
वन मंडल कार्यालय भवन निर्माण में भुगतान को लेकर विवाद

ठेकेदार ने डीएफओ पर राशि रोकने का लगाया आरोप, कलेक्टर से की शिकायत; डीएफओ बोले—निर्माण की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं होने से रोका गया भुगतान
सारंगढ़ टाईम्स/सारंगढ़. सारंगढ़ वन मंडल कार्यालय के निर्माणाधीन भवन में मजदूरी भुगतान को लेकर विवाद सामने आया है। करीब 1 करोड़ 22 लाख रुपये की लागत से बन रहे वन मंडल कार्यालय भवन के निर्माण कार्य में ठेकेदार द्वारा कराए गए लगभग 10 लाख से अधिक की मजदूरी कार्य का भुगतान नहीं होने का आरोप लगाया गया है। लगभग साल भर से चल रहे निर्माण कार्य के संबंध में ठेकेदार शिवकुमार जायसवाल ने कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू से शिकायत कर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
शिकायतकर्ता ठेकेदार के अनुसार वन विभाग में भवन निर्माण के दौरान निर्माण सामग्री विभागीय टेंडर के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती है, जबकि मजदूरी से संबंधित कार्य ठेकेदारों के माध्यम से कराया जाता है। ठेकेदार का आरोप है कि भवन के भूतल के निर्माण कार्य का भुगतान तो उसे प्राप्त हुआ, लेकिन प्रथम तल में कराए गए निर्माण कार्य की मजदूरी का भुगतान अब तक नहीं किया गया है।
मजदूरों के भुगतान का भी उठाया मुद्दा
ठेकेदार ने कलेक्टर को दिए आवेदन में कहा है कि प्रथम तल के निर्माण कार्य में बड़ी संख्या में मजदूरों ने काम किया था, लेकिन भुगतान लंबित होने के कारण मजदूरों को भी उनकी मजदूरी का भुगतान करने में परेशानी हो रही है। ठेकेदार के मुताबिक इससे मजदूरों के परिवारों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति निर्मित हो गई है।

शिकायत में ठेकेदार ने यह भी बताया है कि भुगतान के संबंध में कई बार संबंधित अधिकारियों से निवेदन किया गया, लेकिन समस्या का निराकरण नहीं हो सका। ठेकेदार के अनुसार एसडीओ और डीएफओ कार्यालय में भी कई बार संपर्क किया गया, बावजूद इसके राशि का भुगतान नहीं हुआ।
बिल में नाम बदलकर भुगतान की आशंका भी जताई
कलेक्टर को दिए आवेदन में ठेकेदार ने एक गंभीर आशंका भी व्यक्त की है। आवेदन में कहा गया है कि यदि उसके कार्य का भुगतान नहीं किया गया है तो बिल-बाउचर में नाम बदलकर किसी अन्य व्यक्ति के नाम से राशि आहरित किए जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि इस संबंध में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
ठेकेदार शिवकुमार जायसवाल का कहना है कि भुगतान अटकने के कारण उसे आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और जीवन-निर्वहन तथा खेती-किसानी के लिए कर्ज लेने की स्थिति बन गई है। उसने कलेक्टर से मामले की जांच कर लंबित भुगतान दिलाने की मांग की है।
डीएफओ ने कहा—निर्माण की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं
मामले में सारंगढ़ टाइम्स की टीम ने डीएफओ विपुल अग्रवाल से चर्चा कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया। डीएफओ ने ठेकेदार द्वारा लगाए गए भुगतान रोकने के आरोपों पर कहा कि भवन निर्माण की गुणवत्ता मजबूत नहीं होने के कारण भुगतान रोका गया है।
डीएफओ के अनुसार भवन निर्माण का वर्तमान स्तर संतोषजनक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि इससे पूर्व जो निर्माण कार्य हुआ था, उसकी गुणवत्ता भी मजबूत नहीं थी, बावजूद इसके उसका भुगतान किया गया था। वर्तमान निर्माण की गुणवत्ता को लेकर विभाग द्वारा भुगतान रोके जाने की बात डीएफओ ने कही।

जांच के बाद ही साफ होगी वास्तविक स्थिति
फिलहाल मामले में ठेकेदार द्वारा लगाए गए आरोप और डीएफओ की ओर से निर्माण की गुणवत्ता को लेकर दिए गए जवाब के बीच स्थिति स्पष्ट नहीं है। एक ओर ठेकेदार लंबित भुगतान और मजदूरों की मजदूरी का हवाला देते हुए कलेक्टर से न्याय की मांग कर रहा है, वहीं विभाग निर्माण की गुणवत्ता को भुगतान रोकने का आधार बता रहा है।
ऐसे में अब नजर इस बात पर है कि कलेक्टर कार्यालय द्वारा मामले की जांच कराई जाती है या नहीं और जांच में निर्माण की गुणवत्ता, लंबित भुगतान तथा बिल-बाउचर से जुड़े आरोपों की वास्तविकता क्या सामने आती है। ठेकेदार को भुगतान मिलता है या शिकायत जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया में लंबित रहती है, यह आने वाला समय बताएगा।



