जिला- सारंगढ़ बिलाईगढ़

सारंगढ़ में युवाओ के बीच नशा के लिये “मेडिसीन” का बढ़ रहा है प्रभाव? आसानी से उपलब्ध है नशीली दवा,

सारंगढ़ में युवाओ के बीच नशा के लिये “मेडिसीन” का बढ़ रहा है प्रभाव? आसानी से उपलब्ध है नशीली दवा,

सारंगढ़ में युवाओ के बीच नशा के लिये “मेडिसीन” का बढ़ रहा है प्रभाव? आसानी से उपलब्ध है नशीली दवा,

युवाओ मे नशे के लिये दवाओ का उपयोग बढ़ रहा,
कार्यवाही के अभाव में खुलेआम बिक रहा है नशा की दवाअ?
नशे के लत में डूबे दिख रहे है युवा वर्ग?

सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में युवाओ को नशे की ओर आर्कषित करने मे नशीली दवाओ का रोल महत्वपूर्ण हो गया है। जिले के कई मेडिकल स्टोर्स में नशे की दवा आसानी से उपलब्ध है। युवा वर्ग नशे के लिये दवाओ का उपयोग कर रहा है। वही युवाओ में बढ़ते नशे के कारण से अपराध की संख्या मे बढ़ोत्तरी हो रही है। नशे के खिलाफ युवाओ मे जागरूकता नही फैलाने पर सारंगढ़ जल्द ही उड़ता सारंगढ़ के रूप में जाना जायेगा। नशा एक बड़ी समस्या के रूप में सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सामने आ रहा है। शराब और गांजा के साथ-साथ नशा के लिये दवाओ का उपयोग से यह समाज के घातक साबित हो रहा है। युवा वर्ग नशे की गिरफ्त में घिरा दिख रहा है। शराब के साथ गांजा नशा के लिये सारंगढ़ में आम साम्रगी के रूप मे जाने जाते है किन्तु नशीली दवा से युवा वर्ग नशे की चपेट में दिख रहा है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में आसानी से नशीली दवा मिल जा रही है। वही व्हाईटनर और साल्युलेंसन का भी उपयोग नशे के सामान के रूप मे करने की शिकायते लगातार आ रही है।

युवाओ को जागरूक कर नशे से दूर रखने के लिये सतत् अभियान चलाने की आवश्यकता महसूस हो रही है। सोशल मिडिया पर नशे का ग्लैमर सर चढ़कर बोल रहा है और युवा वर्ग इससे अछूता नही है। सिगरेट और पाऊच के साथ शराब और गांजा को नशा के प्रमुख साम्रगी माना जाता है किन्तु नशीली दवाओ का क्रेज युवाओ में बढ़ता ही जा रहा है जो कि युवाओ के स्वस्थ मस्तिष्क को दूषित कर दे रहा है। छोटे उम्र के युवाओ मे नशे का लत साफ तौर पर देखा जा सकता है। गांव-गांव में नशीली दवाओ का सप्लाई से नशे का सामान आसानी से उपलब्ध हो जा रहा है जिसके कारण से ग्रुप बनाकर रहने वाले युवाओ का बड़ा संख्या नशे की ओर अग्रसर दिख रहा है। नशे के सामान की उपलब्धता पर प्रहार से ही युवाओ को नशे से दूर रखा जा सकता है।

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले मे नशे के सामान के तौर पर सर्वाधिक ज्यादा पसंद
शराब को किया जाता है तथा गांजा की उपलब्धता भी यहा पर सामान्यत तौर है। वही अब युवाओ के बीच नशीली दवाओ का बढ़ता क्रेज से आक्रोशित अपराध की संख्या मे लगातार बढ़ोत्तरी भी हो रही है। बताया जा रहा है कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में सबसे आम नशीले पदार्थ में शराब और गांजा को गिना जाता है। हालांकि पुलिस और आबकारी विभाग अवैध शराब के निर्माण और गांजा की खेती/बिक्री के मामलों में कई कार्यवाही किया है तथा कई गिरफ्तारियां की हैं। किन्तु युवाओ के बीच शराब और गांजा की आपूर्ति सामान्य है। वही राष्ट्रीय स्तर के सर्वेक्षणों के
अनुसार, भारत में ओपियोइड (जैसे अफीम, हेरोइन, मॉर्फिन, कोडीन) का दुरुपयोग आम है।

इन दवाओं के दर्द निवारक के रूप में वैध रूप से उपयोग किए जाते हैं, लेकिन इनका दुरुपयोग भी होता है। वही प्रिस्क्रिप्शन के बिना या पुराने प्रिस्क्रिप्शन पर मेडिकल स्टोर से खरीदी गई कुछ दवाएं भी नशे के लिए उपयोग की जाती हैं। इसमे दर्द निवारक दवा ट्रैमाडोल, प्रोपोक्सीफीन युक्त दवाओ का मुख्य नाम है। साथ ही अल्प्राज़ोलम, डायज़ेपाम, और लोराज़ेपाम जैसी दवाएं, जिनका उपयोग नींद या चिंता के इलाज के लिए किया जाता है, लेकिन नशे के लिए दुरुपयोग के लिये युवाओ के द्वारा किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला के कई मेडिकल स्टोर्स में नशीली दवाओ का उपलब्धता आसानी से है जिसके कारण से युवाओ के बीच नशे के लिये मेडिकल दवाओ का उपयोग सर्वाधिक लोकप्रिय हो रहा है।

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