मामला गत दिनो सामने आया है। बरमकेला जनपद पंचायत में तो  कांग्रेस के जनपद अध्यक्ष का भाजपा प्रवेश हो गया है वही सारंगढ़ जनपद पंचायत में भाजपा का बागी बीडीसी जनपद अध्यक्ष का पद सम्हाल रहा है। प्रदेश में सरकार होने के बाद भी सारंगढ़ और बरमकेला के जनपद पंचायतो मे यह शिकायत सामने आ रही है कि भाजपाई बीडीसी को उपेक्षित रखा जा रहा है और कांग्रेस समर्थित बीडीसी के विकास कार्य संबंधी प्रस्तावो को हरी झंडी दिया जा रहा है। दोनो मामले मे शिकायत वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी और  कलेक्टर के सामने पहुंच गई है। इन मामलो को भी भाजपा जिलाध्यक्ष ज्योतिलाल पटेल सम्हाल नही पा रहे है। जिससे भाजपा की यहा पर भी किरकिरी हो रही है। 

 

पूर्व मंडल अध्यक्ष की हुंकार से प्रभारी मंत्री का कार्यक्रम बदला?
वही दूसरी ओर सालर-मल्दा ब के पूर्व मंडल अध्यक्ष रामकुमार थुरिया के सोशल मिडिया पर किये गये एक पोस्ट से प्रभारी मंत्री का कार्यक्रम को ही बदलना पड़ गया। जिला प्रशासन के द्वारा प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा के आज सारंगढ़ प्रवास को लेकर 2 अक्टूबर को प्रोटोकाल प्रस्तावित करके भेजा था। जिसमे कनकबीरा में नवनिर्मित पुलिस चौकी का  शुभारंभ का जिक्र था। जिसको अपने सोशल मिडिया मे पोस्ट करते हुए पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष रामकुमार थुरिया ने लिखा था कि .. मार दिया जाये या छोड़ दिया जाये..बोल तेरे साथ क्यो सलूक किया जाये…। उनके इस पोस्ट से  जिला प्रशासन में खलबली मच गई और आनन-फानन मे प्रभारी मंत्री के कार्यक्रम से कनकबीरा मे पुलिस चौकी का नया भवन का लोकापर्ण का कार्यक्रम को ही हटा दिया गया। भाजपा कार्यकर्ता रामकुमार थुरिया के इस बगावती सुर
को भी सम्हालने में जिला भाजपा नामाक दिखा जिसका असर भाजपा कार्यकर्ताओ के बीच हो रही काना-फूंसी में भी  साफ तौर पर दिख रहा है। बीती रात को जारी प्रोटोकाल में कनकबीरा में पुलिस चौकी का शुभारंभ का आयोजन निरस्त हो गया।

जिलाध्यक्ष ज्योति पटेल की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल ?
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बीच भाजपा जिलाध्यक्ष ज्योति पटेल की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। पार्टी के भीतर यह चर्चा है कि कार्यकर्ताओं और नेताओं की नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है और  संगठन के स्तर पर इसे समय रहते संभालने की जरूरत है। एक तरफ पार्टी द्वारा सेवा संकल्प अभियान का पूरा महीना चलाया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ महज तीन माह के भीतर नगर पालिका जैसे महत्वपूर्ण चुनाव होने हैं। ऐसे समय में मंडल अध्यक्ष द्वारा उठाया गया यह कदम पार्टी के लिए चिंता का विषय बन सकता है। इसके पूर्व भी  अपने ही सरकार में नगर पालिका कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन करने की जिद को लेकर काफी वाद-विवाद हो चुका है। उक्त मामले में नगर पालिका भवन के सामने टेंट भी लगा दिया गया था। इसके बाद वरिष्ठ नेताओं द्वारा  काफी मुश्किल से मान-मनौव्वल कर मामले का पटाक्षेप कराया गया था। जिस प्रकार से लगातार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, ऐसे में आगामी चुनाव को लेकर पार्टी की स्थिति पर सवाल उठना स्वाभाविक है। कार्यकर्ताओं के
काम नहीं होने की बात को लेकर इस्तीफा दिए जाने की चर्चा है, लेकिन सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर संगठन के भीतर कार्यकर्ताओं की समस्याओं का समाधान क्यों नहीं हो पा रहा है। जनपद चुनावों में भी जिला  अध्यक्ष और उनके समर्थकों की स्थिति को लेकर सवाल उठे थे। सरकार होने के बाद भी कांग्रेस से जनपद में अपना  अध्यक्ष बन जाने की बात को संगठन के लिए बड़ा झटका माना गया था। इस चुनाव के बाद भी संगठन की रणनीति  और जमीनी पकड़ को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आई थीं। कुल मिलाकर कर्मठ कार्यकर्ताओं को किनारे करने के आरोपों के बीच अब स्थिति यह बताई जा रही है कि जिलाध्यक्ष द्वारा खुद नियुक्त किए गए मंडल अध्यक्ष और  पदाधिकारी ही उनकी बात नहीं सुन रहे हैं।

बड़े पदों के तमगे, लेकिन मुद्दों पर प्रेस विज्ञप्ति तक नहीं?

जिलाध्यक्ष के खास सिपहसालार बड़े शान के साथ मंचों पर बड़े-बड़े पदों का तमगा लगाकर मंच की शोभा बढ़ा रहे हैं, लेकिन किन्हीं मुद्दों पर एक प्रेस विज्ञप्ति तक जारी नहीं हो रही है। गौर करने योग्य बात यह है कि नगर पालिका  चुनाव के संबंध में चुनाव प्रभारी रजनीश सिंह द्वारा बैठक के दौरान स्पष्ट तौर पर नगर में अवरुद्ध हो चुके विकास कार्यों को लेकर विधायक और नगर पालिका अध्यक्ष को प्रेस के माध्यम से घेरने हेतु निर्देशित किया गया था। लेकिन आज एक माह बीत जाने के बाद भी पार्टी के अधिकृत बड़े पदाधिकारियों द्वारा एक प्रेस विज्ञप्ति भी जारी नहीं की गई है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर पार्टी के चुनाव प्रभारी के निर्देश के बाद भी स्थानीय स्तर पर उस दिशा में सक्रियता क्यों नहीं दिखाई दे रही है।  कुल मिलाकर आगामी नगर पालिका चुनाव को लेकर भले ही आलाकमान बहुत ज्यादा गंभीर हो, लेकिन  जिला स्तर पर अलग ही खेल चलने की चर्चाएं हैं। एक तरफ चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, दूसरी तरफ संगठन के भीतर ही पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की नाराजगी सामने आ रही है। ऐसे में मंडल अध्यक्ष जय प्रकाश बानी द्वारा सौंपे गए इस्तीफे को पार्टी किस रूप में लेती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। क्या भाजपा जिला
नेतृत्व उनका इस्तीफा स्वीकार करेगा या फिर हर बार की तरह वरिष्ठ नेताओं द्वारा मान-मनौव्वल कर मामले का  पटाक्षेप कर दिया जाएगा। फिलहाल जय प्रकाश बानी के इस्तीफे ने जिला भाजपा के भीतर चल रही उठापटक को  एक बार फिर सामने ला दिया है। आने वाले दिनों में पार्टी इस मामले को किस तरह संभालती है और आगामी नगर   पालिका चुनाव को लेकर क्या कदम उठाती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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