जिला- सारंगढ़ बिलाईगढ़

पट्टाधारियों को भूमि का नक्शा न मिलने से परेशानी, विधायक और वार्ड पार्षद पट्टा धारियों को लेकर पहुंचे कलेक्टर के पास कलेक्टर से कार्यवाही की मांग….

पट्टाधारियों को भूमि का नक्शा न मिलने से परेशानी, विधायक और वार्ड पार्षद पट्टा धारियों को लेकर पहुंचे कलेक्टर के पास कलेक्टर से कार्यवाही की मांग....

पट्टाधारियों को भूमि का नक्शा न मिलने से परेशानी, विधायक और वार्ड पार्षद पट्टा धारियों को लेकर पहुंचे कलेक्टर के पास कलेक्टर से कार्यवाही की मांग….

सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
क्षेत्रीय विधायक श्रीमती उत्तरी गनपत जांगड़े और वार्ड क्रमांक 14 के पार्षद सरिता गोपाल कांग्रेस नेता गनपत जांगड़े अरुण मालाकार तहसील क्षेत्र के नावापारा वार्ड क्रमांक 14 (कंवलाझर) के पट्टाधारी किसानों को साथ में लेकर कलेक्टर संजय कन्नौजे से मुलाकात किये इस दरम्यान नावापारा निवासीयो ने अपनी भूमि के राजस्व नक्शे में नाम दर्ज न होने और कब्जा अनुरूप नक्शा उपलब्ध न होने की समस्या को लेकर कलेक्टर से कार्रवाई की मांग किये है। इस संबंध में किसानों ने आवेदन प्रस्तुत कर शीघ्र समाधान की गुहार लगाई है।

आवेदकों ने बताया कि अविभाजित रायगढ़ जिले के दौरान वर्ष 1990-91 में राजस्व प्रकरण क्रमांक 39/अ-19 के तहत खसरा नंबर 279 से 328 तक की कुल 23.947 हेक्टेयर भूमि में से प्रत्येक को लगभग पांच-पांच एकड़ भूमि स्वामित्व अधिकार के साथ पट्टा प्रदान किया गया था। उक्त भूमि उनके नाम से बी-1 खसरा रिकॉर्ड में दर्ज है तथा किसान किताब भी जारी की जा चुकी है। इसके बावजूद
राजस्व नक्शे में कब्जा काश्त अनुसार नाम दर्ज नहीं होने से उन्हें विभिन्न शासकीय कार्यों में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों के अनुसार उन्होंने 28 अप्रैल 2026 को कलेक्टर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया था,

जिस पर टीएल क्रमांक-622 के तहत मामला दर्ज कर तहसीलदार सारंगढ़ को जांच के निर्देश दिए गए। जांच के दौरान राजस्व निरीक्षक ने प्रतिवेदन में उल्लेख किया कि संबंधित भूमि मूल नक्शे में खसरा नंबर 278 के अंतर्गत दर्शाई गई है और इसे वन विभाग की भूमि बताया गया है, जिसके कारण यह राजस्व नक्शे में पृथक रूप से दर्ज नहीं हो पाई है। स्थल जांच पंचनामा में यह भी उल्लेखित है कि वन विभाग के कॉम्पार्टमेंट नंबर 883/पीएफ के कुल 195.5 हेक्टेयर क्षेत्र में से 23.947 हेक्टेयर भूमि का पट्टा पूर्व में दिया जा चुका है। हालांकि, वन विभाग के नक्शे से भूमि का पृथक्करण या बटांकन करना फिलहाल संभव नहीं बताया गया है।

साथ ही यह भी कहा गया है कि वन विभाग द्वारा जीपीएस सर्वे के माध्यम से मामले की पुनः जांच की जाएगी। विधायक उत्तरी गनपत जांगड़े और वार्ड पार्षद सरिता गोपाल के साथ ही आवेदकों का कहना है कि पूर्व में भी आवेदन दिए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि वन विभाग के नक्शे से संबंधित भूमि को राजस्व विभाग में जोड़ा जाए और कब्जा अनुरूप पृथक- पृथक नक्शा ऑनलाइन दर्ज कराने के निर्देश दिए जाएं, ताकि उन्हें उनके भूमि अधिकारों का पूर्ण लाभ मिल सके। आवेदनकर्ताओं में मांगमती, धनाराम रात्रे, जगदीश, यादव प्रसाद, शोभाराम, त्रिनाथ, मंगली और समारू सहित अन्य ग्रामवासी शामिल हैं, जिन्होंने प्रशासन से शीघ्र न्याय की अपेक्षा जताई है

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