जिला- सारंगढ़ बिलाईगढ़

सारंगढ़-बिलाईगढ़ के धान खरीदी केन्द्रो में अभी भी 4 हजार क्विंटल धान का उठाव नही? मौके पर एक भी बोरी धान नही?

सारंगढ़-बिलाईगढ़ के धान खरीदी केन्द्रो में अभी भी 4 हजार क्विंटल धान का उठाव नही? मौके पर एक भी बोरी धान नही?

सारंगढ़-बिलाईगढ़ के धान खरीदी केन्द्रो में अभी
भी 4 हजार क्विंटल धान का उठाव नही? मौके पर एक भी बोरी धान नही?

साल्हेओना धान खरीदी केन्द्र में ही 3142
क्विंटल धान शेष?
साल्हेओना में फड़ पर नही है एक भी बोरा
धान?
सवा करोड़ रूपये धान का अफरा-तफरी? राईस मिलो का डीओ काटकर समायोजन करने की
कोशिश जारी
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के अधिकांश धान खरीदी केन्द्र में शून्य करने के चक्कर में चल रहा है
डीओ काटने का खेल?

सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला विकासखंड़ के साल्हेओना धान खरीदी केन्द्र के फड़ में 3 हजार क्विंटल से अधिक का धान बाकि है। जबकि मौके पर एक भी बोरा धान नही है। वही पूरे जिले में 14 धान खरीदी केन्द्र में 4 हजार क्विंटल से अधिक का धान उठाव बाकि है। कागजो पर बचत बता रहा धान वास्तव मे सिर्फ कागज पर है वास्तव मे एक भी बोरा धान फड़ में नही है। कमी को पूरा करने के लिये राईस मिलर्स के नाम पर डीओ काटा जा रहा है और समिति में धान को शून्य बताने का खेल जारी है। राईस मिलर्स और धान खरीदी केन्द्र का हनीमून से
सरकार को फिर लंबा चूना लगाये जाने की तैयारी चल रही है।

धान खरीदी का कार्य संपन्न होने के लगभग दो माह बाद भी जिले के विभिन्न
सहकारी समितियो से धान का उठाव का काम शत-प्रतिशत पूरा नही हो पाया है। जिले के 14 धान खरीदी केन्द्रो से अभी भी धान का उठाव शतप्रतिशत नही हुआ है। लगभग 4 हजार क्विंटल धान का उठाव नही हो पाया है जिसके लिये राईस मिलर्स को डीओ काटा जा रहा है किन्तु मौके पर अवलोकन करने पर ज्ञात हो रहा है कि फड़ में एक भी बोरा धान नही है। बरमकेला ब्लाक के साल्हेओना सोसायटी में एक भी बोरा धान बाकि नही दिख रहा है जबकि आज के डेट में वहा पर 3142 क्विंटल धान बाकि होना था। अर्थात लगभग 7800 बोरी धान फड़ के स्टाक में रहना था किन्तु एक भी बोरी धान वहा पर नही है। अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 97 लाख रूपये का धान का अफरा-तफरी पहली ही नजर में साफ तौर पर दिख रहा है। बताया जा रहा है कि साल्हेओना धान उर्पाजन केन्द्र में 73820 क्विंटल धान का उर्पाजन किया

गया है और अब तक 70677 क्विंटल धान का उठाव हुआ है किन्तु आज की तारीख में 3142 क्विंटल धान का उठाव नही हो पाया है। प्रशासन ने आज ही धान उठाव का काम पूरा करने कासख्त निर्देश दिया है किन्तु 3142 क्विंटल धान को एक ही दिन में उठाव करने का कार्य पूरा करने पर संदेह उत्पन्न हो रहा है। बताया जा रहा है कि लगभग 97 लाख रूपये के मूल्य के इस धान को समायोजन करने की तैयारी चल रही है। राईस मिल के नाम पर जल्द ही डीओ काटकर साल्हेओना समिति के नाम पर धान का बचत शून्य बताया जायेगा किन्तु इस खेल में  धान की अफरा-तफरी का बड़ा खेल जिले मे उजागर हो गया है। धान खरीदी केन्द्र में स्टाक “शून्य” करने के चक्कर में जमकर चला डीओ का खेल? सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में धान खरीदी केन्द्र में बचत धान को शून्य करने के लिये डीओ का सहारा लिया गया है। राईस मिलो के नाम पर काटा गया डीओ में धान कागज पर उठ गया किन्तु भौतिक सत्यापन मे राईस मिलो मे धान की उतनी मात्रा नही मिलेगी जितने की डीओ
काटा गया है तथा धान उठाया गया है। सूत्रो की माने तो रबी फसल से कमी को पूरा करने के लिये बड़े स्तर पर डीओ और समिति के बीच सामंजस्य का बड़ा खेला गया है। इस कारण से कागजो पर डीओ काटकर धान का उठाव दर्शा दिया गया है किन्तु वास्तव मे धान का बड़ा अंतर धान खरीदी में सामने आ रहा है। जिसको नियंत्रित करने के लिये समिति प्रबंधक और राईस मिलर्स के साथ सरकारी अधिकारी का त्रिकोणीय प्रेम है जिससे यहा पर सब कुछ वेल चल रहा है। बताया जा रहा है कि कई राईस मिलर्स को डीओ के बदले में नगद भुगतान का भी
किया गया है ताकि डीओ की मात्रा का धान राईस मिलर्स खरीद कर उसकी पूर्ति कर सकें। अगर राईस मिल में भौतिक सत्यापन करा दिया जाये तो डीओ मे उठाया गया धान और राईस मिल में उपलब्ध स्टाक में बड़ा अंतर सामने आ जायेगा जो यह बताने के लिये पर्याप्त है कि

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलो मे फिर करोड़ो रूपये का खेल कितनी आसानी से खेल दिया गया और जिला प्रशासन को हवा तक नही लगा। साल्हेओना धान खरीदी केन्द्र में 3142 क्विंटल धान शेष, मौके पर 1 बोरा भी नही! सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला के बरमकेला ब्लाक के साल्हेओना धान खरीदी केन्द्र में 3142 क्विंटल धान शेष
बता रहा है किन्तु मौके पर एक भी बोरी धान नही है। शाम 4 बजे धान खरीदी केन्द्र साल्हेओना का किया गया अवलोकन और मौके का फोटो बता रहा है कि डीओ का खेल खेलकर सब कुछ शून्य करने के लिये अधिकारी और धान माफियाओ के बीच डील पूरी हो चुकी है और 15 अप्रैल तक सबकुछ सामान्य हो जायेगा। लगभग 97 लाख रूपये के धान के अफरा-तफरी को डीओ के खेल में सामान्य बनाने में बड़े लेबल पर खेल हो रहा है। डीओ के इस खेल में 48 घंटे के अंदर धान उठाने का बड़ा खेल कागजो पर खेल दिया जायेगा।

कहा-कहा बाकि है आज भी धान?

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला के 14 धान उर्पाजन केन्द्र में अभी भी 4 हजार क्विंटल से अधिक मात्रा में धान का उठाव नही हो पाया है। जिसमें साल्हेओना धान उर्पाजन केन्द्र में 3142 क्विंटल, पंचधार में 380 क्विंटल, सलौनीकला में 141 क्विंटल, पुरगांव में 139 क्विंटल, धनसीर में 121 क्विंटल, भण्डोरा में 119 क्विंटल, धनगांव में 99 क्विंटल,रमतला में 97 क्विंटल, टुण्डरी में 80 क्विंटल, कुम्हारी में 80 क्विंटल,
सोहागपुर में 47 क्विंटल, रामपुर में 39 क्विंटल,जोरा में 28 क्विंटल और दुरूग में 7 क्विंटल धान बाकि है। आश्चर्यजनक रूप से सारंगढ़ विकासखंड़ के सभी सोसायटी में एक भी बोरा धान बाकि नही है जिससे संदेह उत्पन्न हो रहा है। हर वर्ष करोड़ो रूपये के धान की कमी देने वाला सारंगढ़ मे एक भी बोरा धान का उठाव शेष नही होना बड़ा खेल की ओर ईशारा कर रहा है। सारंगढ़ के राईस मिलो मे भौतिक
सत्यापन किये जाने पर कई प्रकार के घपला और घोटाला सामने आ सकता है।

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