
सारंगढ़-बिलाईगढ़़ जिले में सीएम हेल्पलाईन 1076 पर किया जा रहा शिकायत हो रहा बेअसर साबित?
कई प्रकरण में जिला स्तर के अधिकारी के पहल नही करने से उच्च कार्यालय शिकायत ट्रांसर्फर?
20 दिने बाद भी सीएम हेल्पलाईन की शिकायतों पर कोई कार्यवाही नही?
महिला और बाल विकास विभाग की शिकायत पर नही हुई कार्यवाही?
शिकायतकर्ताओ से संपर्क तक नही कर रहे है जांच अधिकारी,
सारंगढ़ में सीएम हेल्पलाईन 1076 को अधिकारियो ने बनाया निरंकुश?
सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
छत्तीसगढ़ प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के द्वारा आम आदमी की समस्याओ और शिकायतो के लिये
जोर-शोर से शुरू किया गया सीएम हेल्पलाईन 1076 सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले मे बेअसर नजर आ रहा है। विभिन्न
शिकायतो के लिये सीएम हेल्पलाईन से नियुक्ति किया गया जांच अधिकारी सिर्फ औपचारिकता पूर्ण कर रहे है।
महिला और बाल विकास विभाग के शिकायतो का निराकरण नही कर शिकायतकर्ता से संपर्क तक नही करने के बाद
शिकायत उच्च जांच अधिकारी कलेक्टर सारंगढ़ को स्थानान्तरित कर दिया गया है जिससे साफ नजर आ रहा है कि
यहा पर सीएम हेल्पलाईन 1076 बेअसर दिख रहा है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले मे सीएम हेल्पलाईन 1076 की शिकायतो
को लेकर केवल औपचारिकता पूर्ण करने की जवाबदारी निभाई जा रही है। शिकायत दर्ज होते ही जांच अधिकारी को
तत्काल शिकायत स्थानान्तिर करके जांच हेतु निर्देश दिया जा रहा है किन्तु कई ऐसे मामले है जिसमे जिला स्तर के
अधिकारी रूचि नही ले रहे है जिसके कारण से जांच के लिये शिकायतो को उच्च अधिकारियो को स्थानान्तरित किया
जा रहा है। बताया जा रहा है कि 12 अगस्त 2026 को़ मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत बिना टेंड़र लगाये ही
21 लाख रूपये से अधिक का भुगतान करने और स्तरहीन विवाह साम्रगी का उपयोग करने की शिकायते जिले के
परियोजना कार्यालयो के लिये किया गया था जिसमे सीएम हेल्प लाईन 1076 की ओर से इन शिकायतो की जांच के
लिये जिला महिला एवं बाल विकास के जिला अधिकारी को जांच का दायित्व सौपा गया था। किन्तु 25 अगस्त तक
जांच अधिकारी ने ना तो मामले का निराकरण किया और ना ही इस मामले मे शिकायतकर्ता से कोई बयान आदि
लिया जिसके कारण से सीएम हेल्पलाईन 1076 के द्वारा उच्च स्तर के अधिकारी को जांच का जवाबदारी सौप दिया
गया और कलेक्टर सारंगढ़ को जांच अधिकारी बना दिया गया। जिस प्रकार से जिला महिला एवं बाल विकास
अधिकारी सारंगढ़ के द्वारा जांच का दायित्व का गंभीरता के साथ निभाया नही गया और लापरवाही किया गया
उससे साफ प्रतीत हो रहा है कि अपने ही विभाग मे हो रहा भर्राशाही को जांच अधिकारी ने सहयोग प्रदान कर
सीएम हेल्पलाईन 1076 के शिकायत की जांच नही कर संरक्षण प्रदान कर दिया। वही अब मामला कलेक्अर
सारंगढ़-बिलाईगढ़ के पास पहुंच गया है देखते है इस मामले मे क्या कार्यवाही होती है। वही दूसरी शिकायत खैरहा-
जूनाडीह-खम्हारड़ीह-पचपेड़ी सहित आसपास के आधा दर्जन गांवो तथा शहर के तीन वार्डो मे खुलने वाला चूना
पत्थर खदान को लेकर है। 1800 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल मे खुलने वाला इस प्रस्तावित चूना पत्थर खदान को लेकर
पहले से आपत्ति और आंदोलनो का दौर चल रहा है वही अब सीएम हेल्पलाईन में किया गया शिकायत में इसको
संबंधित अधिकारी को प्रेषित किया गया था जहा पर शिकायकर्ता से बिना संपर्क किये और उनका बयान पक्ष आदि
जाने के बिना ही जिले से निराकरण करने संबंधी जानकारी भेज दिया। जिला स्तर के जांच अधिकारी ने अपना
प्रतिवेदन मे इस मामले मे राज्य शासन के द्वारा किया जा रहा स्वीकृति बताकर इस मामले को निराकृत करने का
निवेदन सीएम हेल्पलाईन 1076 मे भेज दिया। बाद में शिकायतकर्ता से 1076 की टीम ने संपर्क कर उनका पक्ष
जाना और संतुष्टी संबंधी प्रश्न पूछा तो सारी बाते सामने आ गई। शिकायतकर्ता के द्वारा साफ तौर पर असंतुष्टी व्यक्त
करने से इस मामले को उच्चाधिकारियो को प्रेषित किया गया है तथा मामले में अभी जांच चल रही है। वही सारंगढ़-
बिलाईगढ़ जिले मे फ़्लाईएश का अवैध भंड़ारण के मामले में शिकायत अभी तक प्रक्रियाधीन ही बताया जा रहा है
जबकि शासकीय छोटे झाड़ के जंगल मद की सरकारी भूमि को नजूल की भूमि बताकर इसे निजी रूप से दर्ज करने की
शिकायत पर तहसीलदार सारंगढ़ को जांच कर कार्यवाही के लिये प्रेषित किया गया है। इसी प्रकार से शासकीय छोटे
झाड़ के जंगल मद की भूमि को आम रास्ता घोषित करने के मामले मे हुई शिकायत के बाद भी कोई कार्यवाही का
जिक्र अभी तक सीएम हेल्पलाई़न 1076 पर नही आया है।
कलेक्ट्रेट मे किया गया शिकायत भी रद्दी की टोकरी में?
नया जिला बना सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में सरकारी कार्यालयो मे भ्रष्ट्राचार या अनियमितता की शिकायतो पर
कार्यवाही नही होती है। कई ऐसी शिकायते है जिसका कोई अता-पता नही चल रहा है। शिकायतकर्ता के पास
जनदर्शन और पावती की कापी होने के बाद भी महीनो तक शिकायतो का कोई अता-पती नही चल पा रहा है।
कलेक्ट्रेट का जनशिकायत निवारण डेस्क के द्वारा शिकायतकर्ता से शिकायत के संबंधी में संपर्क तक करने का प्रयास
नही किया जाता है। इस कारण से सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले मे शिकायतकर्ता अपनी शिकायतो-समस्याओ को लेकर
हर सप्ताह भटकते नजर आ रहे है। बताया जा रहा है संवेदनशील कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई तत्काल कार्यवाही
करने का आदेश देती है किन्तु बाबूओ और अधीनस्थ अधिकारियो की उदासीनता से पूरा मामला ठंड़ा बस्ते मे चला
जाता है। और प्रकरण महिनो तक आफिस-आफिस खेलते हुए बीत जाता है।
महिला और बाल विकास विभाग पर मेहरबान अधिकारी?
इस संबंध में सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार जिला महिला और बाल विकास विभाग में मुख्यमंत्री सामूहिक
कन्या विवाह योजना में बिना टेंड़र के लाखो रूपये के खरीदी करने और फर्जीवाड़ा कर ऐसे फर्मो को भुगतान करने
का आरोप है जिन्होने डायरेक्ट साम्रगी सप्लाई कर दिया है। इस संवेदनशील मामले की शिकायत कलेक्टर सारंगढ़-
बिलाईगढ़ को करने के 10 दिन बाद भी एक कदम तक की कार्यवाही नही हुई है। सूत्र बताते है कि कलेक्टर ने
तत्काल इस मामलें में जांच के लिये संबंधित विभाग के समन्वयक अधिकारी को जांच करने और प्रतिवेदन देने का
निर्देश दिया है किन्तु मामला को दबाया जा रहा है और जांच में स्पष्ट रूप से दोषी पाये जाने के आसार दिखने के बाद
भी परियोजना के अधिकारियो को बचाने जांच को ठंडा किया जा रहा है। जिससे साफ प्रतीत हो रहा है कि
अनियमितता और कमीशनखोरी की सर्वाधिक शिकायतो मे सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला ने ऐसा कोई ठोस कार्यवाही
नही किया है जिससे ऐसे भ्रष्ट अधिकारियो मे जिला प्रशासन का भय व्याप्त हो ।



