
नगर पालिका चुनाव : कांग्रेस के कई नेताओ का हो सकता है जल्द भाजपा प्रवेश?
आरक्षण के समीकरण से सकते में आई़ भाजपा, अब कांग्रेस नेताओ के भरोसे?

भाजपा प्रवेश कराकर पार्षद का टिकट देने की तैयारी में चुनावी रणनितिकार,
जल्द हो सकता है बड़े स्तर भाजपा प्रवेश का आयोजन,
सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
सारंगढ़ –बिलाईगढ़ जिला भाजपा का बरमकेला नगर पंचायत चुनाव, सारंगढ़ और बरमकेला जनपद पंचायत चुनाव मे करारी शिकस्त खाने के बाद आसन्न नगर पालिका चुनाव को लेकर गंभीर नजर आ रही है और फूंक-फूंक कर कदम रखने का प्रयास करे रही है। नगर पालिका के 15 वार्डो में हुए आरक्षण की प्रक्रिया के बाद हैरान भाजपा नेताओ का ध्यान कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओ का भाजपा मे प्रवेश कराने की ओर हो गया है। चुनावी वैतरणी को पार कराने मे सहायक दिख रहे कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओ को साधने में भाजपा के रणनितिकार लग गये है और जल्द ही कांग्रेस को बड़ा झटका देने की तैयारी चल रही है। सूत्रो की माने तो भाजपा से वार्ड पार्षद का टिकट के शर्त पर बड़े स्तर पर भाजपा प्रवेश की तैयारी हो चुकी है। इस संबंध में सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार सारंगढ़ नगर पालिका चुनाव में अध्यक्ष सहित सभी वार्डो में जीत का एक सूत्रीय लक्ष्य प्रदेश संगठन से मिलने के बाद भाजपा नेताओ को सांप सूंघ गया है। आरक्षण की ताजा स्थिति से लगभग तय दिख रहा है कि सारंगढ़ नगर पालिका में जीत भाजपा के लिये बड़ी चुनौती हो गई है। ऐसी स्थिति में भाजपा की नजर नगर पालिका के असंतुष्ट कांग्रेस नेताओ पर लगी हुई है। सूत्रो की माने तो भाजपा के कुछ नेताओ की चर्चा कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओ के साथ चल रही है और जल्द ही भाजपा प्रवेश की योजना को अंतिम रूप दिया जाना है।
इस मामलें में भाजपा के प्रदेश संगठन को भी विश्वास मे लिये जाने के लिये पहल करने की प्रक्रिया चल रही है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के कुछ दिग्गज भाजपा प्रवेश करने के लिये ईच्छुक दिखाई दे रहे है किन्तु उनका शर्त आसन्न नगर पालिका चुनाव में भाजपा के द्वारा वार्ड पार्षद के लिये दिया जाने वाला टिकट है। यही एक मात्र शर्त होने के कारण से अभी मामला अटका पड़ा हुआ है। भाजपा के कुछ नेताओ ने कांग्रेस नेताओ को भाजपा प्रवेश के लिये राजी कर लिया है किन्तु नगर पालिका चुनाव में टिकट के सवाल पर अभी पक्का वादा नही कर पाये है जिसके कारण से भाजपा प्रवेश में आज-कल के कारण से विलंब हो रहा है। बताया जा रहा है कि कुछ वार्डो में भाजपा की स्थिति मजबूत बताई जा रही है किन्तु कई वार्ड ऐसे है जहा पर भाजपा को कड़ा मुकाबला का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे मे कांग्रेस के संभावित पार्षद पद के उम्मीदवारो पर भाजपा के रणनितिकार डोरे डाल रहे है और टिकट के शर्त पर उनको भाजपा प्रवेश कराने की जुगत में लग गये है।
सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओ का भाजपा प्रवेश होने से दो लाभ साफ तौर पर दिख रहा है पहला कांग्रेस के पास योग्य उम्मीदवार का टोटा होना और चुनावी मैदान पर भाजपा के पक्ष मे माहौल बनना। इन दोनो लाभ को सामने मे दृष्टिगत रखकर कुछ कांग्रेस नेताओ का भाजपा मे प्रवेश हो सकता है। सूत्रो की माने तो सप्ताह भर के भीतर कांग्रेस के कुछ बड़े चेहरो को भाजपा में प्रवेश कराकर कांग्रेस को हताश कर चुनावी बढ़त लेने की रणनिति पर अभी गंभीरता से मंथन हो रहा है। …फिर किनारे कर दिये जायेगें भाजपाई दावेदार? बताया जा रहा है कि वार्डो के आरक्षण होने के बाद कुछ वार्डो में भाजपा के कार्यकर्ता अपनी चुनावी
तैयारी को प्रारंभ करने वाले थे किन्तु अब उनको डर है किउनके वार्ड में कांग्रेस के दिग्गजो का भाजपा प्रवेश से उनके मंसूबे पूरे नही हो पायेगे और वार्ड पार्षद का टिकट कांग्रेस से आये पैराशूट उम्मीवारो को प्रदान कर दिया जायेगा। सारंगढ़ नगर पालिका चुनाव में हर वार्ड में भाजपा कार्यकर्ता अपने लिये टिकट की मांग करने वाले है
किन्तु ऐन चुनाव के वक्त कांग्रेस के नेताओ का भाजपा में प्रवेश होने और उनको टिकट दिये जाने से भाजपा के जमीनी कार्यकर्ताओ में रोष दिखना शुरू हो रहा है। बड़े चेहरो के भाजपा के प्रवेश के चर्चा और सुगबुगाहट के बीच जमीनी कार्यकर्ताओ मे इस बात का आक्रोश साफ तौर पर दिख रहा है कि आखिर कब तक उनको उपेक्षित रखा जायेगा? कांग्रेस के नेताओ को भाजपा में प्रवेश करने और चुनावी समय में वार्ड पार्षद का टिकट दिये जाने के शर्तो को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओ में ही गहरा आक्रोश नजर आ रहा है। ऐसे में भाजपा के रणनितिकारो को फिर से नये सिरे से इस मामले मे सोचने को मजबूर कर दिया है जिसके कारण से एक-दो दिन मे होने वाला भाजपा प्रवेश अभी कुछ दिनो के लिये टल गया है। बहरहाल अभी देखना यह है कि कितने नेताओ को कांग्रेस से भाजपा में प्रवेश हो सकता है
और प्रवेश करने वाले भाजपा के पक्ष मे प्रभावी माहौल बना पायेगें? या नही। यदि भाजपा के रणनितिकारो का प्रयास सफल हो गया तो चुनावी मैच से पहले की कांग्रेस के लिये यह बड़ा झटका हो सकता है।



