
सारंगढ़-बिलाईगढ़ में पदस्थ ई-जिला तकनिकी प्रबंधक गंगाधर विश्वकर्मा की नियुक्ति सवालो के घेरें में? फर्जी अनुभव प्रमाण पत्रो के सहारे नियुक्ति का लगा आरोप?,

शिकायतकर्ताओ ने कई मंचो पर किया शिकायत,
9 वर्ष और 16 माह का अनुभव दर्शाया गया दस्तावेजों में,
अलग-अलग जिलो के विज्ञापन में अलग-अलग अनुभव दर्शाया
गया,
सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में ई-जिला प्रबंधक के पद पर नियुक्ति हुए गंगाधर विश्वकर्मा की नियुक्ति संबंधी जिन्न बोतल से बाहर निकल आया है। नये बने पांच जिलो मे अलग-अलग वर्ष का अनुभव प्रमाण पत्र दर्शाने वाले गंगाधर विश्वकर्मा पर सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में 9 वर्ष 16 माह का अनुभव बताया है जबकि सक्ती में 5 वर्ष 9 माह, मोहला-मानपुर जिला में 6 वर्ष 9 माह,खैरागढ़-छुईखदान में 6 वर्ष,मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी में 6 वर्ष 9 माह का दस्तावेज जमा किया गया है। शिकायकर्ताओ के अनुसार सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में हुआ उनकी नियुक्ति में दिया गया अनुभव प्रमाण पत्र को फर्जी बता कर शिकायत किया गया है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार हेंमंत कुमार कोटा बिलासपुर, विशाल रंजन, सरगवा, मस्तूरी, बिलासपुर तथा साजिद खान, मंगला बिलासपुर ने कलेक्टर सारंगढ़-बिलाईगढ़ तथा छत्तीसगढ़ शासन के कई विभागो को शिकायत किया है कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में ई-जिला प्रबंधक के पद पर नियुक्ति किया गया गंगाधर विश्वकर्मा की नियुक्ति संदेह के घेरे मे है। उन्होने आरोप लगाया है
कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में ई-जिला प्रबंधक के पद पर नियुक्ति के लिये जब विज्ञापन प्रकाशित हुआ था उसी समय नये बने 5 नये जिलो मे भी ई-जिला प्रबंधक की नियुक्ति संबंधी विज्ञापन निकला था।
इन सभी जिला के ई-जिला प्रबंधको के विज्ञापनो में आवेदक गंगाधर विश्वकर्मा ने अलग-अलग अनुभव का वर्ष प्रविष्ट किया तथा संबंधित अनुभव प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया है जिसके कारण से पहली ही नजर में उनका नियुक्ति संदेह के दायरे में है। शिकायतकर्ताओ का कहना है कि उनकी शिकायत पर जांच कराने के स्थान पर शिकायत को ही रफा-दफा कर दिया गया है। वही उनकी ईच्छा है कि पूरे मामले मे सूक्ष्म जांच कराकर दोषी अभ्यर्थी पर कडी कार्यवाही किया जाये। दरअसल कलेक्टर सारंगढ़-बिलाईगढ़ के द्वारा 22 अगस्त 2024 को ई-जिला तकनिकी प्रबंधक के पद का विज्ञापन प्रकाशित किया था जिसमें अन्य उम्मीदवारो के साथ गंगाधर विश्वकर्मा ने भी आवेदन किया था। जिसमें 30 अगस्त तक आवेदन करने का समय दिया गया तथा 24 सितंबर तक नियुक्ति की प्रक्रिया पूर्ण कर दिया गया।
इसमें कुल 34 अभ्यर्थियो ने आवेदन जमा किया था जिसमे से केवल 7 उम्मीदवारो को ही पात्र पाया गया तथा दावा-आपत्ति के बाद किया गया इंटरव्यूह में सभी को
बुलाया गया। 23 सितंबर को किया गया इंटरव्यूह के बाद 24 सितंबर 2024 को अंतिम चयन सूची जारी कर दिया गया जिसमें गंगाधर विश्वकर्मा को चयनित किया गया। गंगाधर विश्वकमौ को 9 वर्ष और 16 माह का अनुभव को भी चयनित लिस्ट में दर्शाया गया है। सभी प्रक्रिया इतनी जल्दी किया गया है कि 9 वर्ष और 16 वर्ष का अनुभव को 10 वर्ष 4 माह लिखने मे भी अधिकारियो को पसीना आ गया और अंतिम चयनित सूची में भी 9 वर्ष 16 माह का अनुभव दर्शाते हुए चयन सूची जारी कर दिया गया। बताया जा रहा है चयन के बाद पदभार ग्रहण करके दो वर्ष से गंगाधर विश्वकर्मा अभी सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला के ई-जिला तकनिकी प्रबंधक के पद पर कार्यरत है। वही उनकी नियुक्ति को सवालो के घेरे में रखते हुए शिकायतकर्ता हेंमंत कुमार कोटा बिलासपुर, विशाल रंजन, सरगवा, मस्तूरी, बिलासपुर तथा साजिद खान, मंगला बिलासपुर ने कलेक्टर सारंगढ़-बिलाईगढ़ तथा छत्तीसगढ़ शासन के कई विभागो को लिखित में शिकायत किया है
किन्तु आज तक बड़ी कार्यवाही नही होने से ई-तकनिकी प्रबंधक गंगाधर विश्वकर्मा सारंगढ़ के कलेक्टोरेट मे आराम से पदस्थ है और प्रतिमाह बड़ी राशी बतौर वेतन प्राप्त कर रहे है। शिकायतकर्ताओ ने बताया कि जिस समय सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला का ई-तकनिकी प्रबंधक के पद का विज्ञापन निकला था उसी समय 5 और अन्य जिलों में भी ई-तकनिकी प्रबंधक का पद विज्ञापित हुआ था। जिसमें सभी जिलो में गंगाधर विश्वकर्मा के द्वारा आवेदन किया गया था किन्तु हर जिले मे विज्ञापन में दर्शाया गया उनका अनुभव प्रमाण पत्र अलग-अलग अवधि का था। शिकायतकर्ताओ ने बताया कि 15 सितंबर 2023 को जिला सक्ती में ई-तकनिकी प्रबंधक के पद पर गंगाधर विश्वकर्मा ने आवेदन किया और अपना अनुभव 5 वर्ष 9 माह दर्शाया है। वही 16 सितंबर 2023 को जिला मोहला- मानपुर जिला में ई-तकनिकी प्रबंधक के पद पर गंगाधर विश्वकर्मा ने अपना अनुभव 6 वर्ष 9 माह दर्शाया है अर्थात एक दिन के अंतराल मे उनका अनुभव 1 वर्ष बढ़ गया। वही 26 सितंबर 2023 को जिला खैरागढ़-छुईखदान में ई-तकनिकी प्रबंधक के पद पर गंगाधर विश्वकर्मा ने अपना अनुभव 6 वर्ष बताया है अर्थात 10 दिन बाद उनका अनुभव 9 माह कम हो गया।
वही 4 जुलाई 2024 को जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भारतपुर में ई-तकनिकी प्रबंधक के पद पर गंगाधर विश्वकर्मा ने अपना अनुभव 6 वर्ष 9 माह बताया है अर्थात एक वर्ष बाद भी उनका अनुभव यथावत रहा है। वही 22 अगस्त 2024 को सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में ई-तकनिकी प्रबंधक के पद पर गंगाधर विश्वकर्मा ने अपना अनुभव 9 वर्ष 16 माह दर्शाया है अर्थात 1 माह में ही इनका अनुभव 3 वर्ष 7 माह बढ़ गया जिसके कारण से उनका अनुभव प्रमाण पत्र पहली ही नजर में संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। वही सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में ई- तकनिकी प्रबंधक के पद पर नियुक्ति के लिये जिस प्रकार से जिला प्रशासन ने रूचि दिखाई तथा महज
32 दिन में विज्ञापन से लेकर दावा-आपत्ति और इंटरव्यूह किया तथा नियुक्ति दे दिया उससे साफ प्रतीत हो रहा है शैक्षणिक योग्यता तथा अनुभव प्रमाण पत्र का सत्यापन तक संबंधित संस्थानो से नही कराया गया है जिसके कारण से 32वां दिन अभ्यर्थी को नियुक्ति तक प्रदान कर दिया है।
शिकायतकर्ताओ ने पूरे मामले में लिखित शिकायत करते हुए इस नियुक्ति में
दर्शाया गया अनुभव प्रमाण को संदिग्ध बताते हुए इसकी जांच की मांग किया था तथा 9 वर्ष 16 माह के अनुभव को दर्शाने वाले आवेदक गंगाधर विश्वकर्मा की नियुक्ति को निरस्त करने की मांग की है। किन्तु सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला कलेक्टर ने पूरे मामले में जांच टीम तक नही बनाया और गंगाधर विश्वकर्मा को एक हिसाब से संरक्षण प्रदान कर दिया। बहरहाल अब देखना है कि ई-तकनिकी प्रबंधक के पद पर कार्यरत गंगाधर विश्वकर्ता की नियुक्ति को लेकर जिला प्रशासन क्या कार्यवाही करता है। उनका दिया गया अनुभव प्रमाण पत्र तथा अन्य शैक्षणिक योग्यता तथा अनुभव संबंधी प्रमाण पत्र का सत्यापन कराता है या नही।



