
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के 81 राईस मिलर्स ने एफसीआई का चावल दबाया?
वर्ष 23-24 में दिया गया था धान, मिलर्स ने एफसीआई में नहीं दिया चावल,
सारंगढ़-बिलाईगढ़ के 81 मिलर्स से वसूलनी है धान की कीमत
सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
एक बार फिर एफसीआई द्वारा दी गई मियाद खत्म हो गई। मिलर्स ने 23-24 का चावल अब भी जमा नहीं किया। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के 81 मिलर्स ने धान उठाया लेकिन एफसीआई को चावल नहीं दिया। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में राईस मिलर्स की गर्दन भारतीय खाद्य निगम में फंसी हुई है। वर्ष 23-24 में एफसीआई का कोटा पूरा करने के लिए मिलर्स ने धान तो उठा लिया लेकिन चावल नहीं दे सके। चार बार एक्स्टेंशन मिलने के बावजूद चावल जमा नहीं किया गया।
22 फरवरी को अंतिम एक्सटेंशन भी खत्म हो गया है। तरह सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले में 80 मिलर्स को 433170 क्विंटल अरवा और एक मिलर को 14 क्विंटल उसना चावल देना बाकी है। धान उठाव हुए एक साल से ज्यादा समय बीत चुका है। छग शासन खाद्य विभाग और मार्कफेड ने इस चावल की वसूली बीजी से करने का आदेश दे दिया था लेकिन मिलर्स के निवेदन पर कुछ दिन की मोहलत दे दी। अब समय गुजर चुका है। ऐसे भी करीब 50 राईस मिलर्स हैं जिन्होंने नान और एफसीआई दोनों का कोटा पूरा किया है। उन्होंने 23-24 का पूरा चावल एफसीआई में जमा कर दिया। ऐसे मिलर्स ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं क्योंकि उन्होंने समय पर काम किया। जिन्होंने नहीं
किया, उनको सरकार अतिरिक्त सुविधा दे रही है। समन्वय के लिए कुछ मिलर्स को कहा गया है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के राईस मिलर्स जिन्होने अरवा चावल जमा नही किया
मिल का नाम शेष अरवा चावल
गोमती फूड्स 19705 क्विं.
गोपाल राईस मिल 17053 क्विं.
महालक्ष्मी राईस मिल 14651 क्विं.
शर्मा राईस मिल 13983 क्विं.
करन राईस मिल 12739 क्विं.
राधे राईस मिल 11466 क्विं.
जय भवानी मिल 10846 क्विं.
राहुल राईस मिल 10717 क्विं.
चिराग फूड्स 10419 क्विं.
शिवम राईस मिल 10304 क्विं.
मां समलेश्वरी फूड्स 10270 क्विं.
मां देवसरवाली मिल 10025 क्विं.
विजय राईस मिल 9803 क्विं.
मां वैष्णोदेवी मिल 9619 क्विं.
तारिणी राईस मिल 8980 क्विं.