
नगर पालिका सारंगढ़ में 50 लाख के निमार्ण कार्य के टेंड़र में “आपसी बंटवारा” का फामूर्ला तय? शासन को लगेगा
लाखो का चूना?
नपा के एक अधिकारी ने ठेकेदारो के बीच प्रतिस्पर्धा को किया खत्म?
आपसी समझौते में होगा एसओआर दर से 20-25 प्रतिशत अधिक का टेंड़र!
50 लाख रूपये के निमार्ण पर शासन को करना होगा 70 लाख से अधिक का भुगतान?
जहा बाकि निकाय में एसओआर दर से बिलोव जा रहा है टेंडर, वही सारंगढ़ में होगा अधिक दर पर स्वीकृति?
सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
सारंगढ़ नगर पालिका में 15वा वित्त मद से विभिन्न निमार्ण कार्यो के लिये 10 अगस्त को जारी किया गया निविदा में आपसी बंटवारा का फामूर्ला तय कर दिया गया है। नगर पालिका के एक जवाबदारी अधिकारी ने आज इस निविदा मे फार्म उठाने वाले सभी ठेकेदारो का गोपनीय बैठक लेकर काम और कमीशन का खेल का प्रारूप प्रस्तुत करते हुए
सभी का फार्म को अपने पास रख लिया है और अंतिम तिथि 2 सितंबर को 50 लाख रूपये के लगभग 7 कार्य को अब एसओआर से 20 से 25 प्रतिशत अधिक दर पर स्वीकृति के लिये निविदा फार्म भरने का काम होगा। इस आपसी बंटवारा के फामूर्ला से शासन को 50 लाख रूपये के काम के लिये लगभग् 70 लाख रूपये का भुगतान करना पड़ेगा।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार सारंगढ़ नगर पालिका को 15वां वित्त आयोग मद से विभिन्न निमार्ण कार्यो के लिये 50 लाख रूपये की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इसके लिये 10 अगस्त 2026 को नगर पालिका
सारंगढ़ के द्वारा मैनुअल निविदा (त्रि लिफाफा) पद्धती के तहत भावपत्र आमंत्रित किया है जिसमें 21 अगस्त तक आवेदन आमंत्रित किया था तथा परीक्षण उपरांत 25 अगस्त तक निविदा प्रपत्र प्रदान किया जाना था। वही आज 2 सितंबर को निविदा भरा जाना है तथा शाम 4 बजे निविदा खोला जाना है। इस बीच 1 सितंबर को नगर पालिका के एक जवाबदारी अधिकारी के द्वारा इस 7 निमार्ण कार्यो के लिये जारी निविदा के आवेदन किये हुए ठेकेदारो का एक बैठक आहूत किया तथा किसी भी प्रकार से प्रतिस्पर्धा करने से साफ मना किया है। बताया जा रहा है कि 50 लाख रूपये के इस टेंड़र में ठेकेदारो के बीच प्रतिस्पर्धा होने से एसओआर से बिलो दर पर ठेकेदारो के द्वारा भाव भरे जाने की आशंका थी किन्तु नगर पालिका के जवाबदार अधिकारी के कड़े निर्देश के कारण से ठेकेदारो ने अपने-अपने निविदा फार्म को संबंधित जवाबदार को सौप दिया तथा आफिस में बैठकर निविदा फार्म को अपने मनचाहा दर के अनुसार भरा जा रहा है और उसे 2 सितंबर को कार्यालय में जमा कर दिया जायेगा। सूत्र बताते है कि जिस निमार्ण कार्य को ठेकेदारो के द्वारा बिलोव दर पर लिया जाना था उसे अब आपसी बंटवारा होने से एबब यानि अधिक दर पर ठेकेदार को प्राप्त होगा। सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार 50 लाख रूपये के कार्य को बिलोव में करने या सामान्य दर पर करने से शासन को एक भी रूपये की क्षति नही होती उसी कार्य को प्रतिस्पर्धा का अभाव होने से अब 20 लाख रूपये तक क्षति होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि 50 लाख रूपये के निमार्ण कार्य के एवज में 70 लाख रूपये तक का भुगतान करना पड़ सकता है। बताया जा रहा है इस आपसी बंटवारा में बड़े स्तर का खेल किया गया और जिसको काम अंतिम तौर पर मिलेगा वह बाकि ठेकेदारो को 5-7 प्रतिशत का राशी का कमीशन देगा।इस शर्त पर आपसी बंटवारा संपन्न हो गया और 50 लाख रूपये का काम किस-किस ठेकेदार को किस-किस दर पर दिया जायेगा इसकी सूची को अंतिम रूप देकर आज 2 सितंबर को निविदा फार्म जमा कराया जायेगा और पूर्व नियोजित षड़यंत्र के अनुसार एसओआर से अधिक दर पर निविदा का आज चयन भी कर लिया जायेगा।
20 प्रतिशत से अधिक दर पर होगा निविदा का चयन?
बताया जा रहा है कि नगर पालिका सारंगढ़ के इस निविदा फार्म को दर्जन भर से अधिक ठेकेदारो के द्वारा उठाया गया है किन्तु भावपत्र भरकर इसे जमा करने के तिथि के पूर्व नगर पालिका में जवाबदार अधिकारी के द्वारा ठेकेदारो को बुलाया गया और आपसी बंटवारा की स्थिति को बताते हुए सभी ठेकेदारो के फार्म को अपने पास रख लिया है।
सूत्र बताते है कि ठेकेदारो के निविदा फार्म को लगभग एक जैसे हैंड़राईटिंग के द्वारा भाव भरकर नगर पालिका मे जमा किया जायेगा और एक घंटे के बाद उसी निविदा फार्म को खोला जायेगा और पूर्व से निर्धारित ठेकेदार का दर न्यूनतम होगा। सूत्र बताते है कि सभी निमार्ण कार्य के लिये लगभग 20 प्रतिशत अधिक दर पर निविदा का चयन
होने के बात पर सभी ठेकेदार सहमत हो गये है। ऐसे मे नगर पालिका का निविदा प्रक्रिया सवालो के घेरे मे आ रहा है। आपसी सहमति करके शासन को लाखो रूपये का चूना लगाने मे नगर पालिका सारंगढ़ के कुछ जवाबदार चेहरे सक्रिय नजर आ रहे है।
बहरहाल देखना है कि जिला मुख्यालय सारंगढ़ में संवेनदशील कलेक्टर इस आपसी समझौता और प्रतिस्पर्धा के अभाव वाले निविदा के मामलें मे क्या पहल करते है और शासन को लाखो रूपये के नुकसान से बचाने
क्या एक्शन लेते है।



